26 सितंबर 2026
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भरतपुर में खनन माफियाओं का वन विभाग पर हमला, फॉरेस्टर भगवान सिंह का पैर टूटा; गाड़ियाँ तोड़ीं

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भरतपुर में खनन माफियाओं का वन विभाग पर हमला, फॉरेस्टर भगवान सिंह का पैर टूटा; गाड़ियाँ तोड़ीं

सारांश

राजस्थान के भरतपुर में अवैध खनन रोकने निकली वन विभाग की टीम पर करीब 50 माफियाओं ने जंगल में घेरकर पथराव किया और हवाई फायरिंग की। फॉरेस्टर भगवान सिंह का पैर फ्रैक्चर हुआ, गाड़ियाँ तोड़ी गईं — लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं।

मुख्य बातें

भरतपुर के डांग-कौड़ापुरा इलाके में 26 सितंबर 2026 को वन विभाग टीम पर माफियाओं ने हमला किया।
फॉरेस्टर भगवान सिंह का पैर फ्रैक्चर; 2-3 अन्य वनकर्मी भी घायल।
लगभग 50 माफियाओं ने पथराव किया और कथित तौर पर हवाई फायरिंग भी की।
टीम ने हमले से पहले एक कंप्रेसर, ट्रैक्टर और औजार जब्त किए थे।
गढ़ी बाजना थाने में मामला दर्ज; बयाना एएसपी रामगोपाल बसवाल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
रिपोर्ट लिखे जाने तक कोई गिरफ्तारी नहीं; सर्च ऑपरेशन जारी।

राजस्थान के भरतपुर जिले में 26 सितंबर 2026 को अवैध खनन रोकने निकली वन विभाग की टीम पर लगभग 50 खनन माफियाओं ने घात लगाकर हमला किया, जिसमें कोट नाके के फॉरेस्टर भगवान सिंह का पैर फ्रैक्चर हो गया और कई अन्य वनकर्मी भी घायल हुए। माफियाओं ने कथित तौर पर हवाई फायरिंग भी की तथा विभाग की गाड़ियाँ क्षतिग्रस्त कर दीं।

घटनाक्रम: कैसे हुआ हमला

वन विभाग को डांग इलाके में अवैध खनन की सूचना मिलने पर 10-15 कर्मचारियों की एक टीम कौड़ापुरा क्षेत्र में पहुँची। टीम ने वहाँ अवैध खनन में लिप्त लोगों को देखा, जो कर्मचारियों को देखते ही भाग निकले। इसके बाद टीम ने मौके से औजार, एक ट्रैक्टर और एक कंप्रेसर जब्त कर लिया।

जब टीम जब्त सामान लेकर वापस लौट रही थी, तभी जंगल के रास्ते में करीब 50 की संख्या में संगठित होकर आए माफियाओं ने टीम को घेर लिया। इसके बाद पथराव शुरू हो गया और कथित तौर पर हवाई फायरिंग भी की गई, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।

घायल फॉरेस्टर का बयान

घायल फॉरेस्टर भगवान सिंह ने बताया कि हमलावरों ने उनके पैर पर पत्थर मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। उन्हें पहले बयाना अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने पैर में गंभीर चोट की पुष्टि करते हुए उन्हें भरतपुर के आरबीएम अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल उनका उपचार आरबीएम अस्पताल में जारी है।

भगवान सिंह ने बताया कि टीम के दो से तीन साथी इस हमले में घायल हुए हैं, जिनमें वे स्वयं भी शामिल हैं। अन्य घायल वनकर्मियों का इलाज भी जारी बताया जा रहा है।

पुलिस की प्रतिक्रिया और जाँच

घटना की सूचना मिलते ही गढ़ी बाजना थाना पुलिस मौके पर पहुँची। बयाना एएसपी रामगोपाल बसवाल भी घटनास्थल पर पहुँचे और हालात का जायजा लिया। वन विभाग की ओर से गढ़ी बाजना थाने में मामला दर्ज करा दिया गया है। पुलिस ने डांग इलाके में आरोपियों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है, हालाँकि रिपोर्ट लिखे जाने तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी।

