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सीधी में अतिक्रमण विवाद हिंसक: एसएचओ इंद्रज सिंह पर कुल्हाड़ी से हमला, 5 आरोपी नामजद

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सीधी में अतिक्रमण विवाद हिंसक: एसएचओ इंद्रज सिंह पर कुल्हाड़ी से हमला, 5 आरोपी नामजद

सारांश

सीधी जिले के पटपारा गाँव में सरकारी रास्ते पर अतिक्रमण का विवाद सोमवार को खूनी टकराव में बदल गया। प्रदर्शनकारियों ने कुल्हाड़ी और दरांती से एसएचओ इंद्रज सिंह पर हमला कर दिया। पाँच आरोपी नामजद, गाँव में अतिरिक्त बल तैनात।

मुख्य बातें

सोमवार, 15 जून को मध्य प्रदेश के सीधी जिले के पटपारा गाँव में अतिक्रमण विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया।
कमरजी थाने के एसएचओ इंद्रज सिंह पर कुल्हाड़ी और दरांती से हमला किया गया, सिर में गंभीर चोटें आईं।
घायल अधिकारी को डायल-112 के ज़रिए सीधी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
एफआईआर में 5 आरोपी नामजद — दिनेश पटेल उर्फ गुंथी, सुनील पटेल, विनय पटेल, प्रीतम पटेल और रितेश उर्फ सिंटू पटेल।
एसडीएम विकास कुमार आनंद और पाँच थानों की पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति नियंत्रित की।
पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी ने कहा — किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

मध्य प्रदेश के सीधी जिले में सोमवार, 15 जून को सरकारी रास्ते पर कथित अवैध कब्जे को लेकर चल रहा विवाद उस समय हिंसक हो गया जब पटपारा गाँव में प्रदर्शनकारियों ने कर्तव्य पर तैनात कमरजी थाने के एसएचओ इंद्रज सिंह पर कुल्हाड़ी और दरांती से हमला कर दिया। हमले में अधिकारी के सिर में गंभीर चोटें आईं और उन्हें तत्काल डायल-112 इमरजेंसी सेवा के ज़रिए सीधी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

मुख्य घटनाक्रम

घटना कमरजी पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले पटपारा गाँव में उस समय शुरू हुई जब ग्रामीणों ने एक सरकारी रास्ते पर कथित अवैध कब्जे के विरोध में सार्वजनिक सड़क जाम कर दी। पुलिस के अनुसार यह विवाद कुछ समय से राजस्व विभाग के पास लंबित था और बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला था, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता रहा।

तनाव की सूचना मिलते ही एसएचओ इंद्रज सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुँचे और प्रदर्शनकारियों को जाम हटाकर आवाजाही बहाल करने के लिए समझाने की कोशिश की। इसी दौरान कुछ लोगों ने अधिकारी पर कुल्हाड़ी और दरांती से हमला कर दिया, जिससे वे मौके पर ही गिर पड़े।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

घटना की जानकारी मिलते ही सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) विकास कुमार आनंद पाँच पुलिस स्टेशनों के अधिकारियों और कर्मियों के साथ पटपारा पहुँचे। भीड़ को हटाया गया, जाम खुलवाया गया और स्थिति को नियंत्रण में लाया गया। गाँव में किसी भी अतिरिक्त तनाव को रोकने के लिए फिलहाल अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

पाँच आरोपी नामजद, जाँच जारी

पुलिस ने दर्ज एफआईआर में पाँच आरोपियों के नाम दर्ज किए हैं — दिनेश पटेल उर्फ गुंथी, सुनील पटेल, विनय पटेल, प्रीतम पटेल और रितेश उर्फ सिंटू पटेल। इन पर सरकारी कर्मचारियों पर हमला करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिस दल पर हमला करने के आरोप लगाए गए हैं। कार्रवाई के दौरान कई अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया।

पुलिस अधीक्षक का बयान

पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी ने इस हमले को कर्तव्यरत कानून प्रवर्तन कर्मी पर किया गया गंभीर अपराध बताया। उन्होंने कहा कि सूचना मिलते ही कई थानों से बल एकत्र कर मौके पर भेजा गया और मामले की गहन जाँच की जा रही है। कोरी ने स्पष्ट किया कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

आगे क्या

यह घटना इस बात की ओर ध्यान दिलाती है कि राजस्व विवादों का समय पर निपटारा न होने पर स्थानीय तनाव किस तरह हिंसा का रूप ले सकता है। अब जाँच एजेंसियों के सामने यह भी सवाल है कि सरकारी रास्ते पर कब्जे की शिकायत इतने लंबे समय तक लंबित क्यों रही। फिलहाल पुलिस सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी की कार्रवाई में जुटी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी जड़ें उस प्रशासनिक शून्य में हैं जिसे भरने की ज़िम्मेदारी राजस्व विभाग की थी।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीधी में एसएचओ पर हमला कैसे हुआ?
सोमवार को पटपारा गाँव में सरकारी रास्ते पर कथित अवैध कब्जे के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दी थी। जाम हटवाने पहुँचे कमरजी थाने के एसएचओ इंद्रज सिंह पर कुछ लोगों ने कुल्हाड़ी और दरांती से हमला कर दिया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोटें आईं।
इस मामले में कितने लोगों पर FIR दर्ज हुई है?
पुलिस ने एफआईआर में पाँच आरोपियों — दिनेश पटेल उर्फ गुंथी, सुनील पटेल, विनय पटेल, प्रीतम पटेल और रितेश उर्फ सिंटू पटेल — के नाम दर्ज किए हैं। इनके अलावा कई अन्य लोगों को घटना के बाद हिरासत में भी लिया गया।
अतिक्रमण विवाद इतने लंबे समय तक अनसुलझा क्यों रहा?
रिपोर्टों के अनुसार यह मामला काफी समय से राजस्व अधिकारियों के पास लंबित था और बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया, जिससे ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता रहा और स्थिति अंततः हिंसक हो गई।
घटना के बाद प्रशासन ने क्या कदम उठाए?
एसडीएम विकास कुमार आनंद पाँच थानों की पुलिस के साथ मौके पर पहुँचे, भीड़ हटाई और जाम खुलवाया। पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी ने गहन जाँच का आश्वासन दिया है और गाँव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
घायल एसएचओ की स्थिति क्या है?
एसएचओ इंद्रज सिंह को सिर में गंभीर चोटें आई हैं। उन्हें डायल-112 इमरजेंसी सेवा के ज़रिए सीधी जिला अस्पताल पहुँचाया गया। उनकी मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति के बारे में पुलिस ने आधिकारिक अपडेट जारी नहीं किया है।
राष्ट्र प्रेस
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