बिहार में 69 एकलव्य स्पोर्ट्स स्कूल: 1,000+ बच्चे समर कैंप में निखार रहे खेल प्रतिभा
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार ने राज्यभर में 69 एकलव्य रेजिडेंशियल स्पोर्ट्स स्कूल स्थापित करने का निर्णय लिया है, जिसका उद्देश्य प्रतिभावान युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करना है। पटना स्थित बिहार राज्य खेल प्राधिकरण की देखरेख में इन स्कूलों का संचालन तेज़ गति से हो रहा है — वर्तमान में 31 स्कूल सक्रिय हैं और जल्द ही यह संख्या बढ़ने वाली है।
समर कैंप में उमड़े 1,000 से अधिक बच्चे
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर बिहार राज्य खेल प्राधिकरण ने स्कूली छुट्टियों के दौरान 2 सप्ताह का समर कैंप आयोजित किया है। इस कैंप में 1,000 से अधिक बच्चों ने पंजीकरण कराया है, जो सुबह और शाम दोनों सत्रों में भाग ले रहे हैं। बच्चों को फुटबॉल, वॉलीबॉल, योगा और क्रिकेट जैसे खेलों से परिचित कराया जा रहा है।
बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक एवं सीईओ रवींद्रन शंकरन ने बताया, 'बिहार सरकार का निर्देश था कि स्कूल की छुट्टी के दिनों पर बच्चों का खेल से परिचय कराया जाए। हम बच्चों को फुटबॉल, वॉलीबॉल, योगा, क्रिकेट से परिचय करवा रहे हैं।'
सरकार की ओर से मिल रही ये सुविधाएं
समर कैंप में भाग लेने वाले प्रत्येक बच्चे को सरकार की ओर से रिफ्रेशमेंट, टी-शर्ट, वॉटर बोतल और प्रमाण-पत्र प्रदान किए जा रहे हैं। शंकरन ने जानकारी दी कि आने वाले 3 महीनों में सभी 69 एकलव्य स्पोर्ट्स स्कूल समूचे बिहार में पूरी तरह कार्यरत हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि गुरुवार तक सक्रिय स्कूलों की संख्या 41 तक पहुँच जाएगी।
वर्ल्ड चैंपियनशिप योगासन में बिहार का शानदार प्रदर्शन
अहमदाबाद में आयोजित पहली वर्ल्ड चैंपियनशिप योगासन में बिहार के खिलाड़ियों ने पदक जीतकर राज्य का नाम रोशन किया। शंकरन ने इस उपलब्धि पर खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा, 'ये संदेश है कि बिहार सिर्फ एक खेल में नहीं, बल्कि प्रत्येक खेल में आगे बढ़ रहा है। भविष्य में बिहार स्पोर्ट्स का पावरहाउस बनेगा।'
राज्य के 33 जिलों में खेल ढाँचे का विस्तार
बिहार राज्य खेल प्राधिकरण राज्य के 33 जिलों में प्रशिक्षकों की तैनाती के साथ-साथ खेल केंद्रों का व्यापक निर्माण कर रहा है। यह पहल युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा को तराशने और उन्हें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए सक्षम बनाने पर केंद्रित है। आने वाले महीनों में इन स्कूलों की पूर्ण क्षमता से संचालन की उम्मीद की जा रही है।