महेश बाबू का 51वाँ जन्मदिन: 'प्रिंस ऑफ टॉलीवुड' जिन्होंने कभी रीमेक नहीं की, सिंगापुर में है मोम का पुतला
सारांश
मुख्य बातें
टॉलीवुड के 'प्रिंस' कहे जाने वाले अभिनेता महेश बाबू रविवार, 9 अगस्त 2026 को अपना 51वाँ जन्मदिन मना रहे हैं। उनका जन्म 9 अगस्त 1975 को चेन्नई में हुआ था। देशभर में फैले उनके करोड़ों प्रशंसक इस अवसर को उत्साह के साथ मनाने को बेताब हैं।
बचपन से परदे तक का सफर
महेश बाबू ने चेन्नई के सेंट बेडे एंग्लो इंडियन हायर सेकेंडरी स्कूल से शिक्षा ग्रहण की। उन्होंने बचपन में ही अभिनय की दुनिया में कदम रख दिया था, लेकिन कुछ समय का ब्रेक लेकर पहले पढ़ाई पूरी की। वर्ष 1999 में उन्होंने फिल्म 'राजा कुमारुदु' से मुख्य अभिनेता के रूप में अपनी पारी शुरू की। तब से अब तक उन्होंने दो दशकों के करियर में 40 से अधिक फिल्मों में अपनी अदाकारी का जादू बिखेरा है।
रीमेक से परहेज़ और अपना प्रोडक्शन हाउस
महेश बाबू की सबसे उल्लेखनीय विशेषता यह है कि उन्होंने अपने पूरे करियर में कभी किसी रीमेक फिल्म में काम नहीं किया — एक ऐसा निर्णय जो उन्हें उद्योग में अलग पहचान देता है। अभिनय के अलावा वे एक सक्रिय फिल्म निर्माता भी हैं और उनका अपना प्रोडक्शन हाउस भी है। प्रशंसक उन्हें 'फैमिली मैन' के नाम से भी जानते हैं।
परोपकार और वैश्विक पहचान
महेश बाबू अपनी कुल कमाई का 30 प्रतिशत दान में देते हैं, यही कारण है कि वे बड़ी संख्या में विज्ञापन करते हैं ताकि इस प्रतिबद्धता को निभा सकें। वे इकलौते दक्षिण भारतीय अभिनेता हैं जिनका मोम का पुतला सिंगापुर के प्रतिष्ठित मैडम तुसाद म्यूज़ियम में स्थापित है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वे सर्वाधिक फॉलो किए जाने वाले दक्षिण भारतीय सितारे हैं।
पारिवारिक जीवन
महेश बाबू ने वर्ष 2005 में अभिनेत्री नम्रता शिरोडकर से विवाह किया। दोनों की पहली मुलाकात वर्ष 2000 में फिल्म 'वामसी' के सेट पर हुई थी। विवाह के बाद नम्रता ने अभिनय से संन्यास ले लिया और अब वे हैदराबाद में परिवार के साथ रहते हुए महेश बाबू के पेशेवर कार्यों को संभालती हैं। उनका यह पारिवारिक समर्पण उन्हें उद्योग में एक अलग मुकाम देता है।