17 जुलाई 2026
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इम्तियाज अली ने कश्मीर के थिएटर से सीखा फिल्मों में प्रयोग करने का अनोखा तरीका

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इम्तियाज अली ने कश्मीर के थिएटर से सीखा फिल्मों में प्रयोग करने का अनोखा तरीका

सारांश

इम्तियाज अली की फिल्म 'तमाशा' एक मनोवैज्ञानिक यात्रा है, जिसमें पात्र वेद अपने अस्तित्व की खोज करता है। जानिए कैसे कश्मीर के थिएटर ने इस तकनीक को प्रभावित किया।

मुख्य बातें

तमाशा एक मनोवैज्ञानिक यात्रा है।
इम्तियाज अली ने ब्लैक एंड व्हाइट तकनीक का प्रयोग किया।
कश्मीर के थिएटर ने उन्हें प्रेरित किया।
कश्मीरी लोगों की प्रतिभा की सराहना की गई।
फिल्म में रंगों का विशेष महत्व है।

मुंबई, 1 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। इम्तियाज अली की फिल्म तमाशा को बहुत से लोग एक रोमांटिक लव स्टोरी के रूप में देखते हैं, जबकि असल में यह एक मनोवैज्ञानिक यात्रा है, जिसमें व्यक्ति अपने आप को खोजता है। यह फिल्म रणबीर कपूर द्वारा निभाए गए पात्र वेद के जीवन के संघर्ष को दर्शाती है।

इम्तियाज ने फिल्म में वेद की कहानी को बेहतर ढंग से दर्शाने के लिए ब्लैक एंड व्हाइट तकनीक का उपयोग किया। जब वेद की जिंदगी नीरस और दैनिक कार्यों में बंटी होती है, तब फिल्म के दृश्य भी ब्लैक एंड व्हाइट होते हैं। यह बदलाव उसके जीवन की नीरसता, उत्साह की कमी और भावनात्मक खालीपन को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। वहीं जब वह अपनी रचनात्मकता और खुशियों के साथ जीता है, तब दृश्य रंगीन हो जाते हैं। इस रंग और ब्लैक एंड व्हाइट के प्रयोग से फिल्म वेद के जीवन के दो भिन्न पहलुओं के बीच का अंतर स्पष्ट करती है। ब्लैक एंड व्हाइट हिस्से से यह पता चलता है कि कैसे वेद ने अपनी रचनात्मकता को दबा दिया और एक मशीन की तरह काम करने लगा।

इम्तियाज ने बताया कि उन्होंने इस विशेष तकनीक को कश्मीर के एक थियेटर नाटक से सीखा था। बुधवार को निर्देशक ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर एक पॉडकास्ट का वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने कश्मीरी लोगों की प्रतिभा की सराहना की और कहा कि उन्हें फिल्म उद्योग में आना चाहिए ताकि लोग उनकी इस प्रतिभा से परिचित हो सकें।

इम्तियाज कहते हैं, "कश्मीरी लोग बेहद प्रतिभाशाली होते हैं। मैंने स्कूल के बच्चों के नाटकों को देखा है, जिस प्रकार की तकनीक उन्होंने नाटक में इस्तेमाल की थी, उससे मैं हैरान रह गया। उन्होंने पुरानी कहानियों को दिखाने के लिए ब्लैक एंड व्हाइट का प्रयोग किया था। नाटक के पुराने दृश्यों में सभी कलाकारों ने ब्लैक और ग्रे कपड़े पहने थे, उनका मेकअप भी ब्लैक एंड व्हाइट था। स्टेज पर ऐसा लग रहा था जैसे मैं असल जिंदगी में कोई फिल्म देख रहा हूँ। फिल्मों में रंग बदलना आसान होता है, लेकिन उन्होंने थियेटर में यह कर दिखाया। मैं हैरान रह गया था। बाद में मैंने अपनी फिल्म 'तमाशा' में इसी तकनीक का इस्तेमाल किया।"

निर्देशक ने कहा कि वे चाहते हैं कि कश्मीरी अपनी कहानियों और तकनीकों को लेकर फिल्म उद्योग में आएं और अपने हुनर का प्रदर्शन करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या 'तमाशा' केवल एक लव स्टोरी है?
नहीं, 'तमाशा' एक मनोवैज्ञानिक यात्रा है, जिसमें पात्र वेद अपने अस्तित्व की खोज करता है।
इम्तियाज अली ने ब्लैक एंड व्हाइट तकनीक का उपयोग क्यों किया?
उन्होंने इस तकनीक का उपयोग वेद के जीवन के नीरस और उत्साही पहलुओं को दिखाने के लिए किया।
कश्मीर के थिएटर से इम्तियाज ने क्या सीखा?
उन्होंने कश्मीर के थिएटर में उपयोग की गई तकनीकों को अपनाया, जैसे ब्लैक एंड व्हाइट का प्रयोग।
राष्ट्र प्रेस
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