भोपाल: आईपीएस संजीव कंचन की 16 वर्षीय बेटी ने फांसी लगाई, सुसाइड नोट में लिखा 'अच्छी बेटी नहीं बन सकी'
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के प्रतिष्ठित सरकारी आवासीय क्षेत्र चार इमली में 27 मई को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जब आईपीएस अधिकारी संजीव कंचन की 16 वर्षीय बेटी ने घर में फांसी लगाकर जीवन समाप्त कर लिया। किशोरी कक्षा 11 में अध्ययनरत थी। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें उसने माता-पिता से माफी माँगी है।
घटनाक्रम
जानकारी के अनुसार, मंगलवार की सुबह पूरे परिवार ने एक साथ नाश्ता किया। इसके बाद परिवार के अन्य सदस्य अपने-अपने कार्यों के लिए निकल गए और किशोरी घर में अकेली रह गई। दोपहर में आईपीएस कंचन लंच के लिए घर लौटे तो उन्होंने पाया कि बेटी के कमरे का दरवाज़ा अंदर से बंद है। दरवाज़ा तोड़ने पर उन्हें बेटी फांसी के फंदे पर लटकी मिली।
पुलिस की कार्रवाई
आईपीएस कंचन ने तत्काल हबीबगंज थाने को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुँची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जाँच के दौरान पुलिस को एक एक-पृष्ठीय सुसाइड नोट मिला।
सुसाइड नोट में क्या लिखा था
एसीपी उमेश तिवारी ने बताया कि किशोरी ने नोट अंग्रेज़ी में लिखा था। नोट में उसने लिखा था — 'पापा-मम्मी, मैं आपसे बहुत प्यार करती हूँ, मैं खुद से भी ज़्यादा आपसे प्यार करती हूँ। मैं एक अच्छी बेटी नहीं बन सकी, मैं माफी माँगती हूँ, मैं एक छोटी-सी यात्रा पर जा रही हूँ। मैं खुद से ज़्यादा आप दोनों से प्यार करती हूँ।'
जाँच जारी
पुलिस ने मामले की विधिवत जाँच शुरू कर दी है। परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और मौके की तलाशी ली जा चुकी है। अधिकारियों के अनुसार, यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि किशोरी ने यह कदम क्यों उठाया — अभी तक कोई ठोस कारण सामने नहीं आया है।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब किशोरों में मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक दबाव को लेकर चिंताएँ लगातार बढ़ रही हैं। विशेषज्ञ बार-बार यह रेखांकित करते हैं कि बच्चों में भावनात्मक संकट के संकेतों को समय रहते पहचानना और उनसे खुलकर संवाद करना ज़रूरी है।