18 जुलाई 2026
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बिहार पंचायत टैक्स पर राजद सांसद सुधाकर सिंह का हमला, बोले— 'जजिया टैक्स' जैसा नया बोझ

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बिहार पंचायत टैक्स पर राजद सांसद सुधाकर सिंह का हमला, बोले— 'जजिया टैक्स' जैसा नया बोझ

सारांश

राजद सांसद सुधाकर सिंह ने बिहार के ग्रामीण पंचायत टैक्स को 'जजिया टैक्स' की संज्ञा दी और कहा कि ₹12,500 करोड़ के मौजूदा बजट के बावजूद गरीब किसानों पर नया कर थोपना अन्याय है। उन्होंने नीट लीक, सोनम वांगचुक और परिसीमन पर भी केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया।

मुख्य बातें

राजद सांसद सुधाकर सिंह ने 18 जुलाई को बिहार के ग्रामीण पंचायत टैक्स को 'जजिया टैक्स' जैसा बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई।
उन्होंने कहा कि पंचायतों के लिए पहले से ₹12,500 करोड़ का वार्षिक बजट है, फिर भी नया टैक्स लगाना अनुचित है।
टैक्स वसूली के लिए गाँव-गाँव नए कर्मचारी तैनात होने से भ्रष्टाचार बढ़ने की आशंका जताई।
NTA की परीक्षाओं में पेपर लीक पर सरकार की चुप्पी को लोकतंत्र-विरोधी बताया।
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल और परिसीमन विधेयक पर भी केंद्र सरकार को घेरा।

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद सुधाकर सिंह ने 18 जुलाई को बिहार सरकार के ग्रामीण पंचायत टैक्स की कड़े शब्दों में निंदा की और इसे गरीब ग्रामीणों पर थोपा गया अनावश्यक आर्थिक बोझ करार दिया। उन्होंने इस टैक्स की तुलना मुगल काल के 'जजिया टैक्स' से करते हुए कहा कि जो लोग पहले से बिजली, मोबाइल और नमक जैसी जरूरी चीजों पर कर चुका रहे हैं, उन पर एक और नया कर लगाना सर्वथा अनुचित है।

पंचायत टैक्स पर मुख्य आपत्तियाँ

सुधाकर सिंह ने कहा कि गरीब किसानों के पास नकद धन नहीं होता — वे खेती की उपज से गुजारा करते हैं और थोड़ी बचत होने पर कपड़े जैसी बुनियादी ज़रूरतें पूरी करते हैं। उनके अनुसार, ऐसे लोगों से हर महीने टैक्स वसूलना 'जनता के साथ खुला अन्याय' है।

उन्होंने यह भी तर्क दिया कि सरकार पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने की दुहाई देती है, जबकि पंचायतों के लिए पहले से ही लगभग ₹12,500 करोड़ का वार्षिक बजट निर्धारित है। उनका आरोप है कि टैक्स वसूली के नाम पर गाँव-गाँव में नए कर्मचारी तैनात किए जाएंगे, जिससे भ्रष्टाचार में और इज़ाफा होगा।

सोनम वांगचुक और नीट विवाद पर निशाना

राजद सांसद ने सोनम वांगचुक के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल और उनके अस्पताल में भर्ती होने के मसले पर भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने प्रधानमंत्री से सवाल किया कि आखिर किन परिस्थितियों में वांगचुक को इस कदम तक जाना पड़ा।

नीट पेपर लीक प्रकरण पर सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित कई परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोप लगे हैं। उनके अनुसार, सरकार ने न तो इस मामले में माफी माँगी और न ही दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की — यह रवैया लोकतंत्र की भावना के विरुद्ध है।

आरएसएस और परिसीमन पर बयान

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को 'राष्ट्रसेवा' करने वाला संगठन बताया था, सुधाकर सिंह ने कहा कि देश में सभी संगठनों के लिए एक समान कानून होना चाहिए। उनका कहना था कि यदि किसी संगठन को गतिविधियाँ चलाने के लिए अनुमति लेनी पड़ती है, तो वही नियम बिना भेदभाव के सभी पर लागू होना चाहिए।

