बिहार कृषि विश्वविद्यालय में आंधी का कहर: सैकड़ों पेड़ धराशायी, करोड़ों का नुकसान
सारांश
मुख्य बातें
बिहार कृषि विश्वविद्यालय परिसर में 25-26 मई 2026 की देर रात आई भीषण आंधी और तेज हवाओं ने व्यापक तबाही मचाई, जिसमें कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह के आवास सहित पूरे परिसर में छोटे-बड़े सैकड़ों पेड़ धराशायी हो गए और कई प्रमुख मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गए। प्रथम दृष्टया निरीक्षण में विश्वविद्यालय को करोड़ों रुपये की क्षति होने का अनुमान लगाया जा रहा है। कुलपति ने तत्काल कई समितियों का गठन कर नुकसान के आकलन और पुनर्बहाली का कार्य शुरू करा दिया है।
मुख्य क्षति का विवरण
तूफान का सबसे गंभीर असर विश्वविद्यालय के आम बागानों पर पड़ा है। तेज हवाओं के कारण बड़ी संख्या में आम के पेड़ जड़ से उखड़ गए और वर्षों की मेहनत से विकसित पूरा बागान लगभग नष्ट हो गया। इससे विश्वविद्यालय में चल रहे फल अनुसंधान कार्यों पर गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
परिसर में स्थापित सभी पॉलीहाउस पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, आवासीय भवनों, फार्म क्षेत्र, मंदिर एवं अन्य कई संरचनाओं पर पेड़ गिरने से भारी क्षति पहुँची है। कई स्थानों पर भवनों की छतों पर लगी टिन और चादरें तेज हवा में उड़कर दूर-दराज क्षेत्रों में जा गिरीं।
बाधित सेवाएँ और आवागमन
पेड़ों के गिरने से विश्वविद्यालय परिसर के अधिकांश मार्ग बाधित हो गए, जिससे आवागमन पूरी तरह प्रभावित हुआ। विद्युत आपूर्ति भी देर रात से ठप है। बीज निदेशालय, कुलपति आवास, विभिन्न फार्म इकाइयों एवं अन्य भवनों में व्यापक नुकसान की सूचना है।
कुलपति ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल बिजली सेवा बहाल करने तथा मार्गों से गिरे पेड़ों को हटाने का निर्देश दिया है।
कुलपति का निरीक्षण और प्रतिक्रिया
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह स्वयं समिति सदस्यों के साथ विश्वविद्यालय परिसर के विभिन्न प्रभावित स्थलों का निरीक्षण करने पहुँचे और क्षति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा, 'देर रात आई भीषण आंधी ने विश्वविद्यालय परिसर में बड़े स्तर पर नुकसान पहुँचाया है। विशेष रूप से अनुसंधान फार्म, आम बागान, पॉलीहाउस एवं कई भवन प्रभावित हुए हैं। हमने तत्काल विभिन्न समितियों का गठन कर नुकसान के आकलन एवं पुनर्बहाली कार्य प्रारंभ करने का निर्देश दिया है।'
कुलपति ने आगे कहा, 'हमारी प्राथमिकता विद्युत आपूर्ति बहाल करना, रास्तों को साफ कराना तथा अनुसंधान एवं शैक्षणिक गतिविधियों को शीघ्र सामान्य करना है। विश्वविद्यालय प्रशासन पूरी तत्परता के साथ स्थिति पर नज़र बनाए हुए है।'
पुनर्बहाली की कोशिशें
विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा राहत एवं पुनर्बहाली कार्य तेज़ी से शुरू कर दिया गया है, ताकि शैक्षणिक, अनुसंधान एवं कृषि गतिविधियों को जल्द से जल्द सामान्य किया जा सके। गठित समितियाँ विभिन्न क्षेत्रों में हुए नुकसान का विस्तृत आकलन प्रस्तुत करेंगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।