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बिहार का खजाना सुरक्षित, राजद के दुष्प्रचार से न भटकें: जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन

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बिहार का खजाना सुरक्षित, राजद के दुष्प्रचार से न भटकें: जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन

सारांश

जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने एक साथ कई मोर्चों पर पार्टी का पक्ष रखा — बिहार के बजट को ₹3.25 लाख करोड़ बताकर राजद के दावों को खारिज किया, ओमान हादसे पर सरकार की सक्रियता की सराहना की, और टीएमसी को टूटती पार्टी करार दिया।

मुख्य बातें

जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने 11 जून 2026 को पटना में बहु-मुद्दों पर पार्टी का पक्ष रखा।
बिहार का बजट ₹25,000 करोड़ से बढ़कर ₹3.25 लाख करोड़ से अधिक हो चुका है; राजद के वित्तीय संकट के दावे खारिज।
ओमान तट पर ऑयल टैंकर हमले में तीन भारतीय लापता; भारत सरकार ने अमेरिकी दूतावास को तलब किया।
अमेरिका-ईरान तनाव को पूरी मानवता के लिए चिंताजनक बताया; दोनों पक्षों से समझौते की अपील।
PM मोदी के 12 वर्षीय कार्यकाल पर ट्रम्प की बधाई को देश के लिए गौरव का विषय बताया।
सुष्मिता देव के इस्तीफे समेत TMC से बड़े नेताओं के पलायन को ममता बनर्जी की कमजोर होती स्थिति का संकेत बताया।

जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने 11 जून 2026 को पटना में कई अहम मुद्दों पर पार्टी का पक्ष रखा — बिहार की वित्तीय स्थिति से लेकर ओमान तट के पास भारतीयों के लापता होने, अमेरिका-ईरान तनाव, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षीय कार्यकाल और पश्चिम बंगाल की राजनीतिक उथल-पुथल तक। उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव के उन दावों को सिरे से खारिज किया जिनमें बिहार को वित्तीय संकट में बताया गया था।

बिहार के खजाने पर राजद के दावे खारिज

राजीव रंजन ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की ओर से किसी भी निधि का प्रावधान विधानमंडल की मंजूरी से बजटीय उपबंध के तहत किया जाता है और आवश्यकता पड़ने पर समय-समय पर निर्णय भी लिए जाते हैं। उन्होंने कहा, 'बिहार के खजाने को लेकर राजद के अफवाहों के जाल में फंसने की जरूरत नहीं है।' उनके अनुसार, यह राज्य अब ट्रेजरी लूट के दौर से उबर चुका है।

उन्होंने आँकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि बिहार का बजट ₹25,000 करोड़ से बढ़कर अब ₹3.25 लाख करोड़ से अधिक हो चुका है। उनका कहना था कि तेजस्वी यादव ऐसी बातें कहकर लोगों को गुमराह करना चाहते हैं, लेकिन बिहार की जनता अब इस तरह के दुष्प्रचार में फंसने को तैयार नहीं है।

ओमान तट हादसा: भारत सरकार की सक्रियता

ओमान तट के पास एक ऑयल टैंकर पर अमेरिकी हमले के बाद तीन भारतीय नागरिकों के लापता होने के मामले पर राजीव रंजन ने कहा कि भारत सरकार ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और अमेरिकी दूतावास को भी तलब किया गया है। उन्होंने स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज संकट पर चिंता जताते हुए कहा कि ऊर्जा जरूरतों के कारण इस मार्ग पर भारत की निर्भरता है और जब तक यह संकट नहीं सुलझता, बेहद चौकस रहना जरूरी है।

अमेरिका-ईरान तनाव पर चिंता

डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरान पर हमले की चेतावनी और उसके बाद बढ़ते तनाव पर राजीव रंजन ने कहा कि हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ईरान के कई शहरों में अमेरिका ने जिस तरह से कार्रवाई की है और दबाव बढ़ाया है, उससे साफ है कि दोनों देशों को उदारता दिखाते हुए समझौते की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उनके अनुसार, यह केवल दोनों देशों के लिए नहीं, बल्कि पूरी मानवता के हित में जरूरी है।

मोदी के 12 वर्षीय कार्यकाल पर गर्व

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लगातार 12 वर्षों का कार्यकाल पूरा होने पर डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा बधाई दिए जाने को जेडीयू प्रवक्ता ने देश के लिए गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में देश ने जो उपलब्धियाँ हासिल की हैं, उन पर हर भारतीय को गर्व है। उनके अनुसार यह कार्यकाल केवल समयावधि की दृष्टि से नहीं, बल्कि अनगिनत उपलब्धियों के कारण भी याद किया जाएगा।

