27 जून 2026
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केम्पेगौड़ा जयंती पर बेंगलुरु में 15 लाख पौधे लगाने का अभियान, CM शिवकुमार ने किया शुभारंभ

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केम्पेगौड़ा जयंती पर बेंगलुरु में 15 लाख पौधे लगाने का अभियान, CM शिवकुमार ने किया शुभारंभ

सारांश

केम्पेगौड़ा की 517वीं जयंती पर CM शिवकुमार ने सिर्फ श्रद्धांजलि नहीं दी — बेंगलुरु के लिए एक बड़ा विकास एजेंडा पेश किया। 15 लाख पौधे, ₹100 करोड़ का किला विकास, 500 किमी मेट्रो नेटवर्क और 28 साल तक 28 विधानसभाओं में जयंती — यह आयोजन राजनीतिक और पर्यावरणीय दोनों संदेश देता है।

मुख्य बातें

शिवकुमार ने 27 जून 2026 को नादप्रभु केम्पेगौड़ा की 517वीं जयंती पर बेंगलुरु में 15 लाख पौधे लगाने के अभियान का शुभारंभ किया।
मंगडी स्थित केम्पेगौड़ा किले के विकास के लिए ₹100 करोड़ की परियोजना घोषित; 10 एकड़ भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू, साढ़े पांच एकड़ पहले ही खरीदी।
केम्पेगौड़ा जयंती अब अगले 28 वर्षों तक बेंगलुरु के सभी 28 विधानसभा क्षेत्रों में मनाई जाएगी।
बेंगलुरु मेट्रो को एक वर्ष में हवाई अड्डे तक और दो वर्षों में 500 किलोमीटर तक विस्तारित करने की योजना।
शहर की आबादी 1.40 करोड़ और पंजीकृत वाहन 1.30 करोड़ ; एयरपोर्ट पर केम्पेगौड़ा विरासत केंद्र विकसित करने के निर्देश।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने 27 जून 2026 को नादप्रभु केम्पेगौड़ा की 517वीं जयंती के अवसर पर बेंगलुरु में 15 लाख पौधे लगाने के विशेष वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने बेंगलुरु अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निकट स्थापित 108 फीट ऊंची 'स्टैच्यू ऑफ प्रॉस्पेरिटी' पर पुष्पांजलि अर्पित की और बेंगलुरु के संस्थापक की दूरदर्शिता को नमन किया।

समारोह का मुख्य घटनाक्रम

देवनहल्ली स्थित केम्पेगौड़ा की कांस्य प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के दौरान आदिचुंचनगिरि मठ के निर्मलानंदनाथ स्वामीजी, सीरा तालुक के स्पटिकपुरी मठ के नंजावधूत स्वामीजी तथा विश्व वोक्कालिगरा मठ के निश्चलानंदनाथ महास्वामीजी भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने बाद में प्रतिमा के समीप विकसित किए गए थीम पार्क का भी दौरा किया, जिसका निर्माण लगभग पूरा हो चुका है।

शिवकुमार ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा, 'केम्पेगौड़ा के विचारों और मूल्यों को ध्यान में रखते हुए कई कार्यक्रम तैयार किए गए हैं। वृक्षारोपण अभियान के साथ मैराथन का आयोजन किया जा रहा है और मंगडी स्थित केम्पेगौड़ा किले के व्यापक विकास के लिए ₹100 करोड़ की परियोजना भी शुरू की गई है।'

विकास परियोजनाओं की घोषणाएं

मुख्यमंत्री ने बताया कि मंगडी स्थित केम्पेगौड़ा स्मारक के आसपास 10 एकड़ भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है, जिसमें से साढ़े पांच एकड़ भूमि पहले ही खरीदी जा चुकी है। इसके अलावा सुमनहल्ली के पास केम्पेगौड़ा भवन के निर्माण के लिए पांच एकड़ भूमि आवंटित की गई है और केम्पेगौड़ा के नाम पर एक टाउन प्लानिंग कॉलेज स्थापित करने का भी प्रस्ताव रखा गया है।

शिवकुमार ने 108 फीट ऊंची प्रतिमा के निर्माण के लिए पूर्व भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार की सराहना भी की। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह प्रतिमा हवाई अड्डे की ओर जाने वाले यात्रियों को स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देती। संतों और मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा के साथ चर्चा के बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी को इसकी दृश्यता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

हवाई अड्डे पर केम्पेगौड़ा की विरासत

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि बेंगलुरु आने वाले यात्रियों को शहर के संस्थापक के योगदान से परिचित कराने के लिए हवाई अड्डे के ट्रंपेट इंटरचेंज के पास आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएं। उन्होंने कहा, 'हम चाहते हैं कि बेंगलुरु आने वाला हर व्यक्ति शहर के संस्थापक के बारे में जाने। एयरपोर्ट अथॉरिटी से विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर सरकार को सौंपने को कहा गया है।'