परिसीमन के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह किसी एक दल का नहीं, बल्कि पूरे देश का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में भी कुछ राज्यों में परिसीमन के दौरान भेदभाव हुआ था, और यदि सरकार गैरकानूनी तरीके से परिसीमन विधेयक पारित कराने की कोशिश करती है, तो राजद इसका पुरज़ोर विरोध करेगी।

आगे की राजनीतिक दिशा

सुधाकर सिंह के ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब बिहार में 2025 के विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में विपक्ष सरकारी नीतियों पर आक्रामक तेवर अपना रहा है। गौरतलब है कि पंचायत टैक्स जैसे मुद्दे ग्रामीण मतदाताओं को सीधे प्रभावित करते हैं और विपक्ष के लिए जमीनी लामबंदी का अवसर बन सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ₹12,500 करोड़ का मौजूदा पंचायत बजट वाकई पर्याप्त रूप से खर्च हो रहा है — और यदि नहीं, तो नए टैक्स से पहले जवाबदेही का ढाँचा क्यों नहीं बना। विपक्ष का यह हमला बिहार के ग्रामीण मतदाताओं को लक्षित करता है, जहाँ नकद-संकट वाले छोटे किसान बड़ी संख्या में हैं। गौरतलब है कि पंचायत स्तर पर टैक्स वसूली तंत्र की कमज़ोरी पहले भी भ्रष्टाचार का स्रोत रही है, इसलिए क्रियान्वयन की पारदर्शिता पर सरकार को ठोस जवाब देना होगा।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार का ग्रामीण पंचायत टैक्स क्या है?
बिहार सरकार ने पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ग्रामीण क्षेत्रों में एक नया स्थानीय कर लागू करने का प्रस्ताव रखा है। राजद सांसद सुधाकर सिंह सहित विपक्ष का आरोप है कि यह टैक्स पहले से आर्थिक दबाव में जी रहे गरीब किसानों पर अतिरिक्त बोझ डालेगा।
सुधाकर सिंह ने पंचायत टैक्स की तुलना 'जजिया टैक्स' से क्यों की?
राजद सांसद सुधाकर सिंह ने इस टैक्स की तुलना मुगल काल के जजिया कर से की, जो एक विशेष वर्ग पर अनिवार्य रूप से लगाया जाता था। उनका तर्क है कि ग्रामीण गरीब पहले से बिजली, मोबाइल और नमक जैसी वस्तुओं पर कर दे रहे हैं, इसलिए एक और कर लगाना उसी तरह का ज़बरदस्ती का बोझ है।
पंचायत टैक्स से भ्रष्टाचार कैसे बढ़ सकता है?
सुधाकर सिंह का आरोप है कि टैक्स वसूली के लिए गाँव-गाँव नए कर्मचारी तैनात किए जाएंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पंचायतों के लिए पहले से ₹12,500 करोड़ का सालाना बजट है, जिसके उपयोग की जवाबदेही पहले तय होनी चाहिए।
राजद सांसद ने नीट विवाद पर क्या कहा?
सुधाकर सिंह ने कहा कि NTA द्वारा आयोजित कई परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोप लगे हैं और सरकार ने न तो माफी माँगी, न ही दोषियों पर प्रभावी कार्रवाई की। उन्होंने सरकार की चुप्पी को लोकतंत्र की भावना के विरुद्ध बताया।
परिसीमन विधेयक पर राजद का क्या रुख है?
सुधाकर सिंह ने कहा कि परिसीमन पूरे देश का विषय है और पूर्व में कुछ राज्यों में इस प्रक्रिया में भेदभाव हुआ था। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार गैरकानूनी तरीके से परिसीमन विधेयक पारित कराने की कोशिश करती है, तो राजद इसका विरोध करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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