टीएमसी-कांग्रेस विलय की अटकलें और सुष्मिता देव का इस्तीफा

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) और कांग्रेस के विलय की अटकलों पर राजीव रंजन ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में टीएमसी की स्थिति कमजोर होती दिख रही है। उनका कहना था कि टीएमसी के सांसद भी कभी भी पार्टी को अलविदा कहने के लिए तैयार हैं और विधायकों का बड़ा हिस्सा पहले ही ममता बनर्जी का साथ छोड़ चुका है। उन्होंने कहा कि लोगों को आशंका है कि यह विलय की कोशिश केवल सांसदों को पार्टी छोड़ने से रोकने की एक चाल हो सकती है।

टीएमसी की राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव के इस्तीफे पर उन्होंने कहा कि अब यह जानना ज्यादा दिलचस्प होगा कि पार्टी में आखिर कौन बचा है — क्योंकि जो भी बड़े और चर्चित चेहरे हैं, वे धीरे-धीरे ममता बनर्जी का साथ छोड़ते नजर आ रहे हैं। यह घटनाक्रम 2026 के पश्चिम बंगाल के राजनीतिक परिदृश्य को नई दिशा दे सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 करोड़ से ₹3.25 लाख करोड़ — प्रभावशाली दिखता है, लेकिन बजट का आकार और उसका जमीनी असर दो अलग बातें हैं; बिहार अभी भी प्रति व्यक्ति आय और मानव विकास सूचकांक में निचले पायदान पर है। ओमान हादसे पर 'दूतावास तलब' की बात तो कही गई, लेकिन तीन लापता भारतीयों की वास्तविक स्थिति और सरकारी प्रयासों का कोई ठोस ब्यौरा सामने नहीं आया — यह चिंताजनक है। TMC पर की गई टिप्पणी राजनीतिक रूप से सुविधाजनक है, पर यह नहीं बताती कि जेडीयू स्वयं विपक्षी एकता की किस भूमिका में है। कुल मिलाकर, यह प्रेस वार्ता बचाव की मुद्रा में थी — आक्रामक एजेंडा-सेटिंग नहीं।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजीव रंजन ने बिहार के वित्तीय संकट के दावों पर क्या कहा?
जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने तेजस्वी यादव के बिहार को वित्तीय संकट में बताने वाले दावों को खारिज करते हुए कहा कि राज्य का बजट ₹25,000 करोड़ से बढ़कर ₹3.25 लाख करोड़ से अधिक हो चुका है। उन्होंने कहा कि सभी निधि प्रावधान विधानमंडल की मंजूरी से होते हैं और राजद के अफवाहों में फंसने की जरूरत नहीं।
ओमान तट पर तेल टैंकर हमले में लापता भारतीयों पर सरकार ने क्या कदम उठाए?
राजीव रंजन के अनुसार, भारत सरकार ने ओमान तट के पास अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नागरिकों के लापता होने की घटना को गंभीरता से लिया है और अमेरिकी दूतावास को तलब किया गया है। उन्होंने स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज संकट के हल होने तक सतर्क रहने की जरूरत पर जोर दिया।
अमेरिका-ईरान तनाव पर जेडीयू का क्या रुख है?
जेडीयू प्रवक्ता ने इस तनाव को पूरी मानवता के लिए चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि ईरान के कई शहरों में अमेरिकी कार्रवाई के बाद दोनों देशों को उदारता दिखाते हुए समझौते की दिशा में बढ़ना चाहिए, अन्यथा यह संकट वैश्विक स्तर पर गंभीर चुनौती बन सकता है।
टीएमसी और कांग्रेस के विलय की अटकलों पर राजीव रंजन ने क्या कहा?
राजीव रंजन ने कहा कि टीएमसी की स्थिति वर्तमान में कमजोर हो रही है — सांसद और विधायक पार्टी छोड़ रहे हैं। उनके अनुसार, लोगों को आशंका है कि विलय की अटकलें केवल सांसदों को पार्टी छोड़ने से रोकने की कोशिश हो सकती हैं।
सुष्मिता देव के टीएमसी से इस्तीफे का क्या महत्व है?
टीएमसी की राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव के इस्तीफे को राजीव रंजन ने पार्टी से बड़े चेहरों के पलायन की कड़ी बताया। उन्होंने कहा कि जो भी बड़े और चर्चित नेता हैं, वे धीरे-धीरे ममता बनर्जी का साथ छोड़ते नजर आ रहे हैं, जो पार्टी के लिए गंभीर संकेत है।
राष्ट्र प्रेस
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