भोपाल दक्षिण-पश्चिम चुनाव मामले में न्यायालय की सुनवाई, पीसी शर्मा ने उठाया सवाल
सारांश
Key Takeaways
- भोपाल दक्षिण-पश्चिम चुनाव का मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है।
- पीसी शर्मा ने चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाया है।
- ईवीएम की बैटरी स्तर में भिन्नता से परिणाम प्रभावित होने का दावा করেছেন।
भोपाल, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री और विधानसभा चुनाव में पराजित पीसी शर्मा ने बताया कि भोपाल दक्षिण-पश्चिम चुनाव का मामला अब सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है, और वहां पर सच उजागर होगा।
कांग्रेस के प्रदेश मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए पीसी शर्मा ने भोपाल दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र के चुनाव परिणामों की स्थिति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह मामला विशेष याचिका के माध्यम से सर्वोच्च न्यायालय में चल रहा है और न्यायालय ने नोटिस भी जारी किया है।
कांग्रेस के उम्मीदवार रहे पूर्व मंत्री शर्मा ने आगे कहा कि सर्वोच्च न्यायालय में एसएलपी सिविल की गंभीरता के मद्देनजर न्यायालय ने इस पर संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में 17 नवंबर 2023 को मतदान हुआ, जिसमें वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रत्याशी थे। मतगणना 3 दिसंबर 2023 को हुई, जिसमें भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी को विजयी घोषित किया गया।
शर्मा ने आरोप लगाया कि बैलेट पेपर से मिले मतों में उन्हें लगभग 25 प्रतिशत अधिक समर्थन था, जबकि ईवीएम में परिणाम विपरीत आए। जिन ईवीएम में बैटरी स्तर 99 प्रतिशत था, उन मशीनों में भाजपा को जीत मिली, जबकि जिनमें बैटरी स्तर 60 से 70 था, उनमें कांग्रेस को बढ़त मिली।
उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास स्ट्रॉन्ग रूम की सीसीटीवी फुटेज है, जिसमें ईवीएम मशीनों के साथ कथित छेड़छाड़ के संकेत है। चुनाव के बाद सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत उन्होंने गणना स्थल की सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी जानकारी मांगी, पर चुनाव आयोग ने इसे न्यायालय के आदेशों के अधीन बताते हुए उपलब्ध नहीं कराया। इसके अलावा, ईवीएम और वीवीपैट मशीनों में प्रयुक्त बैटरी की जानकारी भी मांगी गई, जिसे निर्माता कंपनी ने गोपनीय बताकर देने से मना कर दिया।
कांग्रेस नेता ने कहा कि जानकारी को छुपाना चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर संदेह है और इससे निष्पक्ष चुनाव की अवधारणा को खतरा है।
उन्होंने कहा कि यह घटनाक्रम लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चिंताजनक है और इससे लोकतंत्र को गहरा आघात पहुंचा है। पीसी शर्मा ने कहा कि चूंकि मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है, उन्हें पूरा विश्वास है कि न्यायालय सत्य को सामने लाकर लोकतंत्र की रक्षा करेगा।