भरतपुर में खनन माफियाओं का वन विभाग पर हमला, फॉरेस्टर भगवान सिंह का पैर टूटा; गाड़ियाँ तोड़ीं
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान के भरतपुर जिले में 26 सितंबर 2026 को अवैध खनन रोकने निकली वन विभाग की टीम पर लगभग 50 खनन माफियाओं ने घात लगाकर हमला किया, जिसमें कोट नाके के फॉरेस्टर भगवान सिंह का पैर फ्रैक्चर हो गया और कई अन्य वनकर्मी भी घायल हुए। माफियाओं ने कथित तौर पर हवाई फायरिंग भी की तथा विभाग की गाड़ियाँ क्षतिग्रस्त कर दीं।
घटनाक्रम: कैसे हुआ हमला
वन विभाग को डांग इलाके में अवैध खनन की सूचना मिलने पर 10-15 कर्मचारियों की एक टीम कौड़ापुरा क्षेत्र में पहुँची। टीम ने वहाँ अवैध खनन में लिप्त लोगों को देखा, जो कर्मचारियों को देखते ही भाग निकले। इसके बाद टीम ने मौके से औजार, एक ट्रैक्टर और एक कंप्रेसर जब्त कर लिया।
जब टीम जब्त सामान लेकर वापस लौट रही थी, तभी जंगल के रास्ते में करीब 50 की संख्या में संगठित होकर आए माफियाओं ने टीम को घेर लिया। इसके बाद पथराव शुरू हो गया और कथित तौर पर हवाई फायरिंग भी की गई, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।
घायल फॉरेस्टर का बयान
घायल फॉरेस्टर भगवान सिंह ने बताया कि हमलावरों ने उनके पैर पर पत्थर मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। उन्हें पहले बयाना अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने पैर में गंभीर चोट की पुष्टि करते हुए उन्हें भरतपुर के आरबीएम अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल उनका उपचार आरबीएम अस्पताल में जारी है।
भगवान सिंह ने बताया कि टीम के दो से तीन साथी इस हमले में घायल हुए हैं, जिनमें वे स्वयं भी शामिल हैं। अन्य घायल वनकर्मियों का इलाज भी जारी बताया जा रहा है।
पुलिस की प्रतिक्रिया और जाँच
घटना की सूचना मिलते ही गढ़ी बाजना थाना पुलिस मौके पर पहुँची। बयाना एएसपी रामगोपाल बसवाल भी घटनास्थल पर पहुँचे और हालात का जायजा लिया। वन विभाग की ओर से गढ़ी बाजना थाने में मामला दर्ज करा दिया गया है। पुलिस ने डांग इलाके में आरोपियों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है, हालाँकि रिपोर्ट लिखे जाने तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी।
भरतपुर में अवैध खनन की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि भरतपुर संभाग में अवैध खनन लंबे समय से गंभीर समस्या बनी हुई है। कार्रवाई करने जाने वाली सरकारी टीमों पर हमले की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं, जो दर्शाता है कि खनन माफिया किस हद तक संगठित हो चुके हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार अवैध खनन के खिलाफ सख्त अभियान चलाने के संकेत दे रही है।
स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से खनन माफिया पर नकेल कसने की माँग की है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आगे की स्थिति
फिलहाल पुलिस का सर्च ऑपरेशन जारी है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है। वन विभाग के अधिकारी इस हमले को गंभीरता से लेते हुए उच्च अधिकारियों को स्थिति से अवगत करा रहे हैं। इस घटना के बाद यह सवाल उठना लाज़मी है कि अवैध खनन रोकने निकली सरकारी टीमों की सुरक्षा के लिए क्या पुख्ता इंतज़ाम किए जाएंगे।