भारत टेक्स 2026: भारत मंडपम में ₹14,300 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 138 देशों की भागीदारी
सारांश
मुख्य बातें
भारत टेक्स 2026 के पहले तीन दिनों में नई दिल्ली के भारत मंडपम ने वैश्विक वस्त्र एवं परिधान उद्योग के सबसे बड़े व्यावसायिक मंच का रूप ले लिया, जहाँ 138 देशों की भागीदारी और ₹14,300 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों ने भारत की वैश्विक सोर्सिंग गंतव्य के रूप में बढ़ती प्रतिष्ठा को रेखांकित किया। 16 लाख वर्ग फुट से अधिक क्षेत्रफल में फैले इस आयोजन में 1,647 प्रदर्शकों, लगभग 95,000 व्यावसायिक आगंतुकों और 6,090 अंतरराष्ट्रीय खरीदारों सहित कुल 11,315 खरीदारों की उपस्थिति दर्ज हुई।
मुख्य घटनाक्रम और आँकड़े
आयोजन के पहले तीन दिनों में 28,500 से अधिक बी2बी व्यावसायिक बैठकें और 100 से अधिक बी2जी एवं जी2जी संवाद आयोजित हुए। 20,000 से अधिक पुनः आगमन और 3,461 प्रतिनिधियों की भागीदारी ने प्रदर्शनी परिसर को निरंतर व्यावसायिक गतिविधियों से गुलजार रखा। इसके साथ ही लगभग 2.8 अरब अमेरिकी डॉलर मूल्य की गंभीर व्यावसायिक पूछताछ प्राप्त हुई, जो इस आयोजन की बढ़ती वैश्विक व्यावसायिक प्रासंगिकता को दर्शाती है।
निवेश प्रस्ताव और समझौता ज्ञापन
आयोजन के दौरान विभिन्न राज्यों ने 30 से अधिक समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए। आंध्र प्रदेश ने ₹4,100 करोड़ के निवेश प्रस्ताव के साथ सबसे बड़ी प्रतिबद्धता जताई, जबकि कर्नाटक ने ₹2,821 करोड़ के निवेश और 11,020 रोज़गार का लक्ष्य रखा। बिहार ने ₹1,476 करोड़ के निवेश के साथ 40,500 से अधिक रोज़गार सृजन का वादा किया, और महाराष्ट्र ने ₹1,095 करोड़ के निवेश की घोषणा की। इसके अतिरिक्त, आरई एंड यूपी ने भारत में ₹4,800 करोड़ के निवेश की घोषणा की।
राज्यों और राजनीतिक नेतृत्व की भागीदारी
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भारत टेक्स 2026 का दौरा कर अपने-अपने राज्य पवेलियनों का अवलोकन किया। बिहार, मध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, पंजाब, महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु ने स्टेट पार्टनर के रूप में अपनी मज़बूत उपस्थिति दर्ज कराई। महाराष्ट्र, तमिलनाडु, असम, उत्तर प्रदेश और बिहार के वरिष्ठ मंत्रियों की उपस्थिति ने इस मंच को और अधिक सशक्त बनाया।
अंतरराष्ट्रीय भागीदारी और वैश्विक समर्थन
न्यूजीलैंड, श्रीलंका, रूस, कंबोडिया और पुर्तगाल के मंत्रीस्तरीय प्रतिनिधिमंडलों के साथ-साथ यूरोपीय संघ के प्रतिनिधियों ने आयोजन में भाग लिया। अमेरिका, जापान, यूनाइटेड किंगडम, स्पेन, इटली, दक्षिण कोरिया, संयुक्त अरब अमीरात, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस और जर्मनी सहित अनेक देशों से 30 से अधिक उद्योग एवं व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों ने सक्रिय भागीदारी की। भारत टेक्स ने इस वर्ष इंटरनेशनल अपैरल फेडरेशन की बोर्ड बैठक की भी मेजबानी की, जिसमें वैश्विक व्यापार, सतत विकास और भविष्य के परिधान उद्योग पर विचार-विमर्श हुआ।
नॉलेज प्रोग्राम, हैकाथॉन और समावेशी पहल
पहले तीन दिनों में 100 उच्च-स्तरीय ज्ञान सत्रों में 600 से अधिक नीति-निर्माताओं, वैश्विक विशेषज्ञों और सीएक्सओ ने भाग लिया, जिनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता, परिपत्र अर्थव्यवस्था और टेक्निकल टेक्सटाइल्स जैसे विषय प्रमुख रहे। टीबीडी पवेलियन में आयोजित 'संरचना हैकाथॉन' में युवा नवोन्मेषकों ने किसानों के लिए सुरक्षात्मक परिधान, मधुमेह रोगियों के लिए घाव-उपचार उत्पाद और ताप-रोधी गद्दों जैसे व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किए। केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह तथा वस्त्र एवं विदेश राज्य मंत्री पबित्र मार्गेरिटा ने इस पहल की सराहना की। भारत के आकांक्षी जिलों से आए 250 से अधिक उद्यमियों एवं बुनकरों के लिए विशेष एक्सपोजर विजिट का आयोजन किया गया, जिससे सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से सीधे संवाद का अवसर मिला। भारत टेक्स 2026 की यह समग्र सफलता भारत को वैश्विक वस्त्र उद्योग के केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित हो सकती है।