जयंती का विस्तार और बेंगलुरु का भविष्य

एक महत्वपूर्ण घोषणा में शिवकुमार ने कहा कि अब केम्पेगौड़ा जयंती का आयोजन केवल विधान सौधा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अगले 28 वर्षों तक बेंगलुरु के सभी 28 विधानसभा क्षेत्रों में मनाया जाएगा। राज्यभर के सभी विधानसभा क्षेत्रों और वार्ड स्तर पर भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

बेंगलुरु के तेजी से हो रहे विस्तार का उल्लेख करते हुए शिवकुमार ने बताया कि शहर की आबादी लगभग 1.40 करोड़ हो चुकी है और यहां करीब 1.30 करोड़ पंजीकृत वाहन हैं। सरकार अगले एक वर्ष में मेट्रो सेवा को हवाई अड्डे तक पहुंचाने और आगामी दो वर्षों में बेंगलुरु मेट्रो नेटवर्क को लगभग 500 किलोमीटर तक विस्तारित करने की योजना पर काम कर रही है।

गौरतलब है कि 16वीं शताब्दी के शासक नादप्रभु केम्पेगौड़ा प्रथम को आधुनिक बेंगलुरु का संस्थापक माना जाता है। उन्होंने वर्ष 1537 में मिट्टी का किला बनवाकर नियोजित बाजारों, आवासीय क्षेत्रों, तालाबों और मंदिरों का विकास कराया था। जल संरक्षण, कृषि, व्यापार और शहरी नियोजन में उनके योगदान को आज भी बेंगलुरु के विकास की आधारशिला माना जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक सुनियोजित राजनीतिक संदेश भी है, खासकर वोक्कालिगा समुदाय को ध्यान में रखते हुए जो कर्नाटक की राजनीति में निर्णायक भूमिका रखता है। उल्लेखनीय है कि शिवकुमार ने उसी प्रतिमा की सराहना की जो पूर्व BJP सरकार ने बनवाई थी — यह राजनीतिक परिपक्वता है या विरासत को अपनाने की रणनीति, यह सवाल बना रहेगा। 500 किमी मेट्रो और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी के लक्ष्य महत्वाकांक्षी हैं, लेकिन बेंगलुरु की यातायात और बुनियादी ढांचे की चुनौतियों को देखते हुए क्रियान्वयन की कसौटी पर ही इनकी असली परीक्षा होगी।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केम्पेगौड़ा जयंती 2026 पर बेंगलुरु में क्या खास हुआ?
27 जून 2026 को नादप्रभु केम्पेगौड़ा की 517वीं जयंती पर CM डी.के. शिवकुमार ने बेंगलुरु में 15 लाख पौधे लगाने के अभियान का शुभारंभ किया। साथ ही मंगडी किले के लिए ₹100 करोड़ की परियोजना और जयंती को 28 विधानसभाओं में मनाने की घोषणा भी की गई।
नादप्रभु केम्पेगौड़ा कौन थे और उनका बेंगलुरु से क्या संबंध है?
16वीं शताब्दी के शासक नादप्रभु केम्पेगौड़ा प्रथम को आधुनिक बेंगलुरु का संस्थापक माना जाता है। उन्होंने वर्ष 1537 में मिट्टी का किला बनवाकर नियोजित बाजारों, तालाबों, आवासीय क्षेत्रों और मंदिरों का विकास कराया था।
'स्टैच्यू ऑफ प्रॉस्पेरिटी' क्या है और यह कहां स्थित है?
यह बेंगलुरु अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निकट देवनहल्ली में स्थापित नादप्रभु केम्पेगौड़ा की 108 फीट ऊंची कांस्य प्रतिमा है। इसका निर्माण पूर्व BJP सरकार के कार्यकाल में हुआ था।
बेंगलुरु मेट्रो के विस्तार की क्या योजना है?
CM शिवकुमार ने घोषणा की कि सरकार अगले एक वर्ष में मेट्रो सेवा को हवाई अड्डे तक पहुंचाने और आगामी दो वर्षों में बेंगलुरु मेट्रो नेटवर्क को लगभग 500 किलोमीटर तक विस्तारित करने की योजना पर काम कर रही है।
केम्पेगौड़ा जयंती अब किस पैमाने पर मनाई जाएगी?
CM शिवकुमार ने घोषणा की कि अब यह जयंती केवल विधान सौधा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अगले 28 वर्षों तक बेंगलुरु के सभी 28 विधानसभा क्षेत्रों में मनाई जाएगी। राज्यभर के वार्ड स्तर पर भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
राष्ट्र प्रेस
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