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इम्तियाज अली जन्मदिन: अभिनेता बनने का सपना लेकर आए मुंबई, निर्देशन ने बना दिया 'जब वी मेट' का जादूगर

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इम्तियाज अली जन्मदिन: अभिनेता बनने का सपना लेकर आए मुंबई, निर्देशन ने बना दिया 'जब वी मेट' का जादूगर

सारांश

अभिनेता बनने का सपना लेकर मुंबई आए इम्तियाज अली को किस्मत ने कैमरे के पीछे खड़ा कर दिया — और वहीं से जन्म हुआ 'जब वी मेट', 'रॉकस्टार' और 'तमाशा' जैसी कालजयी फिल्मों का। 16 जून 1971 को जमशेदपुर में जन्मे इम्तियाज आज 54 साल के हो गए हैं।

मुख्य बातें

इम्तियाज अली का जन्म 16 जून 1971 को झारखंड के जमशेदपुर में हुआ।
वे अभिनेता बनने का सपना लेकर मुंबई आए थे; 2004 में 'ब्लैक फ्राइडे' में अभिनय भी किया।
दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज में थिएटर से निर्देशन की नींव पड़ी।
पहली दो फिल्मों ( 'सोचा न था' , 'आहिस्ता आहिस्ता' ) की नाकामी के बाद 2007 में 'जब वी मेट' ने उन्हें स्टार निर्देशक बनाया।
'रॉकस्टार' , 'हाइवे' , 'तमाशा' और 'अमर सिंह चमकीला' समेत कई चर्चित फिल्मों के निर्देशक।
आईफा , गिल्ड अवॉर्ड और ज़ी सिने अवॉर्ड सहित कई पुरस्कारों से सम्मानित।

फिल्म निर्देशक इम्तियाज अली आज 16 जून 2025 को अपना 54वाँ जन्मदिन मना रहे हैं — वही इम्तियाज, जो कभी पर्दे पर हीरो बनने का सपना लेकर मुंबई आए थे, लेकिन कैमरे के पीछे खड़े होकर हिंदी सिनेमा की सबसे यादगार प्रेम कहानियाँ गढ़ गए। 'जब वी मेट', 'रॉकस्टार', 'हाइवे' और 'तमाशा' जैसी फिल्मों के किरदार और संवाद आज भी दर्शकों के ज़ेहन में ज़िंदा हैं।

जमशेदपुर से मुंबई तक का सफर

इम्तियाज अली का जन्म 16 जून 1971 को झारखंड के जमशेदपुर में हुआ था। उनके पिता सिंचाई विभाग में इंजीनियर थे और माँ गृहिणी थीं। बचपन का कुछ हिस्सा पटना में बीता, जहाँ उन्होंने शुरुआती शिक्षा ली। बाद में वे जमशेदपुर लौट आए, जहाँ उनके रिश्तेदारों के कई सिनेमाघर थे और एक थिएटर घर के बिल्कुल नज़दीक था — यहीं से फिल्मों के प्रति उनका लगाव जड़ें पकड़ने लगा।

दिल्ली के रंगमंच ने दी असली तराश

उच्च शिक्षा के लिए इम्तियाज दिल्ली पहुँचे और दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित हिंदू कॉलेज में दाखिला लिया। कॉलेज के दिनों में उन्होंने थिएटर में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया — नाटक लिखे, उनका निर्देशन किया और खुद अभिनय भी किया। यही वह दौर था जब उन्होंने तय कर लिया कि मनोरंजन की दुनिया ही उनकी मंज़िल है। गौरतलब है कि रंगमंच का यह अनुभव बाद में उनकी फिल्मों की कथा-शैली में साफ़ झलका।

अभिनेता बनने का सपना और टेलीविज़न का मोड़

कॉलेज के बाद इम्तियाज अभिनेता बनने का सपना लेकर मुंबई पहुँचे। उन्होंने अभिनय के कई प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिली। धीरे-धीरे उनका झुकाव फिल्म निर्माण और निर्देशन की ओर होने लगा। टेलीविज़न इंडस्ट्री में काम करते हुए उन्होंने 'कुरुक्षेत्र', 'इम्तिहान' और 'महाभारत' जैसे शोज़ का निर्देशन किया, जिससे कैमरे के पीछे काम करने की बारीकियाँ सीखने का मौका मिला।

