क्या बंगाल में भाजपा की दाल गलने वाली नहीं है?: मृत्युंजय तिवारी
सारांश
Key Takeaways
- भाजपा की स्थिति पश्चिम बंगाल में कमजोर है।
- ममता बनर्जी भाजपा के सामने झुकने वाली नहीं हैं।
- जदयू में फूट पड़ चुकी है।
- नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग उठी है।
- राजद ने इस मांग का समर्थन किया है।
नई दिल्ली, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर यह दावा किया है कि भाजपा की दाल नहीं गलने वाली है, चाहे कितनी भी साजिश की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि ममता बनर्जी भाजपा के सामने सरेंडर नहीं होंगी।
जब नई दिल्ली में राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत के दौरान मृत्युंजय तिवारी से ईडी द्वारा कोलकाता में आईपैक पर हुई रेड के संदर्भ में ममता बनर्जी के हस्तक्षेप के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि हमें इस मामले की जानकारी नहीं है, लेकिन जिस तरह से भाजपा बंगाल में काम कर रही है और ममता दीदी को परेशान कर रही है, वह सही नहीं है। ममता दीदी भाजपा के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ रही हैं और भाजपा वहां सफल नहीं होगी।
जदयू नेता केसी त्यागी द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग पर राजद प्रवक्ता ने कहा कि जदयू के सीनियर नेताओं में से एक केसी त्यागी ने यह मांग की थी, जिसके बाद से पार्टी की सीनियर लीडरशिप में फूट पड़ गई है। जदयू ने केसी त्यागी के बयान से दूरी बना ली है। जदयू के नेताओं ने यह भी कहा है कि केसी त्यागी अब पार्टी में नहीं हैं।
मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि जदयू नेताओं के बयानों से स्पष्ट है कि जदयू की वर्तमान स्थिति क्या हो गई है। जदयू बचने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग का हम स्वागत करते हैं, लेकिन पहले लालू प्रसाद यादव को मिलना चाहिए। राम विलास पासवान को भी मिलना चाहिए। नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग से हम असहमत नहीं हैं, लेकिन जदयू अब खत्म हो रही है, भाजपा ने जदयू को अपनी गिरफ्त में ले लिया है।
कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के बयान पर राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि अय्यर ने क्या कहा है, मुझे पता नहीं है। यह मौजूदा सरकार के लिए तय करना है कि राष्ट्रीय हित में क्या है और दोनों देशों के बीच संबंधों को कैसे संभाला जाना चाहिए। यह सरकार का अंदरूनी मामला है और इस पर टिप्पणी करना सही नहीं है।