28 जुलाई 2026
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अशोकनगर में वन विभाग टीम पर कुल्हाड़ी-लाठी से हमला, डिप्टी रेंजर कमलेश बाथम का पैर फ्रैक्चर

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अशोकनगर में वन विभाग टीम पर कुल्हाड़ी-लाठी से हमला, डिप्टी रेंजर कमलेश बाथम का पैर फ्रैक्चर

सारांश

मध्य प्रदेश के अशोकनगर में लकड़ी तस्करों के साथियों ने वन विभाग की टीम पर कुल्हाड़ी और लाठियों से हमला कर दिया। डिप्टी रेंजर कमलेश बाथम का पैर फ्रैक्चर हुआ, दो अन्य कर्मचारी घायल। आरोपी जंगल में फरार, पुलिस की कई टीमें तलाश में जुटी हैं।

मुख्य बातें

28 जुलाई को मुंगावली वन परिक्षेत्र , अशोकनगर में वन विभाग की आठ सदस्यीय टीम पर हमला हुआ।
डिप्टी रेंजर कमलेश बाथम के पैर में फ्रैक्चर; वन कर्मचारी बलवीर पटेल सहित दो अन्य घायल।
पाँच मोटरसाइकिलों पर सवार 8 से 10 हमलावरों ने लाठी, पत्थर और कुल्हाड़ी से हमला किया।
आरोपी कथित तौर पर जियाजीगढ़ गाँव के निवासी हैं; हमले के बाद जंगल में फरार।
खान ने बताया — केस दर्ज, गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमें तैनात।

मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में 28 जुलाई को लकड़ी तस्करी रोकने गई वन विभाग की आठ सदस्यीय टीम पर तस्करों के सहयोगियों ने लाठी, पत्थर और कुल्हाड़ी से हमला बोल दिया। इस हिंसक वारदात में डिप्टी रेंजर कमलेश बाथम के पैर में फ्रैक्चर हो गया और वन कर्मचारी बलवीर पटेल सहित दो अन्य कर्मचारी भी घायल हुए। पुलिस ने मंगलवार को घटना की पुष्टि की और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें मैदान में उतार दी हैं।

घटनाक्रम: कैसे हुआ हमला

पुलिस के अनुसार, यह घटना सोमवार को मुंगावली वन परिक्षेत्र के किरौला गाँव के पास उस समय हुई जब वन विभाग की टीम को सूचना मिली कि जंगल से अवैध रूप से काटी गई लकड़ी बैलगाड़ी के ज़रिए ले जाई जा रही है। टीम ने मौके पर पहुँचकर लकड़ी से लदी बैलगाड़ी को रोका और जब्त कर लिया।

जब जब्त बैलगाड़ी को ट्रैक्टर की सहायता से मुंगावली ले जाया जा रहा था, तभी बैलगाड़ी के साथ मौजूद लोगों ने अपने साथियों को सतर्क कर दिया। कुछ ही मिनटों में पाँच मोटरसाइकिलों पर सवार 8 से 10 लोग घटनास्थल पर आ धमके, ट्रैक्टर का रास्ता रोका और सरकारी दल पर हमला कर दिया।

घायलों की स्थिति

डिप्टी रेंजर कमलेश बाथम को पैर में फ्रैक्चर आया। सभी घायलों को पहले मुंगावली सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद बाथम को जिला अस्पताल रेफर किया गया। वन कर्मचारी बलवीर पटेल सहित दो अन्य कर्मचारियों को भी चोटें आई हैं।

पुलिस की प्रतिक्रिया

मुंगावली के एसडीओपी सनम बी. खान ने बताया कि वन विभाग की टीम जंगल क्षेत्र में निरीक्षण और जब्ती की वैध कार्रवाई कर रही थी, तभी हमलावरों ने उन पर हमला किया। उन्होंने कहा कि मामले में केस दर्ज किया जा रहा है और घटना में शामिल सभी लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी जियाजीगढ़ गाँव के निवासी बताए जा रहे हैं, हालाँकि अभी तक उनकी आधिकारिक पहचान नहीं हो पाई है। हमले के बाद सभी आरोपी पास के जंगल की ओर फरार हो गए।

आम जनता और वन अमले पर असर

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब मध्य प्रदेश में वन विभाग के कर्मचारियों पर तस्करों द्वारा हिंसा की घटनाएँ चिंता का विषय बनी हुई हैं। गौरतलब है कि वन कर्मियों पर इस तरह के हमले न केवल सरकारी कर्तव्य-पालन में बाधा डालते हैं, बल्कि अवैध लकड़ी कटाई के नेटवर्क की बढ़ती दुस्साहसिकता को भी दर्शाते हैं।

आगे क्या होगा

एसडीओपी सनम बी. खान के अनुसार, आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं। जाँच जारी है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ने का दावा किया गया है। घायल वन कर्मियों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह कानून के प्रति खुली चुनौती है। सवाल यह भी है कि क्या वन विभाग के कर्मचारियों को पर्याप्त सुरक्षा कवर दिया जाता है — अकेले आठ सदस्यीय दल को ऐसे संवेदनशील इलाके में भेजना प्रशासनिक तैयारी पर भी सवाल उठाता है। जब तक तस्करी नेटवर्क की जड़ों पर प्रहार नहीं होगा, ऐसी घटनाएँ दोहराती रहेंगी।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अशोकनगर में वन विभाग की टीम पर हमला कब और कहाँ हुआ?
यह हमला सोमवार, 28 जुलाई को मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में मुंगावली वन परिक्षेत्र के किरौला गाँव के पास हुआ। वन विभाग की टीम उस समय जब्त की गई लकड़ी से लदी बैलगाड़ी को ट्रैक्टर से मुंगावली ले जा रही थी।
हमले में कौन-कौन घायल हुए?
हमले में डिप्टी रेंजर कमलेश बाथम के पैर में फ्रैक्चर हुआ और उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। वन कर्मचारी बलवीर पटेल सहित दो अन्य कर्मचारियों को भी चोटें आई हैं।
हमलावर कौन थे और क्या उन्हें गिरफ्तार किया गया?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी जियाजीगढ़ गाँव के निवासी बताए जा रहे हैं, हालाँकि अभी तक उनकी आधिकारिक पहचान नहीं हो पाई है। हमले के बाद सभी आरोपी जंगल में फरार हो गए और पुलिस की कई टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं।
पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
एसडीओपी सनम बी. खान के अनुसार, घटना में केस दर्ज किया जा रहा है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीमें तैनात की गई हैं। सभी आरोपियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
वन विभाग की टीम वहाँ क्यों गई थी?
वन विभाग को सूचना मिली थी कि मुंगावली वन परिक्षेत्र के जंगल से अवैध रूप से काटी गई लकड़ी बैलगाड़ी के ज़रिए तस्करी की जा रही है। इसी सूचना पर आठ सदस्यीय टीम ने मौके पर जाकर लकड़ी से लदी बैलगाड़ी जब्त की थी।
राष्ट्र प्रेस
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