3 नवंबर 2026
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चतरा में नौकरी का झांसा देकर बैंक खाते हड़पने वाले गिरोह के 5 गिरफ्तार, ₹3.70 लाख नकद बरामद

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चतरा में नौकरी का झांसा देकर बैंक खाते हड़पने वाले गिरोह के 5 गिरफ्तार, ₹3.70 लाख नकद बरामद

सारांश

झारखंड के चतरा में बेरोजगारों को नौकरी का लालच देकर उनके बैंक खाते और एटीएम कार्ड हड़पने वाले गिरोह का पर्दाफाश। पुलिस ने पाँच आरोपियों को गिरफ्तार कर ₹3.70 लाख नकद, स्विफ्ट कार, बुलेट बाइक और 15 एटीएम कार्ड बरामद किए। तीन जिलों तक फैले नेटवर्क की जाँच जारी।

मुख्य बातें

झारखंड के चतरा जिले में 3 नवंबर 2026 को पुलिस ने नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया, जिनमें एक महिला भी शामिल है।
आरोपी बेरोजगारों को नौकरी का प्रलोभन देकर उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड हासिल करते थे और उनका उपयोग अवैध लेन-देन में करते थे।
बरामदगी में ₹3.70 लाख नकद , 15 एटीएम कार्ड , 8 मोबाइल फोन , 4 सिम कार्ड , एक स्विफ्ट कार और एक बुलेट बाइक शामिल हैं।
गिरफ्तार आरोपी चतरा, धनबाद और बोकारो — तीन अलग-अलग जिलों के निवासी हैं।
कार्रवाई एसडीपीओ सन्नी वर्धन के नेतृत्व में एसपी अनिमेष नैथानी के निर्देश पर हुई; खातों में हुए कुल लेन-देन की जाँच जारी।

झारखंड के चतरा जिले में पुलिस ने 3 नवंबर 2026 को एक बड़े साइबर-ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एक महिला समेत पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर आरोप है कि वे बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने का प्रलोभन देकर उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड हासिल करते थे और फिर इन दस्तावेजों का इस्तेमाल अवैध वित्तीय लेन-देन के लिए करते थे। गिरफ्तारी के समय आरोपियों के पास से ₹3.70 लाख नकद, 15 एटीएम कार्ड, 8 मोबाइल फोन और 4 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।

गिरफ्तारी और पुलिस कार्रवाई

चतरा के एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने मंगलवार को सदर थाने में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी के निर्देश पर गिरोह की सूचना मिलने के बाद एक विशेष टीम गठित की गई थी। एसडीपीओ के नेतृत्व में इस टीम ने अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर पाँचों आरोपियों को दबोचा। छापेमारी में सदर थाना प्रभारी अनिल उरांव, एसआई सुनील सिंह, तकनीकी टीम और सशस्त्र बल के जवान भी शामिल रहे।

ठगी का तरीका

प्रारंभिक जाँच के अनुसार, गिरोह के सदस्य बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाते थे और उन्हें नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उनके बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड अपने कब्जे में ले लेते थे। इन दस्तावेजों और खातों का उपयोग कथित तौर पर अवैध तरीके से धन के हस्तांतरण और लेन-देन के लिए किया जाता था। यह ऐसे समय में सामने आया है जब झारखंड समेत पूरे देश में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।

बरामद सामान

आरोपियों के पास से बरामद हुए सामान में ₹3.70 लाख नकद के अलावा एक काले रंग की स्विफ्ट कार और एक बुलेट बाइक शामिल हैं। इसके साथ-साथ विभिन्न बैंकों के 15 एटीएम कार्ड, 8 मोबाइल फोन, 4 सिम कार्ड, एक सोने की चेन, तीन कलाई घड़ियाँ, एक ट्रॉली बैग, एक लेदर बैग और तीन पर्स भी जब्त किए गए हैं। बरामदगी की यह सूची संकेत देती है कि गिरोह कम से कम कुछ समय से सक्रिय था।

आरोपियों का नेटवर्क

एसडीपीओ के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी चतरा, धनबाद और बोकारो जिले के निवासी हैं। गौरतलब है कि तीन अलग-अलग जिलों से आए आरोपियों का एक साथ पकड़ा जाना इस नेटवर्क की व्यापकता की ओर इशारा करता है। पुलिस अब पूछताछ के जरिए यह जानने की कोशिश कर रही है कि इन बैंक खातों के माध्यम से कुल कितनी रकम का लेन-देन हुआ और इस नेटवर्क से और कौन-कौन से लोग जुड़े हुए हैं।

आगे की जाँच

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में जाँच अभी जारी है और अन्य संभावित आरोपियों की तलाश की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, इन बैंक खातों में हुए अवैध लेन-देन की पूरी श्रृंखला का खुलासा करना जाँच की प्राथमिकता है। आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े और नाम सामने आ सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

दस्तावेज ले लो, और 'मनी म्यूल' नेटवर्क चलाओ। तीन जिलों में फैला यह गिरोह बताता है कि समस्या स्थानीय नहीं, क्षेत्रीय है। असली सवाल यह है कि इन खातों से कितना धन किन बड़े साइबर अपराध नेटवर्कों तक पहुँचा — जिसका जवाब सिर्फ पाँच गिरफ्तारियों से नहीं मिलेगा, बल्कि लेन-देन की डिजिटल ट्रेल खोजने से मिलेगा।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चतरा में नौकरी के नाम पर ठगी करने वाला गिरोह क्या करता था?
यह गिरोह बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड ले लेता था। इन दस्तावेजों का उपयोग कथित तौर पर अवैध वित्तीय लेन-देन के लिए किया जाता था।
झारखंड के चतरा में कितने आरोपी गिरफ्तार हुए और उनके पास क्या मिला?
पुलिस ने एक महिला समेत पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके पास से ₹3.70 लाख नकद, 15 एटीएम कार्ड, 8 मोबाइल फोन, 4 सिम कार्ड, एक स्विफ्ट कार, एक बुलेट बाइक, एक सोने की चेन और अन्य सामान बरामद किया गया।
इस गिरफ्तारी की कार्रवाई किसने और कैसे की?
पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी के निर्देश पर एसडीपीओ सन्नी वर्धन के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई थी। टीम ने अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर पाँचों आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी किन जिलों के रहने वाले हैं?
गिरफ्तार आरोपी चतरा, धनबाद और बोकारो जिले के निवासी हैं, जो दर्शाता है कि यह गिरोह एक से अधिक जिलों में फैला हुआ था।
पुलिस आगे इस मामले में क्या जाँच कर रही है?
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन बैंक खातों के जरिए कुल कितनी रकम का अवैध लेन-देन हुआ और इस नेटवर्क से कौन-कौन से अन्य लोग जुड़े हैं। जाँच में खातों की डिजिटल ट्रेल खँगाली जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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