भाई वीरेंद्र की चेतावनी: एनडीए में हिम्मत है तो बिहार में यूसीसी लागू करे

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भाई वीरेंद्र की चेतावनी: एनडीए में हिम्मत है तो बिहार में यूसीसी लागू करे

सारांश

राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने एनडीए सरकार को चुनौती दी है कि अगर उनमें हिम्मत है, तो बिहार में समान नागरिक संहिता लागू करे। उनका कहना है कि हम इसे नहीं होने देंगे।

Key Takeaways

  • भाई वीरेंद्र ने एनडीए सरकार को यूसीसी लागू करने की चुनौती दी है।
  • गुजरात दूसरा राज्य है जिसने यूसीसी लागू किया है।
  • भाई वीरेंद्र का मानना है कि भाजपा का यूसीसी लागू करने का उद्देश्य एक धर्म के खिलाफ है।
  • सर्वदलीय बैठक में राहुल गांधी की अनुपस्थिति पर चर्चा हुई।
  • राजद का स्पष्ट रुख है कि वे यूसीसी को लागू नहीं होने देंगे।

पटना, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक भाई वीरेंद्र ने यूसीसी के मुद्दे पर बिहार की डबल इंजन सरकार को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि इस सरकार में हिम्मत है तो इसे प्रदेश में यूसीसी लागू कराकर दिखाना चाहिए। हम बिहार में यूसीसी लागू नहीं होने देंगे।

भाई वीरेंद्र का यह बयान उस समय आया है जब गुजरात विधानसभा ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक को पारित कर दिया है। गुजरात यूसीसी लागू करने वाला दूसरा राज्य बन गया है, जबकि इससे पहले उत्तराखंड की भाजपा सरकार ने इसे लागू किया था।

पटना में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में राजद विधायक ने कहा कि यह सरकार जो कानून लागू कर रही है और कई नई चीजों पर चर्चा कर रही है। अगर देश में वन नेशन वन इलेक्शन की बात होती है, तो वन नेशन वन एजुकेशन पर चर्चा क्यों नहीं होती? भाजपा सरकार केवल अपने एजेंडे के लिए यूसीसी लागू कर रही है। इसका स्पष्ट अर्थ है कि यूसीसी लागू कर ये लोग एक धर्म के खिलाफ कार्रवाई करने का इरादा रखते हैं।

उन्होंने कहा कि यह देश सभी का है, और आजादी की लड़ाई में सभी धर्मों के लोगों ने अपना योगदान दिया है। लेकिन सवाल यह है कि भाजपा जिस संघ के एजेंडे को आगे बढ़ा रही है, उनकी आजादी की लड़ाई में क्या भूमिका थी? यूसीसी लागू कर भाजपा ने स्पष्ट कर दिया कि यह लोग संघ का एजेंडा लागू करना चाहते हैं, लेकिन देश की जनता इसे कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। हम विश्वास के साथ कहते हैं कि जब दूसरी सरकारें आएंगी, तो पहले जो कानून थे, वही लागू होंगे।

एनडीए सरकार को चेतावनी देते हुए राजद विधायक ने कहा कि हिम्मत है तो बिहार में यूसीसी कराए सरकार। हम इसे यहां लागू नहीं होने देंगे।

मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के बीच बुलाई गई सर्वदलीय बैठक पर राजद विधायक ने कहा कि मैंने पहले भी कहा था कि सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए। खाड़ी देशों में अमेरिका की दादागिरी समाप्त होनी चाहिए। मैंने कहा था कि भारत को अमेरिका के खिलाफ लड़ाई लड़नी चाहिए।

सर्वदलीय बैठक में राहुल गांधी के न आने पर राजद विधायक ने कहा कि यदि राहुल गांधी बैठक में नहीं जा रहे हैं तो कोई न कोई जरूरी कार्य उनके समक्ष होगा। मुझे लगता है कि बैठक में राहुल गांधी की जगह कोई न कोई प्रतिनिधि जरूर शामिल होगा।

Point of View

बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। यह देखना होगा कि सरकार इस चुनौती को कैसे स्वीकार करती है।
NationPress
25/03/2026

Frequently Asked Questions

यूसीसी क्या है?
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) एक ऐसा कानून है जो सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी अधिकारों को सुनिश्चित करता है।
भाई वीरेंद्र का यूसीसी पर क्या मत है?
भाई वीरेंद्र का कहना है कि यदि एनडीए सरकार में हिम्मत है, तो उसे बिहार में यूसीसी लागू करना चाहिए।
गुजरात में यूसीसी कब लागू किया गया?
गुजरात विधानसभा ने हाल ही में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पारित किया, जिससे यह कानून लागू हो गया।
भाजपा का यूसीसी पर क्या रुख है?
भाजपा यूसीसी को अपने एजेंडे का एक हिस्सा मानती है, जिसका विरोध कई राजनीतिक पार्टियाँ कर रही हैं।
सर्वदलीय बैठक का उद्देश्य क्या था?
सर्वदलीय बैठक का उद्देश्य मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष पर चर्चा करना था।
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