अभिनय का सपना पूरी तरह छूटा नहीं था — 2004 में उन्हें निर्देशक अनुराग कश्यप की चर्चित फिल्म 'ब्लैक फ्राइडे' में याकूब मेमन का किरदार निभाने का अवसर मिला। लेकिन इस अनुभव के बाद उन्हें स्वयं महसूस हुआ कि उनकी असली ताकत अभिनय में नहीं, बल्कि कहानियाँ गढ़ने और उन्हें पर्दे पर उतारने में है।

संघर्ष से 'जब वी मेट' तक

2005 में उनकी पहली फिल्म 'सोचा न था' रिलीज़ हुई। समीक्षकों ने सराहा, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर फिल्म उम्मीद पर खरी नहीं उतरी। इसके बाद 'आहिस्ता आहिस्ता' भी अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सकी। लगातार दो फिल्मों की नाकामी के बावजूद इम्तियाज डटे रहे। फिर 2007 में 'जब वी मेट' आई — शाहिद कपूर और करीना कपूर की इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया और इम्तियाज रातोंरात चर्चित निर्देशकों की पंक्ति में आ खड़े हुए।

फिल्मोग्राफी और सम्मान

'जब वी मेट' की सफलता के बाद इम्तियाज ने 'लव आज कल', 'रॉकस्टार', 'हाइवे', 'तमाशा' और 'अमर सिंह चमकीला' जैसी फिल्मों का निर्देशन कर अपनी अलग पहचान स्थापित की। उनके काम को आईफा, गिल्ड अवॉर्ड, इंडियन टेली अवार्ड और ज़ी सिने अवॉर्ड सहित कई पुरस्कारों से नवाज़ा जा चुका है। यह ऐसे समय में आया है जब हिंदी सिनेमा में 'स्लाइस-ऑफ-लाइफ' कहानियों की माँग लगातार बढ़ रही है — और इम्तियाज इस शैली के सबसे मज़बूत हस्ताक्षरों में से एक बने हुए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहाँ इम्तियाज ने 'जब वी मेट' से वह मुकाम हासिल किया जो उनसे पहले की पीढ़ी के लिए भी ईर्ष्या का विषय बन गया। दिलचस्प यह है कि उनकी सबसे मज़बूत फिल्में — 'रॉकस्टार', 'हाइवे', 'तमाशा' — व्यावसायिक रूप से मिश्रित रहीं, फिर भी सांस्कृतिक स्मृति में गहरी पैठ बनाए हुए हैं। यह सवाल उठाता है कि क्या बॉक्स ऑफिस सफलता ही किसी निर्देशक की विरासत का सही पैमाना है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इम्तियाज अली का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
इम्तियाज अली का जन्म 16 जून 1971 को झारखंड के जमशेदपुर में हुआ था। उनके पिता सिंचाई विभाग में इंजीनियर थे और बचपन का कुछ समय पटना में भी बीता।
इम्तियाज अली निर्देशक कैसे बने?
इम्तियाज अली मुंबई अभिनेता बनने के सपने के साथ आए थे, लेकिन सफलता न मिलने पर उन्होंने टेलीविज़न में निर्देशन शुरू किया। 'कुरुक्षेत्र' और 'महाभारत' जैसे शोज़ के निर्देशन के बाद उन्होंने फिल्मों की ओर रुख किया।
इम्तियाज अली की पहली हिट फिल्म कौन सी थी?
'जब वी मेट' (2007) इम्तियाज अली की पहली बड़ी व्यावसायिक सफलता थी। शाहिद कपूर और करीना कपूर अभिनीत इस फिल्म ने उन्हें रातोंरात चर्चित निर्देशक बना दिया।
क्या इम्तियाज अली ने कभी अभिनय भी किया है?
हाँ, 2004 में अनुराग कश्यप की फिल्म 'ब्लैक फ्राइडे' में उन्होंने याकूब मेमन का किरदार निभाया था। हालाँकि इसके बाद उन्होंने पूरी तरह निर्देशन पर ध्यान केंद्रित कर लिया।
इम्तियाज अली की प्रमुख फिल्में कौन सी हैं?
इम्तियाज अली की प्रमुख फिल्मों में 'जब वी मेट' (2007), 'लव आज कल', 'रॉकस्टार', 'हाइवे', 'तमाशा' और 'अमर सिंह चमकीला' शामिल हैं। इन फिल्मों के लिए उन्हें आईफा, गिल्ड अवॉर्ड और ज़ी सिने अवॉर्ड सहित कई पुरस्कार मिल चुके हैं।
राष्ट्र प्रेस
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