16 जुलाई 2026
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मथुरा में साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़: ₹1.25 लाख नकद और 23 एटीएम कार्ड सहित आरोपी गिरफ्तार

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मथुरा में साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़: ₹1.25 लाख नकद और 23 एटीएम कार्ड सहित आरोपी गिरफ्तार

सारांश

मथुरा पुलिस और साइबर सेल ने एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया — आरोपी जसमीर सिंह के पास से ₹1.25 लाख नकद और 23 एटीएम कार्ड मिले। व्हाट्सएप से निर्देश लेकर एटीएम से रकम निकालने वाले इस अंतर-राज्यीय नेटवर्क के दो अन्य सदस्य अभी फरार हैं।

मुख्य बातें

मथुरा कोतवाली पुलिस और साइबर सेल ने 16 जुलाई 2026 को संयुक्त कार्रवाई में साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया।
आरोपी जसमीर सिंह (33) , निवासी डींग, राजस्थान , को बीएसएस पुलिया के पास रात 11:05 बजे गिरफ्तार किया गया।
बरामदगी में ₹1.25 लाख नकद, 23 एटीएम कार्ड , दो मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल शामिल।
गिरोह व्हाट्सएप कॉल के ज़रिए निर्देश देता था; बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एटीएम से उसी दिन चार कार्डों से रकम निकाली गई।
फरार साथी हारिस और जाहुल की तलाश में छापेमारी जारी।

उत्तर प्रदेश के मथुरा में कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने 16 जुलाई 2026 को एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से ₹1.25 लाख नकद, विभिन्न बैंकों के 23 एटीएम कार्ड, दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। यह कार्रवाई उस समय हुई जब डिजिटल वित्तीय धोखाधड़ी के मामले पूरे उत्तर प्रदेश में तेज़ी से बढ़ रहे हैं।

गिरफ्तारी का घटनाक्रम

पुलिस के अनुसार, बुधवार देर रात करीब 11:05 बजे मुखबिर की सूचना पर बीएसएस पुलिया के पास घेराबंदी कर आरोपी को दबोचा गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान जसमीर सिंह (33 वर्ष), पुत्र जंगीर सिंह, निवासी कुरकैन, थाना नगर, जिला डींग, राजस्थान के रूप में हुई है। उसके विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

ठगी का तरीका: व्हाट्सएप से मिलते थे निर्देश

पूछताछ में जसमीर सिंह ने साइबर ठगी नेटवर्क की कार्यप्रणाली का खुलासा किया। पुलिस के मुताबिक, वह अपने दो साथियों — हारिस और जाहुल — के साथ मिलकर इस गिरोह को संचालित करता था। दोनों साथी पीड़ितों से ठगी कर रकम विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करवाते थे और फिर व्हाट्सएप कॉल के ज़रिए जसमीर को निर्देश देते थे कि किस एटीएम कार्ड से कितनी राशि निकालनी है।

आरोपी एटीएम से नकदी निकालकर अपना कमीशन रखता था और शेष राशि अपने साथियों तक पहुँचाता था। उसने स्वीकार किया कि बरामद ₹1.25 लाख की रकम गिरफ्तारी वाले दिन ही बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एटीएम से चार अलग-अलग एटीएम कार्डों का उपयोग कर निकाली गई थी।

बरामदगी का विवरण

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से निम्नलिखित सामग्री जब्त की: ₹1.25 लाख नकद, 23 एटीएम कार्ड (विभिन्न बैंकों के), दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल। जाँच एजेंसियाँ अब इन एटीएम कार्डों और संबंधित बैंक खातों के माध्यम से पूरे नेटवर्क की कड़ियाँ जोड़ने में जुटी हैं।

फरार साथियों की तलाश जारी

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरोह के अन्य आरोपी हारिस और जाहुल अभी तक फरार हैं। साइबर सेल और स्थानीय पुलिस की टीमें उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं। गौरतलब है कि इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।

आगे की जाँच

यह मामला उस बढ़ते साइबर अपराध परिदृश्य का हिस्सा है जिसमें अंतर-राज्यीय गिरोह व्हाट्सएप और डिजिटल बैंकिंग का दुरुपयोग कर पीड़ितों को निशाना बनाते हैं। पुलिस का कहना है कि बरामद एटीएम कार्डों की संख्या यह संकेत देती है कि गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों में फैला हो सकता है। जाँच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुव्यवस्थित अंतर-राज्यीय नेटवर्क है जो डिजिटल बैंकिंग की खामियों का व्यवस्थित दोहन कर रहा है। व्हाट्सएप-निर्देशित एटीएम निकासी का यह मॉडल उत्तर प्रदेश और राजस्थान में पहले भी देखा जा चुका है, जो बताता है कि गिरोह प्रशिक्षित और अनुभवी है। असली सवाल यह है कि इतने सारे बैंक खाते और एटीएम कार्ड बिना बैंकिंग प्रणाली की निगरानी में आए कैसे सक्रिय रहे — केवल गिरफ्तारी नहीं, बैंक-स्तरीय जवाबदेही भी ज़रूरी है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मथुरा साइबर ठगी मामले में किसे गिरफ्तार किया गया?
जसमीर सिंह (33) , निवासी कुरकैन, जिला डींग, राजस्थान को गिरफ्तार किया गया। वह साइबर ठगी गिरोह का वह सदस्य था जो एटीएम से नकदी निकालने का काम करता था।
आरोपी के पास से क्या-क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ₹1.25 लाख नकद, 23 एटीएम कार्ड (विभिन्न बैंकों के), दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल बरामद की। बरामद नकदी उसी दिन बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एटीएम से निकाली गई थी।
इस साइबर ठगी गिरोह का तरीका क्या था?
गिरोह के सदस्य हारिस और जाहुल पीड़ितों से ठगी कर रकम विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करवाते थे। इसके बाद वे व्हाट्सएप कॉल के ज़रिए जसमीर को निर्देश देते थे कि किस एटीएम कार्ड से कितनी राशि निकालनी है।
गिरोह के अन्य सदस्यों का क्या हुआ?
आरोपी के दो साथी हारिस और जाहुल अभी फरार हैं। साइबर सेल और स्थानीय पुलिस की टीमें उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं।
यह गिरफ्तारी कैसे हुई?
मुखबिर की सूचना पर कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने बुधवार रात 11:05 बजे मथुरा के बीएसएस पुलिया के पास घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार किया।
राष्ट्र प्रेस
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