8 जुलाई 2026
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इम्तियाज अली ने कश्मीर के हुनर को सराहा, कहा- थिएटर में जो किया, वो फिल्म में आसान नहीं

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इम्तियाज अली ने कश्मीर के हुनर को सराहा, कहा- थिएटर में जो किया, वो फिल्म में आसान नहीं

सारांश

इम्तियाज अली की फिल्म तमाशा, जो एक रोमांटिक लव स्टोरी समझी जाती है, दरअसल एक गहरा मनोवैज्ञानिक सफर है। इस फिल्म के माध्यम से उन्होंने कश्मीर की कला और संस्कृति को भी सराहा है।

मुख्य बातें

कश्मीर की कला और संस्कृति का महत्व ब्लैक एंड व्हाइट तकनीक का उपयोग फिल्म निर्माण में रचनात्मकता का योगदान कश्मीरी कलाकारों की प्रतिभा इम्तियाज अली का दृष्टिकोण और प्रेरणा

मुंबई, 1 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। इम्तियाज अली की फिल्म तमाशा को अधिकतर लोग एक रोमांटिक लव स्टोरी मानते हैं, परंतु वास्तव में यह एक खुद को खोजने की मनोवैज्ञानिक यात्रा है। यह रणबीर कपूर द्वारा निभाए गए किरदार वेद के जीवन के संघर्ष को दर्शाती है।

इम्तियाज ने फिल्म में वेद के जीवन को समझाने के लिए ब्लैक एंड व्हाइट तकनीक का सहारा लिया। जब वेद का जीवन नीरस और दिनचर्या में बंधा होता है, तो फिल्म के दृश्य ब्लैक एंड व्हाइट होते हैं। यह बदलाव उसके जीवन की उत्साह की कमी और भावनात्मक खालीपन को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। जब वह अपनी रचनात्मकता और खुशी के साथ जीने लगता है, तब दृश्य रंगीन हो जाते हैं। इस तकनीक से फिल्म वेद के जीवन के दोनों पहलुओं के बीच का अंतर दिखाती है। ब्लैक एंड व्हाइट हिस्से से यह स्पष्ट होता है कि कैसे वेद ने अपनी रचनात्मकता को दबा दिया और एक साधारण मशीन की तरह काम करने लगा।

इम्तियाज ने बताया कि उन्होंने यह विशेष तकनीक कश्मीर के एक थिएटर नाटक से सीखी थी। बुधवार को उन्होंने अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर एक पॉडकास्ट वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने कश्मीरियों की प्रतिभा की सराहना की और कहा कि उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में आना चाहिए, ताकि लोग उनकी कला से परिचित हो सकें।

इम्तियाज का कहना है, "कश्मीरी लोग बेहद प्रतिभाशाली होते हैं। मैंने स्कूल के छात्रों के नाटकों को देखा है, जहां उन्होंने अद्भुत तकनीक का इस्तेमाल किया था। उन नाटकों में पुरानी यादों को दर्शाने के लिए ब्लैक एंड व्हाइट तकनीक का उपयोग किया गया था। सभी कलाकारों ने काले और ग्रे कपड़े पहने थे, और उनका मेकअप भी इसी रंग में था। ऐसा लग रहा था जैसे मैं असल जिंदगी में एक फिल्म देख रहा हूँ। फिल्मों में रंग बदलना आसान है, लेकिन उन्होंने थिएटर में इसे कर दिखाया। मैं इस कला से बहुत प्रभावित हुआ और मैंने अपनी फिल्म 'तमाशा' में भी इसका उपयोग किया।"

निर्देशक ने यह भी कहा कि वे चाहते हैं कि कश्मीरी अपनी कहानियों और तकनीकों के साथ फिल्म इंडस्ट्री में आएं और अपने हुनर को प्रदर्शित करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इम्तियाज अली की फिल्म 'तमाशा' का विषय क्या है?
'तमाशा' एक मनोवैज्ञानिक यात्रा है जो खुद को खोजने के संघर्ष को दर्शाती है।
क्या 'तमाशा' केवल एक रोमांटिक फिल्म है?
नहीं, यह एक गहरी मनोवैज्ञानिक यात्रा है, जो आत्म-खोज पर केंद्रित है।
इम्तियाज अली ने कश्मीर के हुनर के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कश्मीर की प्रतिभा की सराहना की और कहा कि उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में आना चाहिए।
फिल्म में ब्लैक एंड व्हाइट तकनीक का उपयोग क्यों किया गया?
यह तकनीक वेद के जीवन के नीरसता और रचनात्मकता के बीच के अंतर को दर्शाने के लिए इस्तेमाल की गई।
इम्तियाज अली ने यह तकनीक कहाँ से सीखी?
उन्होंने यह तकनीक कश्मीर के एक थिएटर प्ले से सीखी थी।
राष्ट्र प्रेस
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