भरतपुर में अवैध खनन की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि भरतपुर संभाग में अवैध खनन लंबे समय से गंभीर समस्या बनी हुई है। कार्रवाई करने जाने वाली सरकारी टीमों पर हमले की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं, जो दर्शाता है कि खनन माफिया किस हद तक संगठित हो चुके हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार अवैध खनन के खिलाफ सख्त अभियान चलाने के संकेत दे रही है।

स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से खनन माफिया पर नकेल कसने की माँग की है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आगे की स्थिति

फिलहाल पुलिस का सर्च ऑपरेशन जारी है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है। वन विभाग के अधिकारी इस हमले को गंभीरता से लेते हुए उच्च अधिकारियों को स्थिति से अवगत करा रहे हैं। इस घटना के बाद यह सवाल उठना लाज़मी है कि अवैध खनन रोकने निकली सरकारी टीमों की सुरक्षा के लिए क्या पुख्ता इंतज़ाम किए जाएंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक गहरी जड़ जमाई प्रणाली की बानगी है — जहाँ खनन माफिया इतने संगठित हो चुके हैं कि वर्दीधारी सरकारी टीमों को जंगल में घेरकर हवाई फायरिंग तक की जाती है। सवाल यह है कि जब्ती की कार्रवाई के बावजूद हमलावर अब तक फरार हैं, यह स्थानीय पुलिस-माफिया समीकरण पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। राजस्थान में अवैध खनन की समस्या वर्षों से चली आ रही है और हर बार 'सख्त कार्रवाई' का आश्वासन मिलता है, पर ज़मीनी हकीकत नहीं बदलती। जब तक फील्ड कर्मचारियों को पर्याप्त सुरक्षा और माफियाओं को त्वरित गिरफ्तारी व कठोर सज़ा नहीं मिलती, ऐसी घटनाएँ दोहराती रहेंगी।
RashtraPress
26 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भरतपुर वन विभाग पर हमला कब और कहाँ हुआ?
यह हमला 26 सितंबर 2026 को राजस्थान के भरतपुर जिले के डांग-कौड़ापुरा इलाके में हुआ, जब वन विभाग की टीम अवैध खनन सामग्री जब्त करके लौट रही थी।
हमले में कितने वनकर्मी घायल हुए और उनकी हालत कैसी है?
हमले में 2-3 वनकर्मी घायल हुए, जिनमें फॉरेस्टर भगवान सिंह सबसे गंभीर रूप से घायल हैं — उनके पैर में फ्रैक्चर आया है और वे भरतपुर के आरबीएम अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
खनन माफियाओं ने वन विभाग की टीम पर हमला क्यों किया?
वन विभाग की टीम ने अवैध खनन स्थल से एक कंप्रेसर, ट्रैक्टर और औजार जब्त किए थे। जब टीम जब्त सामान लेकर लौट रही थी, तभी लगभग 50 माफियाओं ने जंगल में टीम को घेर लिया और पथराव तथा कथित तौर पर हवाई फायरिंग की।
हमले के बाद पुलिस ने क्या कदम उठाए हैं?
गढ़ी बाजना थाने में मामला दर्ज किया गया है और बयाना एएसपी रामगोपाल बसवाल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया है, लेकिन रिपोर्ट लिखे जाने तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई थी।
भरतपुर में अवैध खनन की समस्या कितनी पुरानी है?
भरतपुर संभाग में अवैध खनन लंबे समय से गंभीर समस्या बनी हुई है। सरकारी टीमों पर हमले की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं, जो दर्शाती हैं कि खनन माफिया काफी संगठित हो चुके हैं।
राष्ट्र प्रेस
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