गुजरात: यूसीसी विधेयक पारित होने के बाद भाजपा कोर कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक
सारांश
Key Takeaways
- गुजरात की कोर कमेटी की बैठक मुख्यमंत्री के निवास पर हुई।
- यूसीसी विधेयक २०२६ को विधानसभा ने पारित किया।
- बैठक में संगठनात्मक रणनीति और चुनावी तैयारियों पर चर्चा हुई।
- स्थानीय निकाय चुनावों में अहमदाबाद, सूरत और वडोदरा जैसे नगर निगम शामिल हैं।
- भाजपा ने आगामी चुनावों के लिए तैयारियों पर ध्यान केंद्रित किया है।
गांधीनगर, २५ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की गुजरात शाखा की कोर कमेटी की बैठक बुधवार को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के आधिकारिक निवास पर संपन्न हुई।
इस बैठक में कई प्रमुख नेता और मंत्रियों ने भाग लिया, जिनमें ऋषिकेश पटेल, जितु वघानी और प्रदेश अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा शामिल थे।
यह बैठक एक महत्वपूर्ण समय पर आयोजित की गई जब एक दिन पहले ही राज्य विधानसभा ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) विधेयक २०२६ को मंजूरी दी। इसके साथ, गुजरात, उत्तराखंड के बाद ऐसा कानून पारित करने वाला देश का दूसरा राज्य बन गया है। इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और संपत्ति जैसे व्यक्तिगत मामलों में सभी धर्मों के लिए समान नागरिक कानून लागू करना है।
विधानसभा में इस विधेयक पर सात घंटे से अधिक समय तक चर्चा हुई, जिसके बाद इसे बहुमत से पारित किया गया।
सूत्रों के अनुसार, कोर कमेटी की बैठक में इस महत्वपूर्ण विधायी निर्णय के पश्चात संगठनात्मक रणनीति और प्रशासनिक समन्वय की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त, इस वर्ष के अंत में होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
ये चुनाव राज्य के कई शहरी निकायों में होंगे, जिनमें अहमदाबाद, सूरत और वडोदरा जैसे नगर निगम शामिल हैं।
बैठक के बाद अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
भाजपा के नेताओं ने हाल के हफ्तों में आगामी चुनावों के लिए पार्टी की तैयारियों और सरकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने के प्रयासों पर जोर दिया है।
यूसीसी विधेयक के पारित होने से राज्य और राष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। समर्थक इसे कानूनी समानता का बड़ा कदम मानते हैं, जबकि विरोधी इसके सामाजिक और सांस्कृतिक प्रभावों को लेकर चिंतित हैं।
गुजरात में होने वाले ये स्थानीय निकाय चुनाव इस साल राजनीतिक दलों के लिए पहली बड़ी परीक्षा माने जा रहे हैं। साथ ही, इन्हें २०२७ में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए माहौल तैयार करने वाला भी माना जा रहा है।