बिहार कृषि मंत्री विजय सिन्हा की PM मोदी से मुलाकात, युवा-महिला उद्यमियों की भागीदारी पर हुई चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने 29 मई 2025 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट की। इस बैठक में कृषि क्षेत्र में युवाओं और महिला उद्यमियों की सहभागिता बढ़ाने सहित कई अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। सिन्हा ने इसे 'विकसित बिहार, विकसित भारत' के संकल्प को कृषि क्षेत्र में साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
मुलाकात में क्या हुई चर्चा
विजय सिन्हा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट साझा करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई बैठक में कृषि क्षेत्र में युवाओं एवं महिला उद्यमियों की सकारात्मक और सशक्त भागीदारी सुनिश्चित करने पर महत्वपूर्ण विचार-विमर्श हुआ। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का दूरदर्शी नेतृत्व और कृषि क्रांति के प्रति उनका समर्पण सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। सिन्हा के अनुसार, प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में बिहार का कृषि क्षेत्र नई ऊँचाइयों को छुएगा।
बिहार की कृषि स्थिति: आँकड़े और चुनौतियाँ
बिहार को कृषि प्रधान राज्य बताते हुए सिन्हा ने कहा कि राज्य की 76 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है, जबकि 94 प्रतिशत किसान छोटे और सीमांत वर्ग से आते हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि छोटे किसानों को निवेश संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है और बिहार सरकार इस समस्या के समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं से किसानों की आय बढ़ाने का अनुकूल माहौल बनने का दावा किया जा रहा है।
फार्मर आईडी अभियान और लक्ष्य
सिन्हा ने बताया कि राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान 47 लाख किसानों की फार्मर आईडी बनाई जा चुकी है। अब सरकार का अगला लक्ष्य 50 लाख और किसानों की फार्मर आईडी तैयार करने का है। गौरतलब है कि फार्मर आईडी से किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से मिलने की उम्मीद है।
भाजपा के 12 वर्ष और विपक्ष पर बयान
केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर सिन्हा ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए विपक्ष से भी सकारात्मक भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में देश में सामाजिक सद्भाव बढ़ा है और दंगे तथा अशांति की घटनाओं में कमी आई है। उन्होंने यह भी कहा कि नभ, थल और जल — तीनों क्षेत्रों में विकास की गति तेज हुई है और आधारभूत संरचना में अभूतपूर्व परिवर्तन आया है।
आगे की राह
सिन्हा ने कहा कि यदि किसानों का समग्र विकास सुनिश्चित हो जाता है, तो उनके परिवारों के साथ-साथ पूरा बिहार भी उन्नति की नई राह पर आगे बढ़ेगा। उन्होंने 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरा करने के लिए सभी वर्गों को एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया। बिहार के कृषि क्षेत्र में युवाओं और महिला उद्यमियों की बढ़ती भागीदारी राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकती है।