गयाजी में कृषि जन कल्याण संवाद: मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने किसानों की समस्याओं पर 24 घंटे में जांच के निर्देश दिए
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने 22 अगस्त 2026 को गया के प्रेक्षागृह केंद्र, हरिदास सेमिनरी में 'किसान समृद्धि, महिला उद्यमी, युवा रोजगार, श्रमिक उत्थान—कृषि जन कल्याण संवाद' कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने किसानों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं, सुझाव और अपेक्षाएं सुनीं तथा अधिकारियों को त्वरित समाधान के स्पष्ट निर्देश दिए।
मुख्य घटनाक्रम
कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार, विधायक, जनप्रतिनिधि, कृषि विभाग एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, किसान, युवा और महिला उद्यमी सहित बड़ी संख्या में प्रतिभागी उपस्थित रहे। संवाद के दौरान किसानों ने खाद की उपलब्धता, निर्धारित मूल्य पर बिक्री और समय पर आपूर्ति जैसी कृषि से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को मंत्री के समक्ष रखा।
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में किसानों की शिकायतें — विशेषकर उर्वरक वितरण को लेकर — लंबे समय से चर्चा में रही हैं। गौरतलब है कि इस तरह के सीधे संवाद कार्यक्रम सरकारी योजनाओं और ज़मीनी हकीकत के बीच की खाई को पाटने के प्रयास के रूप में देखे जा रहे हैं।
24 घंटे में जांच के निर्देश
किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मंत्री सिन्हा ने गया के जिलाधिकारी को 24 घंटे के भीतर विशेष टीम गठित कर मामले की जांच कराने और जांच प्रतिवेदन से उन्हें अवगत कराने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जांच के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता सामने आने पर संबंधित दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने यह भी कहा कि किसानों को किसी भी स्तर पर परेशानी नहीं होनी चाहिए और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए।
आधुनिक तकनीक और योजनाओं का प्रदर्शन
कार्यक्रम स्थल पर कृषि क्षेत्र की आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं की जानकारी किसानों तक पहुंचाने के उद्देश्य से विभिन्न स्टॉल लगाए गए, जिनका मंत्री ने निरीक्षण किया। इनमें एग्रीस्टैक एवं फार्मर आईडी, खाद, प्राकृतिक खेती, मिट्टी जांच, डिजिटल कृषि, कृषि ऐप, ड्रोन तकनीक, पौधा संरक्षण, कृषि विपणन, निर्यात एवं बाजार संपर्क, किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा, फसल सहायता, उद्यानिकी, प्रसंस्करण, उन्नत बीज और जैविक प्रमाणीकरण से संबंधित स्टॉल शामिल थे।
सरकार की प्राथमिकता और दृष्टिकोण
मंत्री सिन्हा ने कहा कि कृषि विभाग की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनका वास्तविक लाभ प्रत्येक किसान तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने बताया कि इसके लिए पंचायत और प्रखंड स्तर पर संबंधित अधिकारी किसानों के साथ संवाद करेंगे और उन्हें योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी देंगे।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि किसान को केवल कृषि उत्पादन तक सीमित रखने के बजाय तकनीक, गुणवत्तापूर्ण कृषि इनपुट, प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन और बाजार से जोड़ना जरूरी है — जिससे कृषि को रोजगार और उद्यमिता का माध्यम बनाया जा सके। इसमें युवा और महिला किसानों की भागीदारी को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया गया।
आगे की राह
मंत्री ने कहा कि 'सशक्त किसान, समृद्ध बिहार और विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने के लिए सरकार किसानों के साथ निरंतर संवाद और सहभागिता के माध्यम से आगे बढ़ रही है। 'कृषि जन कल्याण संवाद' को इसी दिशा में एक ठोस कदम बताया गया है, जिसका उद्देश्य खेत स्तर तक योजनाओं और तकनीकी सुविधाओं का लाभ पहुंचाना है।