बिहार बाढ़: दुर्गा पूजा से पहले किसानों को मिलेगा फसल क्षति मुआवजा, विजय सिन्हा ने गोपालगंज में लिया जायजा
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शनिवार, 4 अक्टूबर 2026 को गोपालगंज में बाढ़ पीड़ित किसानों से सीधी मुलाकात की और राज्य सरकार की ओर से स्पष्ट आश्वासन दिया कि दुर्गा पूजा से पहले प्रभावित किसानों के बैंक खातों में फसल क्षति की मुआवजा राशि सीधे हस्तांतरित कर दी जाएगी। गोपालगंज के जिला प्रभारी मंत्री के रूप में भी जिम्मेदारी संभाल रहे सिन्हा ने जिला अधिकारियों को क्षति आकलन प्रक्रिया में तेज़ी लाने के निर्देश दिए।
मुआवजे की तैयारी और आकलन की स्थिति
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि राज्य के 18 जिलों में फसल क्षति का सर्वेक्षण पहले ही पूरा कर लिया गया है। संबंधित जिलों से प्राप्त रिपोर्टों के आधार पर मुआवजा वितरण की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है। उन्होंने दोहराया कि बाढ़ प्रभावित किसानों को समय पर राहत पहुँचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
तटबंध टूटने की जाँच का आदेश
गोपालगंज दौरे के दौरान मंत्री ने बैकुंठपुर प्रखंड के शीतलपुर में तटबंध टूटने की घटना की भी जानकारी ली। उन्होंने जिलाधिकारी को पूरे मामले की जाँच कराने का निर्देश दिया। सिन्हा ने कहा कि जाँच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदारी तय करते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नदियों के जलस्तर की ताज़ा स्थिति
शनिवार को कुछ स्थानों पर नदियों के जलस्तर में मामूली गिरावट दर्ज की गई, लेकिन स्थिति अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। पटना के गांधीघाट में गंगा खतरे के निशान से 104 सेंटीमीटर ऊपर थी। दीघाघाट में 29 सेंटीमीटर और हाथीदह में 92 सेंटीमीटर ऊपर जलस्तर दर्ज किया गया।
अगले 24 घंटों में दीघाघाट और गांधीघाट में 19-19 सेंटीमीटर तथा हाथीदह में 7 सेंटीमीटर की कमी का अनुमान लगाया गया है। वहीं मुंगेर में गंगा खतरे के निशान से 13 सेंटीमीटर नीचे थी और भागलपुर में 5 सेंटीमीटर नीचे। हालाँकि कहलगांव में गंगा 69 सेंटीमीटर और साहेबगंज में 27 सेंटीमीटर ऊपर थी, और दोनों स्थानों पर जलस्तर और बढ़ने का अनुमान है।
पटना के मनेर में सोन नदी खतरे के निशान से 51 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी। सिवान के दरौली में घाघरा 86 सेंटीमीटर और गंगपुर सिसवन में 26 सेंटीमीटर ऊपर थी — दोनों स्थानों पर अगले 24 घंटे में जलस्तर घटने का अनुमान है।
मुजफ्फरपुर के रेवाघाट में गंडक 29 सेंटीमीटर और डुमरियाघाट में 110 सेंटीमीटर ऊपर थी। वैशाली के हाजीपुर में गंडक खतरे के निशान से 43 सेंटीमीटर नीचे थी। खगड़िया में बूढ़ी गंडक 96 सेंटीमीटर ऊपर थी और इसमें और वृद्धि की आशंका है। मुजफ्फरपुर के बेनीबाद में बागमती 83 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज की गई। खगड़िया के बलतारा में कोसी 46 सेंटीमीटर और कटिहार के कुरसेला में 50 सेंटीमीटर ऊपर बह रही थी।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार 4 अक्टूबर 2026 तक नेपाल से निकलने वाली गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, बागमती-अधवारा और महानंदा के जलग्रहण क्षेत्रों में हल्की से सामान्य वर्षा का अनुमान है, जबकि अन्य क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य के कई हिस्सों में नदियाँ पहले से ही खतरे के निशान से ऊपर हैं।
आगे की राह
गौरतलब है कि बिहार में हर साल मानसून के दौरान बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है और किसानों को फसल नुकसान झेलना पड़ता है। इस बार सरकार ने त्योहारी मौसम से पहले मुआवजा देने की प्रतिबद्धता जताकर राहत प्रक्रिया में तेजी का संकेत दिया है। शेष जिलों में क्षति आकलन पूरा होने और मुआवजा वितरण की समय-सीमा पर किसानों की नज़र टिकी रहेगी।