28 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जीआई टैग से मिली नई पहचान, भागलपुर में मंजूषा आर्ट के कलाकार बोले- मोदी सरकार ने दी नई शक्ति

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जीआई टैग से मिली नई पहचान, भागलपुर में मंजूषा आर्ट के कलाकार बोले- मोदी सरकार ने दी नई शक्ति

सारांश

भागलपुर में आयोजित तीन दिवसीय मंजूषा महोत्सव में कलाकारों ने पीएम मोदी को धन्यवाद दिया। जीआई टैग मिलने के बाद मंजूषा आर्ट की पहचान में वृद्धि हुई है, जिससे महिलाओं को नई शक्ति और रोजगार के अवसर मिले हैं।

मुख्य बातें

मंजूषा महोत्सव में महिलाओं ने अपने हुनर का प्रदर्शन किया।
जीआई टैग मिलने से मंजूषा आर्ट की पहचान बढ़ी है।
महिलाओं को नई शक्ति और रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं।
पीएम मोदी ने मंजूषा आर्ट को एक नई पहचान दी है।
मंजूषा आर्ट अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रही है।

भागलपुर, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग और भागलपुर जिला प्रशासन द्वारा मंजूषा महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं अपने हुनर का प्रदर्शन कर रही हैं। मंजूषा के कलाकारों ने प्रधानमंत्री मोदी का दिल से धन्यवाद किया और कहा कि उन्होंने मंजूषा को न केवल जीआई टैग दिया है, बल्कि हम जैसे कलाकारों को नई शक्ति भी प्रदान की है।

भागलपुर की लोक कला मंजूषा को 14 सितंबर 2021 को जीआई टैग मिला था, और उसके बाद से इसकी पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ गई है। बिहार सरकार के कला संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस महोत्सव में मंजूषा की लोककला की पहचान और भी मजबूत हुई है।

नारी सशक्तीकरण और सनातन की ताकत में मंजूषा ने नई जान फूंकी है। न केवल भारत में, बल्कि पड़ोसी देश नेपाल में भी मंजूषा की मांग तेजी से बढ़ी है। भारत सरकार द्वारा जीआई टैग मिलने के बाद, मंजूषा से जुड़े उत्पादों की मांग में वृद्धि हुई है, जिससे उत्पादन, रोजगार और आमदनी में भी इजाफा हुआ है।

भागलपुर के कला संस्कृति अधिकारी अंकित रंजन पाठक, मंजूषा कलाकार पवन कुमार सागर और अंजना कुमारी ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत की। अंकित रंजन पाठक ने कहा कि पीएम मोदी के जीआई टैग देने से घर में बैठी महिलाएं सशक्त हुई हैं। अंजना कुमारी ने बताया कि जीआई टैग मिलने के बाद उनका काम अब सिर्फ घर तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि उन्हें देशभर में कार्यक्रमों में बुलाया जाता है।

महिला सशक्तीकरण के तहत उन्होंने अपनी कला को कई उत्पादों पर प्रदर्शित किया है। साड़ी, दुपट्टा, सूट, और पर्स जैसे उत्पादों पर अपने हुनर का प्रदर्शन कर रहे हैं। जीआई टैग मिलने के बाद उनकी आमदनी भी बढ़ी है, और वे अपनी कला को दिखाने के लिए जम्मू-कश्मीर से लेकर नेपाल तक जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि सभी कलाकार पीएम मोदी को धन्यवाद करते हैं कि उन्होंने सिर्फ मंजूषा को जीआई टैग नहीं, बल्कि महिलाओं को एक नई शक्ति दी है।

मंजूषा कलाकार पवन कुमार सागर ने कहा कि जीआई टैग मिलने के बाद से मंजूषा कला का प्रचार-प्रसार बढ़ा है। इस कला से महिलाएं रोजगार प्राप्त कर रही हैं। पीएम मोदी ने मंजूषा आर्ट को एक पहचान दिलाई है, जो कि इसके हकदार थी। जब भी पीएम मोदी भागलपुर आते हैं, तो इस कला के बारे में बात करते हैं, जिससे इसे एक बड़ा मंच मिला है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता भी दिलाई है।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मंजूषा आर्ट को जीआई टैग कब मिला था?
मंजूषा आर्ट को 14 सितंबर 2021 को जीआई टैग मिला था।
मंजूषा महोत्सव का आयोजन कब हुआ?
मंजूषा महोत्सव का आयोजन 10 मार्च को हुआ था।
क्या जीआई टैग ने मंजूषा आर्ट की पहचान में वृद्धि की है?
हाँ, जीआई टैग मिलने के बाद मंजूषा आर्ट की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी है।
महिलाएं कैसे लाभान्वित हुई हैं?
महिलाओं को नई शक्ति और रोजगार के अवसर मिले हैं।
पीएम मोदी ने मंजूषा आर्ट के बारे में क्या कहा?
पीएम मोदी ने मंजूषा आर्ट को जीआई टैग देकर इसे एक नई पहचान दी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 1 साल पहले