बांकीपुर हार के बाद नीरज सिन्हा का पलटवार: 'पीके दूसरे दलों का बिजनेस करते थे, मैं बूथ पर काम करता रहा'
सारांश
मुख्य बातें
बांकीपुर उपचुनाव में जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर से पराजित हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार नीरज सिन्हा ने 21 अगस्त 2026 को प्रशांत किशोर को जीत की बधाई देते हुए उन पर तीखा राजनीतिक प्रहार किया। सिन्हा ने कहा कि 2016 से 2025 तक जहाँ प्रशांत किशोर दूसरे राजनीतिक दलों के लिए चुनावी रणनीतिकार के रूप में काम करते रहे, वहीं वे स्वयं एक साधारण पार्टी कार्यकर्ता के रूप में बूथ स्तर पर जमीनी काम करते रहे।
नीरज सिन्हा ने क्या कहा
सिन्हा ने कहा, 'हम एक सामान्य कार्यकर्ता हैं, हमेशा जमीन पर काम किए हैं। मंडल अध्यक्ष का जो काम रहा है, हम आज भी अपने क्षेत्र में काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की तरफ से जो काम छूटा हुआ था, वह पूरा करवा रहे हैं। मुझमें कोई बदलाव नहीं आया है। मैं जनता के बीच रहता हूं।'
प्रशांत किशोर पर सीधा निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, 'प्रशांत किशोर 2016 से 2025 तक दूसरे दल के बिजनेस के तौर पर काम करते थे। मैं उसी अवधि में पार्टी के एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में जमीनी स्तर पर काम करता रहा। वो विधायक बने हैं, मैं बधाई देता हूं — लेकिन मैं नया कार्यकर्ता नहीं हूं, शुरू से बूथ लेवल पर काम करता आया हूं।'
रोजगार वादों पर सवाल
प्रशांत किशोर द्वारा चुनाव प्रचार के दौरान किए गए नौकरी के वादों को लेकर सिन्हा ने कहा कि BJP-NDA सरकार पहले से ही हर साल रोजगार मेला आयोजित कर युवाओं को नियुक्ति पत्र दे रही है। उनके अनुसार, यह कोई नया वादा नहीं, बल्कि सरकार की चल रही नीति का हिस्सा है।
हार की वजह और RJD का जिक्र
सिन्हा ने पराजय के लिए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के मतदाताओं के रुख को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, 'आरजेडी और भाजपा के बीच हमेशा टक्कर रही है। इस बार आरजेडी के सभी कार्यकर्ता और कोर वोटर प्रशांत किशोर के खेमे में चले गए, जिसके चलते आरजेडी की जमानत तक जब्त हो गई।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके अपने कार्यकर्ता और मतदाता उनके साथ बने रहे।
विकास कार्यों का दावा
सिन्हा ने अपने क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि मीठापुर, आनंदपुरी और कृष्णापुरी जैसे इलाकों में पहले आने-जाने में घंटों लगते थे, जो अब मिनटों में संभव है। उन्होंने नाली, गली, सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के समाधान का श्रेय NDA सरकार को दिया। गौरतलब है कि बांकीपुर पटना का एक शहरी विधानसभा क्षेत्र है, जहाँ बुनियादी ढाँचे की माँग लंबे समय से चुनावी मुद्दा रही है।
आगे की राह
पराजय के बावजूद सिन्हा ने स्पष्ट किया कि वे जमीनी राजनीति से पीछे नहीं हटेंगे और पार्टी कार्यकर्ता के रूप में काम जारी रखेंगे। यह उपचुनाव परिणाम बिहार की राजनीति में जन सुराज पार्टी की बढ़ती उपस्थिति और पारंपरिक दलों के मतदाता आधार पर उसके असर को रेखांकित करता है।