29 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या छत्तीसगढ़ में माओवादियों की साजिश नाकाम हुई?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या छत्तीसगढ़ में माओवादियों की साजिश नाकाम हुई?

सारांश

बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों ने माओवादियों की एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया। भैरमगढ़ पुलिस और बम डिटेक्शन टीम ने 10 किलोग्राम का शक्तिशाली आईईडी खोजा और उसे सफलतापूर्वक नष्ट किया। यह घटना क्षेत्र की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता है।

मुख्य बातें

सुरक्षाबलों की सजगता आईईडी का सफल निष्कासन माओवादी गतिविधियों पर नियंत्रण सुरक्षा ग्रिड के तहत तेज ऑपरेशन्स

बीजापुर, 20 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। लेफ्ट विंग एक्सट्रीमिज्म के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता में, बीजापुर जिले के भैरमगढ़ पुलिस स्टेशन और बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड (बीडीएस) के सुरक्षाकर्मियों ने गुरुवार को बस्तर क्षेत्र में चिहका-उसपारी रोड पर माओवादियों द्वारा लगाए गए 10 किलोग्राम के एक शक्तिशाली इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) का पता लगाया और उसे सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया।

यह ऑपरेशन भैरमगढ़ थाना क्षेत्र के उसपारी गांव में संपन्न हुआ।

पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, एक संयुक्त टीम रूटीन एरिया डोमिनेशन और सर्च ऑपरेशन में थी, तभी जवानों की नजर जमीन से असामान्य तरीके से निकली हुई बिजली की तार पर पड़ी। यह सड़क गांव वाले और सुरक्षाबल अक्सर उपयोग करते हैं।

स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर का पालन करते हुए, टीम ने तुरंत उस क्षेत्र को घेर लिया और बारीकी से जांच की। कुछ ही मिनटों में उन्हें जमीन के नीचे दबा हुआ एक स्टील का टिफिन बॉक्स मिला।

अधिकारियों ने बताया कि सावधानीपूर्वक जांच के बाद, कंटेनर में लगभग 10 किलो वजन का एक कमांड-इनिशिएटेड आईईडी पाया गया, जो विस्फोटकों से भरा हुआ था और एक इलेक्ट्रिक डेटोनेटर सर्किट से जुड़ा हुआ था, जिसे दूर से चालू करने के लिए डिज़ाइन किया गया था।

बीजापुर बीडीएस की टीम को तुरंत मौके पर भेजा गया और सावधानी बरतते हुए खतरनाक डिवाइस को सफलतापूर्वक डिफ्यूज़ और नष्ट कर दिया गया।

न्यूट्रलाइजेशन प्रक्रिया के दौरान किसी के हताहत होने या किसी भी तरह के नुकसान की खबर नहीं है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह आईईडी सुरक्षा बलों के काफिले या दूर-दराज के गांवों को जोड़ने वाली नई बनी सड़क पर चल रही आम गाड़ियों को निशाना बनाने के लिए रणनीतिक रूप से रखा गया था।

सुरक्षाबलों की इस कार्रवाई के साथ ही एक खतरनाक माओवादी हमला विफल किया गया है।

बीजापुर जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने पेट्रोलिंग टीम की सजगता की सराहना की और इस बात पर जोर दिया कि सुरक्षा ग्रिड के तहत तेज़ एंटी-माओवादी ऑपरेशन्स, सड़क निर्माण और क्षेत्र पर नियंत्रण की कार्रवाइयों ने इलाके में सीपीआई (माओवादी) कैडरों की आवाजाही और ऑपरेशनल जगह को काफी कम कर दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह भी बताती है कि माओवादी गतिविधियों पर नियंत्रण पाने के लिए निरंतर प्रयास आवश्यक हैं। हमें एकजुट होकर इन चुनौतियों का सामना करना चाहिए।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

माओवादी साजिश के पीछे का उद्देश्य क्या था?
माओवादी साजिश का उद्देश्य सुरक्षा बलों और नागरिकों को नुकसान पहुंचाना था, जिससे वे भय का माहौल बना सकें।
सुरक्षाबलों ने आईईडी को कैसे नष्ट किया?
सुरक्षाबलों ने आईईडी को सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज़ किया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
क्या इस प्रकार के ऑपरेशन नियमित रूप से होते हैं?
हाँ, सुरक्षाबल नियमित रूप से ऐसे ऑपरेशन्स करते हैं जिससे माओवादी गतिविधियों को नियंत्रित किया जा सके।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 6 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले