पटना साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़: संजय कुमार और अभिषेक कुमार गिरफ्तार, करोड़ों के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा
सारांश
मुख्य बातें
पटना के साइबर थाना पुलिस ने 23 मई 2026 को एक संगठित साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। रामकृष्णानगर थाना क्षेत्र के जकरियापुर इलाके में छापेमारी के दौरान पुलिस ने 11 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 12 एटीएम कार्ड, 13 चेकबुक और एक पासबुक बरामद की। प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपए के संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के प्रमाण सामने आए हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नालंदा जिले के नूरसराय निवासी संजय कुमार और नवादा जिले के पकड़ी बरवा निवासी अभिषेक कुमार के रूप में की है। दोनों आरोपी पटना के जकरियापुर स्थित एक मकान से साइबर अपराध की गतिविधियाँ संचालित कर रहे थे। फिलहाल दोनों से पूछताछ जारी है।
ठगी का तरीका: सरकारी योजनाओं का झाँसा
डीएसपी सह साइबर थाना प्रभारी नीतीश चंद्र धारिया ने बताया कि गिरोह के सदस्य लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और आसान लोन उपलब्ध कराने का झाँसा देकर उनके नाम पर बैंकों में करेंट अकाउंट खुलवाते थे। इसके बाद वे उन खातों से जुड़ी पासबुक, एटीएम कार्ड, बैंक डिटेल और सिम कार्ड अपने कब्जे में रख लेते थे। फिर इन्हीं खातों का उपयोग साइबर ठगी और ऑनलाइन धोखाधड़ी के लिए किया जाता था।
जांच का दायरा और विशेष टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) के पर्यवेक्षण में साइबर थाना की एक विशेष टीम गठित की गई, जिसका नेतृत्व डीएसपी नीतीश चंद्र धारिया ने किया। तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर जांच शुरू की गई, जिसके बाद जकरियापुर में छापेमारी की गई। बरामद डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों की गहन जांच अभी जारी है।
नेटवर्क का विस्तार और अन्य संदिग्ध
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में एक महिला समेत अन्य लोगों की संलिप्तता के संकेत मिले हैं। जांचकर्ता यह पता लगाने में जुटे हैं कि गिरोह ने किन-किन राज्यों में लोगों को निशाना बनाया और कुल कितने पीड़ितों से ठगी की गई। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में साइबर अपराध के मामलों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। आगे की कार्रवाई जारी है और अन्य संदिग्धों की गिरफ्तारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।