बेंगलुरु टनल रोड परियोजना का शिलान्यास, 12 घंटे में पौधारोपण पर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने 28 जून 2026 को बेंगलुरु में मेखरी सर्किल से हेब्बल जंक्शन तक प्रस्तावित सुरंग सड़क (टनल रोड) परियोजना का विधिवत शिलान्यास किया। इसी सप्ताह 27 जून को केम्पेगौड़ा जयंती के अवसर पर आयोजित मेगा ग्रीन ड्राइव के दौरान 12 घंटे के भीतर सर्वाधिक पौधे लगाने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बेंगलुरु के नाम दर्ज हुआ।
टनल रोड परियोजना: मुख्य घटनाक्रम
शिलान्यास समारोह में मंत्री केजे जॉर्ज, कृष्णा बायरे गौड़ा और बायरथी सुरेश, बेंगलुरु विकास प्राधिकरण (BDA) के अध्यक्ष एवं विधायक एनए हैरिस, एमएलसी नागराज यादव, अतिरिक्त मुख्य सचिव तुषार गिरिनाथ, BDA के मुख्य आयुक्त मणिवन्नन और जीबीए के मुख्य आयुक्त महेश्वर राव सहित राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
यह टनल रोड उत्तरी बेंगलुरु के अत्यधिक व्यस्त बल्लारी रोड पर यातायात के दबाव को कम करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। मेखरी सर्किल और हेब्बल जंक्शन के बीच का यह मार्ग शहर के सबसे भीड़भाड़ वाले कॉरिडोरों में गिना जाता है, जहाँ दैनिक आवागमन लाखों वाहनों का होता है।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड: पर्यावरण संरक्षण की ऐतिहासिक उपलब्धि
27 जून को केम्पेगौड़ा जयंती के अवसर पर आयोजित मेगा ग्रीन ड्राइव के दौरान BDA और 50,000 से अधिक नागरिकों की टीम ने 12 घंटे के भीतर बेंगलुरु के कई स्थानों पर सर्वाधिक पौधे लगाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया।
मुख्यमंत्री शिवकुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए लिखा कि BDA अध्यक्ष एनए हैरिस के साथ गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड का प्रमाणपत्र प्राप्त करना उनके लिए अत्यंत हर्ष का विषय है। उन्होंने इसे केवल एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि BDA और नागरिकों के सामूहिक संकल्प तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।
आम जनता और शहर पर असर
टनल रोड परियोजना के पूरा होने पर उत्तरी बेंगलुरु में यातायात की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद है, जिससे बल्लारी रोड पर प्रतिदिन लंबे जाम में फँसने वाले लाखों यात्रियों को राहत मिलेगी। वहीं गिनीज रिकॉर्ड वाला पौधारोपण अभियान शहर के हरित आवरण को बढ़ाने की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।
गौरतलब है कि बेंगलुरु पिछले कुछ वर्षों में तेज़ शहरीकरण और घटते हरित क्षेत्र की समस्या से जूझ रहा है। ऐसे में 50,000 से अधिक नागरिकों की भागीदारी से हासिल यह रिकॉर्ड नागरिक जागरूकता का सकारात्मक संकेत है।
क्या होगा आगे
शिवकुमार ने अपने संदेश में कहा कि यह सामूहिक प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए बेंगलुरु को हरा-भरा, जीवंत और टिकाऊ शहर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। टनल रोड परियोजना के क्रियान्वयन की समयसीमा और विस्तृत तकनीकी ब्यौरा आधिकारिक तौर पर जारी किया जाना अभी शेष है।