बिहार TRE-4: संगीत शिक्षकों के लिए 111 नई सीटें, कुल रिक्तियाँ अब 33,385 हुईं
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने 28 अगस्त 2026 को शिक्षक भर्ती परीक्षा टीआरई-4 के तहत संगीत विषय में 111 अतिरिक्त सीटें जोड़ने की घोषणा की, जिससे कुल रिक्तियों की संख्या बढ़कर 33,385 हो गई है। यह निर्णय रक्षाबंधन के अवसर पर लिया गया, जब अररिया, पूर्णिया, गोपालगंज और कैमूर सहित कई जिलों की महिला अभ्यर्थियों ने शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर संगीत क्षेत्र में अवसर बढ़ाने की माँग की थी।
सीटें कैसे बढ़ीं — पूरा घटनाक्रम
शिक्षा विभाग ने शुरुआत में टीआरई-4 के लिए 32,388 पदों की अधियाचना भेजी थी। इसके बाद मैथिली, भोजपुरी, मगही, प्राकृत और पाली जैसे भाषा विषयों के अभ्यर्थियों की माँग पर विभाग ने आरक्षण रोस्टर को स्पष्ट कराया और 886 पदों की पहली वृद्धि की गई। अब संगीत विषय में 111 सीटें और जोड़ी गई हैं, जिससे कुल संख्या 33,385 पर पहुँच गई है।
तिवारी ने बताया कि महिला अभ्यर्थियों ने उनसे रक्षाबंधन पर 'भाई' के रूप में यह तोहफा देने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं और छात्रों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है और इसी दिशा में निरंतर निर्णय लिए जा रहे हैं।
परीक्षा प्रमाणपत्र से 'फेल' शब्द हटाने का फैसला
शिक्षा मंत्री ने सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के परीक्षा प्रमाणपत्र से 'फेल' शब्द हटाने के निर्णय को भी महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, किसी परीक्षा में सफल न हो पाना किसी बच्चे के पूरे जीवन की असफलता नहीं है। अब ऐसे विद्यार्थियों के प्रमाणपत्र पर 'एलिजिबल फॉर स्किल' या 'रिकमेंडेड फॉर स्किल' जैसे सकारात्मक शब्दों का प्रयोग किया जाएगा।
तिवारी ने कहा कि कई बच्चे शैक्षणिक परीक्षाओं में कमजोर हो सकते हैं, लेकिन उनकी प्रतिभा खेल, कला या किसी अन्य कौशल में हो सकती है। सरकार ऐसे विद्यार्थियों के लिए पूरक परीक्षा से पहले करीब एक महीने की विशेष कक्षाएँ चलाने की योजना पर कार्य कर रही है, ताकि उन्हें दोबारा परीक्षा के लिए तैयार किया जा सके। साथ ही, वोकेशनल और स्किल आधारित शिक्षा के रास्ते भी खोले जाएँगे।
बीपीएससी आंदोलन और छात्रों से संवाद
शिक्षा मंत्री ने बीपीएससी परीक्षा को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने छात्रों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए फैसला लिया। शिक्षा विभाग के सचिव, विशेष सचिव और पटना के जिलाधिकारी ने छात्रों से लगातार बातचीत की, जिसके बाद आंदोलन समाप्त हो गया।
तिवारी ने स्पष्ट किया कि बीपीएससी परीक्षा सामान्य प्रशासन विभाग और बीपीएससी का आंतरिक विषय है और इसमें शिक्षा विभाग की सीधी भूमिका नहीं है। हालाँकि, उन्होंने आंदोलन के दौरान कुछ छात्रों द्वारा कथित तौर पर इस्तेमाल की गई आपत्तिजनक भाषा पर नाराजगी भी जताई और छात्रों से लोकतांत्रिक संवाद के रास्ते अपनाने की अपील की।
शिक्षक भर्ती और परीक्षा प्रारूप में बदलाव
शिक्षा मंत्री के अनुसार, सरकार प्रतिवर्ष 20,000 शिक्षकों की बहाली का लक्ष्य लेकर चल रही है। परीक्षा प्रारूप को लेकर छात्रों में अलग-अलग राय थी — एक परीक्षा हो या दो। तिवारी ने बताया कि कई मेधावी छात्रों ने एक ही परीक्षा और उसमें नेगेटिव मार्किंग की माँग की। सरकार ने यह सुझाव स्वीकार कर लिया है और अब एकल परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग लागू होगी।
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में शिक्षक भर्ती की माँग लंबे समय से लंबित थी और अभ्यर्थी वर्षों से नियुक्ति का इंतजार कर रहे थे। आने वाले हफ्तों में टीआरई-4 की औपचारिक अधिसूचना जारी होने की उम्मीद है।