बिहार कैबिनेट ने 13 प्रस्तावों को दी मंजूरी: गया-बैंकॉक नॉन-स्टॉप फ्लाइट, STF को नई शक्तियाँ

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बिहार कैबिनेट ने 13 प्रस्तावों को दी मंजूरी: गया-बैंकॉक नॉन-स्टॉप फ्लाइट, STF को नई शक्तियाँ

सारांश

बिहार कैबिनेट की 20 मई की बैठक में 13 अहम फैसले — गया से बैंकॉक सीधी उड़ान, नक्सल नियंत्रण के लिए STF को 15 साल की प्रतिनियुक्ति शक्ति, नालंदा में ₹88 करोड़ का राइस प्लांट और ग्रामीण निकायों के लिए ₹747 करोड़ से अधिक की मंजूरी।

मुख्य बातें

बिहार कैबिनेट ने 20 मई 2026 को 13 प्रस्तावों को मंजूरी दी, बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की।
इंडिगो एयरलाइंस को गया-बैंकॉक नॉन-स्टॉप मार्ग पर 12 महीने के लिए ₹10.40 करोड़ की स्वीकृति, बौद्ध पर्यटन को बढ़ावा देने का लक्ष्य।
STF में 50 दक्ष पुलिसकर्मियों को अधिकतम 15 वर्षों तक प्रतिनियुक्ति पर रखने का अधिकार DGP पटना को दिया गया।
नालंदा में 960 MTPD क्षमता की राइस यूनिट के लिए ₹88 करोड़ 18 लाख का निवेश; 185 रोज़गार सृजित होंगे।
ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए ₹747 करोड़ 97 लाख 64 हजार की अग्रिम स्वीकृति, 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा पर।
बिहार काउंसिल ऑन साइंस एंड टेक्नोलॉजी में 87 पद प्रत्यर्पित , 53 नए पद सृजित।

बिहार मंत्रिमंडल ने बुधवार, 20 मई 2026 को पटना में हुई बैठक में 13 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी, जिनमें गया-बैंकॉक नॉन-स्टॉप हवाई सेवा के लिए ₹10.40 करोड़ की स्वीकृति और वामपंथी नक्सल नियंत्रण हेतु STF को विस्तारित अधिकार शामिल हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक के फैसले बिहार में पर्यटन, उद्योग और ग्रामीण विकास तीनों क्षेत्रों को प्रभावित करते हैं।

गया-बैंकॉक नॉन-स्टॉप हवाई सेवा

कैबिनेट ने राज्य में नए अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर हवाई संपर्कता बढ़ाने की नीति के तहत मेसर्स इंटरग्लोब एविएशन लिमिटेड (इंडिगो एयरलाइंस) को गया-बैंकॉक मार्ग पर 12 महीने के लिए नामांकन के आधार पर ₹10.40 करोड़ की प्रशासनिक एवं व्यय स्वीकृति प्रदान की। यह एकल निविदा के आलोक में लिया गया निर्णय है।

सरकार का मानना है कि गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से बैंकॉक (थाईलैंड) के बीच सीधी उड़ान स्थापित होने से बौद्ध तीर्थयात्रियों और विदेशी पर्यटकों के आगमन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। थाईलैंड से प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु बोधगया सहित बिहार के अन्य बौद्ध स्थलों के दर्शन के लिए आते हैं, और यह सेवा उनकी यात्रा को और सुगम बनाएगी।

STF को नक्सल नियंत्रण में नई शक्तियाँ

बैठक में वामपंथी नक्सलियों के नियंत्रण के लिए विशेष कार्य बल (STF) में विशिष्ट दक्षता एवं सूचना संग्रहण कौशल के आधार पर चिन्हित 50 दक्ष पुलिसकर्मियों को अधिकतम 15 वर्षों तक प्रतिनियुक्ति पर रखने का अधिकार पुलिस महानिदेशक, पटना को देने की स्वीकृति दी गई। यह कदम राज्य में नक्सल-विरोधी अभियानों को दीर्घकालिक स्थिरता देने के उद्देश्य से उठाया गया है।

नालंदा में औद्योगिक निवेश और रोज़गार सृजन

नालंदा में बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन के तहत 960 MTPD क्षमता की पार बॉयल्ड राइस उत्पादन इकाई की स्थापना के लिए ₹88 करोड़ 18 लाख के पूंजी निवेश को मंजूरी दी गई। इस इकाई से 185 कुशल एवं अकुशल कामगारों के लिए रोज़गार के अवसर सृजित होने की संभावना है।

ग्रामीण निकायों के लिए वित्तीय आवंटन

वित्तीय वर्ष 2026-27 में 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा के आलोक में ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए बिहार आकस्मिकता निधि से ₹747 करोड़ 97 लाख 64 हजार की अग्रिम स्वीकृति दी गई। यह राशि ग्रामीण बुनियादी ढाँचे और सेवाओं के सुदृढ़ीकरण में उपयोग होगी।

विज्ञान-प्रौद्योगिकी परिषद में पदों का पुनर्गठन

बिहार काउंसिल ऑन साइंस एंड टेक्नोलॉजी, पटना और इसके अधीनस्थ कार्यालयों में पूर्व से स्वीकृत 94 पदों में से 87 पदों को प्रत्यर्पित करने और 53 नए अतिरिक्त पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई। यह पुनर्गठन संस्था की कार्यक्षमता और तकनीकी दक्षता बढ़ाने के लिए किया गया है। इन सभी निर्णयों से बिहार में पर्यटन, सुरक्षा, उद्योग और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में नई गति आने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन एकल निविदा के आधार पर नामांकन से अनुबंध की प्रतिस्पर्धात्मकता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। STF को 15 वर्षीय प्रतिनियुक्ति अधिकार देना नक्सल-विरोधी रणनीति में निरंतरता सुनिश्चित करता है, पर यह भी देखना होगा कि इन पुलिसकर्मियों की जवाबदेही का तंत्र कितना पारदर्शी है। नालंदा का राइस प्लांट और ग्रामीण निकायों को वित्त आयोग की राशि — दोनों ही 2025 के बिहार विधानसभा चुनावी वर्ष से पहले जमीनी स्तर पर प्रभाव दिखाने की राजनीतिक ज़रूरत को भी दर्शाते हैं।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार कैबिनेट की 20 मई 2026 की बैठक में कौन-से मुख्य फैसले हुए?
बैठक में 13 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें गया-बैंकॉक नॉन-स्टॉप हवाई सेवा के लिए ₹10.40 करोड़, STF को नक्सल नियंत्रण हेतु विस्तारित अधिकार, नालंदा में ₹88 करोड़ 18 लाख का राइस प्लांट और ग्रामीण निकायों के लिए ₹747 करोड़ से अधिक की स्वीकृति शामिल है।
गया-बैंकॉक हवाई सेवा से बिहार को क्या फायदा होगा?
गया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से बैंकॉक के बीच सीधी उड़ान से थाईलैंड और दक्षिण-पूर्व एशिया के बौद्ध तीर्थयात्रियों का बोधगया और बिहार के अन्य बौद्ध स्थलों तक पहुँचना आसान होगा। सरकार का अनुमान है कि इससे राज्य में विदेशी पर्यटकों की संख्या और पर्यटन राजस्व दोनों में वृद्धि होगी।
STF को दिए गए नए अधिकार क्या हैं?
पुलिस महानिदेशक, पटना को यह अधिकार दिया गया है कि वे नक्सल नियंत्रण के लिए विशेष दक्षता और सूचना संग्रहण कौशल वाले 50 चिन्हित पुलिसकर्मियों को STF में अधिकतम 15 वर्षों तक प्रतिनियुक्ति पर रख सकते हैं। यह कदम वामपंथी उग्रवाद-प्रभावित क्षेत्रों में दीर्घकालिक अभियान क्षमता बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
नालंदा में राइस प्लांट से कितनी नौकरियाँ मिलेंगी?
नालंदा में 960 MTPD क्षमता की पार बॉयल्ड राइस उत्पादन इकाई से 185 कुशल एवं अकुशल कामगारों के लिए रोज़गार सृजित होने की संभावना है। इस इकाई के लिए ₹88 करोड़ 18 लाख के पूंजी निवेश को बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन के तहत मंजूरी दी गई है।
ग्रामीण स्थानीय निकायों को मिली ₹747 करोड़ की राशि किस मद में खर्च होगी?
यह राशि 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा के आलोक में वित्तीय वर्ष 2026-27 में बिहार आकस्मिकता निधि से अग्रिम के रूप में स्वीकृत की गई है। इसका उपयोग ग्रामीण बुनियादी ढाँचे और स्थानीय सेवाओं के सुदृढ़ीकरण में किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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