बिहार कैबिनेट विस्तार: PM मोदी और अमित शाह की मौजूदगी में गुरुवार को शपथ ग्रहण, पटना में भव्य तैयारी
सारांश
मुख्य बातें
बिहार भाजपा के अध्यक्ष संजय सरावगी ने 6 मई 2025 को राष्ट्र प्रेस को बताया कि पटना में गुरुवार को होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहेंगे। सूत्रों के अनुसार, पार्टी आलाकमान ने मंत्रियों की सूची को अंतिम मंजूरी दे दी है, जिससे बिहार में कैबिनेट विस्तार का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
समारोह में कौन-कौन होंगे शामिल
सरावगी ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी इस शपथ ग्रहण समारोह के साक्षी बनेंगे। उनके साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, जेपी नड्डा और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी कार्यक्रम में भाग लेंगे। एनडीए के वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार और जीतन राम मांझी भी समारोह में मौजूद रहेंगे। बिहार एनडीए के सभी सांसद और राज्य से आने वाले केंद्रीय मंत्री भी इस ऐतिहासिक अवसर का हिस्सा होंगे।
पटना में भव्य तैयारियाँ
फिलहाल पटना में कैबिनेट विस्तार की तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। कार्यक्रम स्थल पर हजारों लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। शहर में जगह-जगह पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें PM मोदी, अमित शाह और नितिन नवीन के स्वागत संदेशों के साथ 'विकसित भारत, विकसित बिहार' का नारा अंकित है। सरावगी के अनुसार, पीएम मोदी के दौरे को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं में जबरदस्त उत्साह है और उनके स्वागत में सड़कों पर भी बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहेंगे।
उपमुख्यमंत्री और सम्राट चौधरी का बयान
बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने कहा कि पिछले सप्ताह से ही मंत्रिमंडल विस्तार संभावित था और अब गुरुवार को यह औपचारिक रूप से होगा। उन्होंने PM मोदी और अमित शाह का स्वागत करते हुए कहा कि वे पश्चिम बंगाल और असम में जीत कर आएंगे, जो बिहार एनडीए के लिए भी प्रसन्नता की बात है। इससे पहले सम्राट चौधरी सोमवार को नई दिल्ली का दौरा पूरा कर पटना लौटे, जहाँ उन्होंने अमित शाह, राजनाथ सिंह और गठबंधन के अन्य वरिष्ठ नेताओं से अहम बैठकें की थीं।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि यह मंत्रिमंडल विस्तार बिहार की राजनीति में एनडीए के समीकरणों को नई दिशा देगा। शपथ ग्रहण के बाद नई कैबिनेट की प्राथमिकताएँ और विभागों का बँटवारा बिहार की आगामी राजनीतिक दिशा तय करेगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि नई कैबिनेट में गठबंधन के विभिन्न घटक दलों को किस प्रकार प्रतिनिधित्व मिलता है।