बिहार नई कैबिनेट: सम्राट चौधरी के नेतृत्व में 'विकसित बिहार' का संकल्प, रामकृपाल यादव और संजय सरावगी ने जताया भरोसा
सारांश
मुख्य बातें
बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नई कैबिनेट के गठन के बाद 8 मई 2026 को पटना में बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने नई टीम पर पूरा भरोसा जताया। दोनों नेताओं ने कहा कि नई कैबिनेट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री के 'विकसित बिहार' के सपने को साकार करने की दिशा में नई ऊर्जा के साथ काम करेगी।
नई कैबिनेट में जिम्मेदारियों का बंटवारा
रामकृपाल यादव ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि कैबिनेट विस्तार पूर्ण हो चुका है और सभी मंत्रियों के बीच विभागीय जिम्मेदारियाँ सुनिश्चित कर दी गई हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मार्गदर्शन में पूरी टीम नई ऊर्जा और प्रतिबद्धता के साथ बिहार के विकास के लिए कार्य करेगी। संजय सरावगी ने सभी नवनियुक्त मंत्रियों को बधाई देते हुए कहा कि सरकार समाज के हर वर्ग की सेवा करने के लिए संकल्पबद्ध है।
किसे मिली कौन सी जिम्मेदारी
सरावगी ने नए मंत्रियों के विभागीय आवंटन का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि निशांत कुमार युवा और शिक्षित नेता हैं, इसलिए उन्हें स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मिथिलेश तिवारी को शिक्षा विभाग और संजय टाइगर को उच्च शिक्षा विभाग का दायित्व दिया गया है। इसके अलावा विजय कुमार सिन्हा को कृषि विभाग की बागडोर सौंपी गई है। सरावगी ने कहा कि सभी मंत्री अनुभवी हैं और अपने-अपने विभाग को आगे ले जाने में सक्षम हैं।
NDA की एकजुटता पर जोर
रामकृपाल यादव ने स्पष्ट किया कि BJP, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सभी सहयोगी दल पूरी तरह एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि गठबंधन में हर घटक दल अपने विभाग के माध्यम से बिहार के विकास में योगदान देगा। सरावगी ने यह भी याद दिलाया कि पूर्व मुख्यमंत्री ने बिहार को 'जंगलराज' से निकालकर सुशासन स्थापित किया था और अब नए मुख्यमंत्री का लक्ष्य उसी सुशासन की नींव पर बिहार को समृद्ध बनाना है।
राजद पर तीखा हमला
संजय सरावगी ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि यह एक परिवार तक सीमित पार्टी है। उन्होंने आरोप लगाया कि लालू यादव मुख्यमंत्री बने और जब कानूनी कार्रवाई की नौबत आई तो उन्होंने राबड़ी देवी को मुख्यमंत्री पद सौंप दिया। उनके अनुसार, तेजस्वी यादव को उपमुख्यमंत्री, तेज प्रताप यादव को स्वास्थ्य मंत्री और मीसा भारती को सांसद बनाया गया। सरावगी ने दावा किया कि राबड़ी देवी के कार्यकाल में लालू यादव के दोनों साले अनौपचारिक रूप से सरकार संचालित कर रहे थे और उस दौर में 'बिहारी' शब्द की गरिमा को गहरा आघात पहुँचा था।
अखिलेश-ममता मुलाकात पर तंज
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और ममता बनर्जी की मुलाकात पर NDA नेताओं ने व्यंग्यात्मक टिप्पणी की। रामकृपाल यादव ने कहा कि दोनों नेता शायद एक-दूसरे के आंसू पोंछने गए होंगे, क्योंकि ममता बनर्जी का राजनीतिक सफाया हो चुका है। संजय सरावगी ने दावा किया कि अगले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव का भी वही हश्र होगा जो जनता ने ममता बनर्जी के साथ किया। यह देखना होगा कि विपक्ष इन दावों का किस प्रकार जवाब देता है और बिहार की नई कैबिनेट अपने वादों पर कितनी खरी उतरती है।