तब्बू का 53वाँ जन्मदिन: दो राष्ट्रीय पुरस्कार, 90+ फिल्में और बॉलीवुड की सबसे दमदार अभिनेत्री
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड की बहुमुखी अभिनेत्री तब्बू आज 4 नवंबर 2026 को अपना 53वाँ जन्मदिन मना रही हैं। चार दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने 90 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया है और भारतीय सिनेमा में एक अमिट छाप छोड़ी है। 'माचिस' से 'अंधाधुन' तक, तब्बू हर किरदार में अपनी अलग पहचान बनाती आई हैं।
प्रारंभिक जीवन और परिवार
तब्बू का वास्तविक नाम तब्बसुम फातिमा हाशमी है। उनका जन्म 4 नवंबर 1971 को हैदराबाद, तेलंगाना में एक समृद्ध परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम जमाल हाशमी और माँ का नाम रिज़वाना था। जब तब्बू महज़ 3 वर्ष की थीं, तब उनके माता-पिता का तलाक हो गया, जिसके बाद उनका पालन-पोषण उनकी माँ और नाना-नानी ने किया।
तब्बू की पारिवारिक पृष्ठभूमि सिनेमा से गहरी जुड़ी है — वे जानी-मानी अभिनेत्री शबाना आज़मी और सिनेमैटोग्राफर बाबा आज़मी की भतीजी हैं। अभिनेत्री फराह नाज़ उनकी बड़ी बहन हैं। उनकी माँ एक स्कूल शिक्षिका थीं।
शिक्षा और करियर की शुरुआत
तब्बू ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा हैदराबाद के सेंट एन्स हाई स्कूल से पूरी की और आगे की पढ़ाई मुंबई के सेंट जेवियर कॉलेज से की। उन्होंने अपने अभिनय की शुरुआत बाल कलाकार के रूप में वर्ष 1982 में फिल्म 'बाज़ार' से की। इसके बाद 1985 में उन्होंने फिल्म 'हम नौजवान' में भी काम किया।
मुख्य अभिनेत्री के रूप में उनकी पहली बड़ी पारी वर्ष 1994 में आई फिल्म 'विजयपथ' से शुरू हुई। इस फिल्म में उनके अभिनय की दर्शकों और आलोचकों ने जमकर तारीफ की और उन्हें 'फिल्मफेयर बेस्ट फीमेल डेब्यू' पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
यादगार फिल्में और विविध किरदार
तब्बू की फिल्मोग्राफी की विविधता उन्हें अपनी पीढ़ी की सबसे अलग अभिनेत्री बनाती है। उनकी प्रमुख फिल्मों में 'हम साथ साथ हैं', 'माचिस', 'विरासत', 'चाँदनी बार', 'मकबूल', 'चीनी कम', 'हैदर', 'दृश्यम', 'अंधाधुन', 'भूल भुलैया 2', 'दे दे प्यार दे', 'हेरा फेरी' और 'क्रू' शामिल हैं।
यह ऐसे समय में उल्लेखनीय है जब बॉलीवुड में अभिनेत्रियों के लिए उम्र के साथ विविध और सशक्त किरदार मिलना दुर्लभ माना जाता है। तब्बू ने इस धारणा को बार-बार तोड़ा है।
पुरस्कार और सम्मान
तब्बू को 'माचिस' और 'चाँदनी बार' के लिए दो बार 'सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री' का राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुका है — यह उपलब्धि उन्हें भारतीय सिनेमा की विरली अभिनेत्रियों में शामिल करती है। इसके अलावा वे पाँच बार 'फिल्मफेयर क्रिटिक्स अवार्ड फॉर बेस्ट एक्ट्रेस' सहित कई प्रतिष्ठित फिल्मफेयर पुरस्कारों से सम्मानित हो चुकी हैं।
कला के क्षेत्र में असाधारण योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें वर्ष 2011 में पद्मश्री से अलंकृत किया। गौरतलब है कि इस उम्र में भी तब्बू की माँग और प्रासंगिकता बरकरार है — 'क्रू' और 'भूल भुलैया 2' जैसी ब्लॉकबस्टर इसके ताज़ा उदाहरण हैं।
निजी जीवन और व्यक्तित्व
तब्बू ने अब तक विवाह नहीं किया है और वे अपनी शर्तों पर जीवन जीने में यकीन रखती हैं। अपने सौम्य स्वभाव, सादगी और गहरी अभिनय-प्रतिभा के लिए जानी जाने वाली तब्बू बॉलीवुड में एक प्रेरक व्यक्तित्व बन चुकी हैं। आने वाले वर्षों में भी उनसे कई अहम फिल्में आने की उम्मीद है।