भागलपुर में सबौर-गोनूधाम बाईपास प्रोजेक्ट को मिली स्वीकृति, निशिकांत दुबे ने जताया आभार
सारांश
Key Takeaways
- नया बाईपास भागलपुर की रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा।
- इसकी लंबाई १३.३८ किलोमीटर है।
- अनुमानित लागत ३०३.२० करोड़ रुपये है।
- यात्रियों की भीड़ को कम करने में मदद करेगा।
- निर्माण से समय की बचत होगी।
भागलपुर, २६ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। रेल मंत्रालय ने भागलपुर में एक नए रेल बाईपास परियोजना को स्वीकृति प्रदान की है। इस निर्णय का उद्देश्य रेल कनेक्टिविटी को सुधारना, स्टेशनों पर उपस्थित भीड़ को कम करना और ट्रेनों की आवाजाही को अधिक सुगम बनाना है। झारखंड के गोड्डा से भाजपा के सांसद निशिकांत दुबे ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया है।
उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से जसीडीह, मधुपुर और हंसडिहा की तरह यहां भी बाईपास बनाने की मांग कर रहे थे, जो अब पूरी हो गई है। उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को मेहनती बताते हुए उनका विशेष धन्यवाद किया।
डॉ. निशिकांत दुबे ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर लिखा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भागलपुर के निवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण उपहार दिया है। भागलपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए, अब केंद्र सरकार सबौर रेलवे स्टेशन से धार्मिक स्थल गोनूधाम तक बाईपास का निर्माण करेगी।"
इस परियोजना की लंबाई लगभग १३.३८ किलोमीटर होगी और इसकी अनुमानित लागत लगभग ३०३.२० करोड़ रुपये है। यह बाईपास बरहट-भागलपुर खंड पर स्थित गोनुधाम हॉल्ट को भागलपुर-साहिबगंज खंड के सबौर स्टेशन से जोड़ेगा। इसके निर्माण से भागलपुर जंक्शन पर ट्रेनों की भीड़ को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
वर्तमान में, बरहट-भागलपुर रेलखंड अपनी क्षमता से १२५ प्रतिशत से भी अधिक पर चल रहा है, जिसके कारण यात्रियों को भारी भीड़ का सामना करना पड़ता है। इस रूट से गुजरने वाली ट्रेनों को भागलपुर स्टेशन पर इंजन बदलने की आवश्यकता होती है, जिससे संचालन में देरी होती है। नए बाईपास के निर्माण से ट्रेनों को बिना रुके सीधे मार्ग मिल जाएगा, जिससे समय की बचत होगी और यात्रियों को राहत मिलेगी।