बिहार कैबिनेट विस्तार 7 मई को: चिराग पासवान बोले — पिछली सरकार का फॉर्मूला ही रहेगा आधार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बिहार कैबिनेट विस्तार 7 मई को: चिराग पासवान बोले — पिछली सरकार का फॉर्मूला ही रहेगा आधार

सारांश

बिहार में 7 मई को सम्राट चौधरी सरकार का कैबिनेट विस्तार होने जा रहा है। चिराग पासवान ने साफ़ कर दिया है कि पिछली सरकार का फॉर्मूला ही आधार होगा — BJP के 14, JDU के 9 और LJP-हम-रालोमो के कोटे बरकरार। नए चेहरों को मौका मिलने की संभावना के साथ गांधी मैदान में बड़ा राजनीतिक संदेश देने की तैयारी है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 7 मई को पटना के गांधी मैदान में कैबिनेट विस्तार करेंगे।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा — पिछली सरकार का फॉर्मूला ही मंत्रिमंडल विस्तार का आधार होगा।
पिछली सरकार में BJP के 14 मंत्री (2 उप CM सहित) और जदयू के 9 मंत्री (CM सहित) थे।
लोजपा (रामविलास) के 2 और हम व रालोमो के एक-एक मंत्री का कोटा बरकरार रहने की संभावना।
इस बार कई पुराने नामों की जगह नए चेहरों को मौका मिलने की चर्चा।
बिहार के बाद पश्चिम बंगाल में भी नई सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारी होगी।

केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने मंगलवार, 5 मई को स्पष्ट किया कि बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में होने वाले कैबिनेट विस्तार का आधार पिछली सरकार का वही फॉर्मूला होगा जिसमें एनडीए के घटक दलों के बीच पदों का संतुलित बंटवारा किया गया था। शपथ ग्रहण समारोह 7 मई को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित होगा और इसकी तैयारियाँ जोर-शोर से चल रही हैं।

मंत्रिमंडल विस्तार पर चिराग पासवान का बयान

मीडिया से बातचीत में चिराग पासवान ने कहा, ''पिछली सरकार में जो फॉर्मूला था, उसमें बदलाव के कोई कारण दिखाई नहीं देते हैं। पिछली बार जिस तरीके से मंत्रिमंडल बना था, वह होगा।'' उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (यूनाइटेड) के कोटे से कुछ मंत्रियों के शपथ लेना पिछली बार बाकी रह गया था और संभवतः इस बार वह पूरा कर लिया जाएगा।

पिछली सरकार में क्या था गणित

पृष्ठभूमि के रूप में यह जानना ज़रूरी है कि जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद जब सम्राट चौधरी ने शपथ ली, तब जदयू कोटे से दो उप मुख्यमंत्री बनाए गए थे। पिछली सरकार में BJP के दो उप मुख्यमंत्री समेत 14 मंत्री थे, जबकि जदयू के खाते में मुख्यमंत्री सहित 9 मंत्री थे। इसके अलावा लोजपा (रामविलास) के 2 और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) तथा राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के एक-एक मंत्री शामिल थे।

नए चेहरों को मिलेगा मौका

सूत्रों के अनुसार, BJP, जदयू, लोजपा (रामविलास), हम और रालोमो के बीच पदों का बंटवारा लगभग तय माना जा रहा है। हालाँकि इस बार कई पुराने नामों की जगह नए चेहरों को मौका मिलना निश्चित माना जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार विधानसभा चुनाव नज़दीक आ रहे हैं और एनडीए अपनी गठबंधन राजनीति को और मज़बूत करना चाहता है।

पश्चिम बंगाल का भी ज़िक्र

चिराग पासवान ने यह भी कहा कि बिहार में नए मंत्रियों को शपथ दिलाए जाने के बाद पश्चिम बंगाल में भी नई सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारी की जाएगी। गौरतलब है कि गांधी मैदान में आयोजित होने वाला यह समारोह राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम है, क्योंकि इसमें एनडीए की एकजुटता का संदेश देने की कोशिश होगी।

आगे क्या होगा

राजनीतिक कार्यकर्ताओं और आम जनता की निगाहें 7 मई के शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हैं। मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले नामों की आधिकारिक घोषणा समारोह से कुछ घंटे पहले होने की उम्मीद है। यह विस्तार बिहार की गठबंधन राजनीति की दिशा और आने वाले चुनावों के लिए एनडीए की रणनीति का अहम संकेत होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन गठबंधन की राजनीति में यह एक सुलझा हुआ संदेश है — किसी घटक दल को कम नहीं आँका जाएगा। असली सवाल यह है कि जब नए चेहरों को मौका दिया जाएगा, तो पुराने विधायकों की नाराज़गी को कैसे संभाला जाएगा। बिहार विधानसभा चुनाव की दस्तक के बीच यह कैबिनेट विस्तार महज़ प्रशासनिक कदम नहीं, बल्कि एनडीए की सामाजिक समीकरण साधने की रणनीतिक कवायद है। गांधी मैदान जैसे प्रतीकात्मक स्थल का चुनाव भी यह संकेत देता है कि यह शपथ ग्रहण एक राजनीतिक संदेश है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में कैबिनेट विस्तार कब होगा?
बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का कैबिनेट विस्तार 7 मई को पटना के गांधी मैदान में होगा। शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियाँ जोर-शोर से चल रही हैं।
चिराग पासवान ने मंत्रिमंडल विस्तार पर क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि पिछली सरकार में जो फॉर्मूला था उसमें बदलाव के कोई कारण नहीं दिखते और उसी आधार पर मंत्रिमंडल बनेगा। उन्होंने यह भी कहा कि BJP और JDU के कोटे से कुछ मंत्रियों का शपथ लेना बाकी था, जो इस बार पूरा होगा।
पिछली सरकार में NDA के मंत्रियों का बंटवारा कैसा था?
पिछली सरकार में BJP के दो उप मुख्यमंत्री समेत 14 मंत्री थे और JDU के मुख्यमंत्री सहित 9 मंत्री थे। LJP (रामविलास) के 2 और हम व रालोमो के एक-एक मंत्री भी शामिल थे।
क्या इस बार नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह मिलेगी?
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार इस बार कई पुराने नामों की जगह नए चेहरों को मौका मिलना निश्चित माना जा रहा है। हालाँकि आधिकारिक नामों की घोषणा समारोह से कुछ घंटे पहले होने की उम्मीद है।
सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री कैसे बने?
JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उस समय JDU कोटे से दो उप मुख्यमंत्री भी बनाए गए थे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 दिन पहले
  2. 6 दिन पहले
  3. 6 दिन पहले
  4. 6 दिन पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 1 सप्ताह पहले
  8. 4 सप्ताह पहले