22 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बांकीपुर हार के बाद नीरज सिन्हा का पलटवार: 'पीके दूसरे दलों का बिजनेस करते थे, मैं बूथ पर काम करता रहा'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बांकीपुर हार के बाद नीरज सिन्हा का पलटवार: 'पीके दूसरे दलों का बिजनेस करते थे, मैं बूथ पर काम करता रहा'

सारांश

बांकीपुर में हार के बाद BJP के नीरज सिन्हा ने प्रशांत किशोर पर पलटवार किया — 'पीके दूसरे दलों का बिजनेस करते थे, मैं बूथ पर काम करता रहा।' RJD वोटरों के जन सुराज की ओर जाने को उन्होंने हार की असली वजह बताया।

मुख्य बातें

बांकीपुर उपचुनाव में BJP उम्मीदवार नीरज सिन्हा जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर से पराजित हुए।
सिन्हा ने कहा कि प्रशांत किशोर 2016 से 2025 तक दूसरे राजनीतिक दलों के लिए चुनावी रणनीतिकार के रूप में काम करते रहे।
सिन्हा ने दावा किया कि वे उसी दौरान बूथ स्तर पर जमीनी पार्टी कार्यकर्ता के रूप में सक्रिय रहे।
RJD के कोर वोटरों का जन सुराज की ओर जाना हार की प्रमुख वजह बताई गई; RJD की जमानत जब्त हुई।
सिन्हा ने BJP-NDA के वार्षिक रोजगार मेलों का हवाला देते हुए पीके के नौकरी वादों को नया नहीं बताया।

बांकीपुर उपचुनाव में जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर से पराजित हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार नीरज सिन्हा ने 21 अगस्त 2026 को प्रशांत किशोर को जीत की बधाई देते हुए उन पर तीखा राजनीतिक प्रहार किया। सिन्हा ने कहा कि 2016 से 2025 तक जहाँ प्रशांत किशोर दूसरे राजनीतिक दलों के लिए चुनावी रणनीतिकार के रूप में काम करते रहे, वहीं वे स्वयं एक साधारण पार्टी कार्यकर्ता के रूप में बूथ स्तर पर जमीनी काम करते रहे।

नीरज सिन्हा ने क्या कहा

सिन्हा ने कहा, 'हम एक सामान्य कार्यकर्ता हैं, हमेशा जमीन पर काम किए हैं। मंडल अध्यक्ष का जो काम रहा है, हम आज भी अपने क्षेत्र में काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की तरफ से जो काम छूटा हुआ था, वह पूरा करवा रहे हैं। मुझमें कोई बदलाव नहीं आया है। मैं जनता के बीच रहता हूं।'

प्रशांत किशोर पर सीधा निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, 'प्रशांत किशोर 2016 से 2025 तक दूसरे दल के बिजनेस के तौर पर काम करते थे। मैं उसी अवधि में पार्टी के एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में जमीनी स्तर पर काम करता रहा। वो विधायक बने हैं, मैं बधाई देता हूं — लेकिन मैं नया कार्यकर्ता नहीं हूं, शुरू से बूथ लेवल पर काम करता आया हूं।'

रोजगार वादों पर सवाल

प्रशांत किशोर द्वारा चुनाव प्रचार के दौरान किए गए नौकरी के वादों को लेकर सिन्हा ने कहा कि BJP-NDA सरकार पहले से ही हर साल रोजगार मेला आयोजित कर युवाओं को नियुक्ति पत्र दे रही है। उनके अनुसार, यह कोई नया वादा नहीं, बल्कि सरकार की चल रही नीति का हिस्सा है।

हार की वजह और RJD का जिक्र

सिन्हा ने पराजय के लिए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के मतदाताओं के रुख को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, 'आरजेडी और भाजपा के बीच हमेशा टक्कर रही है। इस बार आरजेडी के सभी कार्यकर्ता और कोर वोटर प्रशांत किशोर के खेमे में चले गए, जिसके चलते आरजेडी की जमानत तक जब्त हो गई।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके अपने कार्यकर्ता और मतदाता उनके साथ बने रहे।

विकास कार्यों का दावा

सिन्हा ने अपने क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि मीठापुर, आनंदपुरी और कृष्णापुरी जैसे इलाकों में पहले आने-जाने में घंटों लगते थे, जो अब मिनटों में संभव है। उन्होंने नाली, गली, सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के समाधान का श्रेय NDA सरकार को दिया। गौरतलब है कि बांकीपुर पटना का एक शहरी विधानसभा क्षेत्र है, जहाँ बुनियादी ढाँचे की माँग लंबे समय से चुनावी मुद्दा रही है।

आगे की राह

पराजय के बावजूद सिन्हा ने स्पष्ट किया कि वे जमीनी राजनीति से पीछे नहीं हटेंगे और पार्टी कार्यकर्ता के रूप में काम जारी रखेंगे। यह उपचुनाव परिणाम बिहार की राजनीति में जन सुराज पार्टी की बढ़ती उपस्थिति और पारंपरिक दलों के मतदाता आधार पर उसके असर को रेखांकित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि स्थापित दलों से बढ़ती निराशा का संकेत है। बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले यह नतीजा NDA के लिए एक चेतावनी है कि शहरी मतदाता अब संगठनात्मक वफ़ादारी से परे विकल्प तलाश रहा है।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांकीपुर उपचुनाव में कौन जीता?
जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर बांकीपुर उपचुनाव जीते। BJP उम्मीदवार नीरज सिन्हा इस चुनाव में पराजित हुए और RJD की जमानत जब्त हो गई।
नीरज सिन्हा ने प्रशांत किशोर पर क्या आरोप लगाए?
सिन्हा ने कहा कि प्रशांत किशोर 2016 से 2025 तक दूसरे राजनीतिक दलों के लिए चुनावी रणनीतिकार के रूप में 'बिजनेस' करते रहे, जबकि वे स्वयं एक साधारण पार्टी कार्यकर्ता के रूप में बूथ स्तर पर काम करते रहे।
BJP की हार की वजह नीरज सिन्हा ने क्या बताई?
सिन्हा के अनुसार RJD के सभी कार्यकर्ता और कोर वोटर इस बार प्रशांत किशोर के पक्ष में चले गए, जिससे RJD की जमानत जब्त हुई और BJP को नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं पर भरोसा जताया।
नीरज सिन्हा ने प्रशांत किशोर के रोजगार वादों पर क्या कहा?
सिन्हा ने कहा कि BJP-NDA सरकार पहले से ही हर साल रोजगार मेला लगाकर युवाओं को नियुक्ति पत्र दे रही है, इसलिए पीके का रोजगार का वादा कोई नई बात नहीं है।
बांकीपुर उपचुनाव का बिहार की राजनीति पर क्या असर है?
यह नतीजा बिहार में जन सुराज पार्टी की बढ़ती राजनीतिक उपस्थिति को दर्शाता है। RJD के परंपरागत वोटरों का जन सुराज की ओर जाना यह संकेत देता है कि पटना के शहरी क्षेत्रों में स्थापित दलों का आधार कमजोर हो रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 2 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 2 सप्ताह पहले
  6. 2 सप्ताह पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले