क्या आप जानते हैं मिट्टी से बने इस अद्भुत देवलोक के बारे में?
सारांश
Key Takeaways
- बिष्णुपुर में मिट्टी से बने अद्भुत मंदिर हैं।
- यह शहर वैष्णव धर्म का प्रतिनिधित्व करता है।
- यहां के मंदिरों में महाभारत और रामायण की कहानियाँ उकेरी गई हैं।
- यूनेस्को द्वारा इसे विश्व धरोहर की सूची में शामिल किया गया है।
- यहां घूमने का सही समय सितंबर से दिसंबर और फरवरी-मार्च है।
नई दिल्ली, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कश्मीर को धरती का स्वर्ग कहा जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यहां प्राकृतिक देवलोक भी मौजूद है?
हम बात कर रहे हैं पश्चिम बंगाल के बांकुरा जिले के बिष्णुपुर शहर की, जो बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। यहां के मंदिर केवल आध्यात्मिक और आस्था का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि यह खुद में एक इतिहास समेटे हुए हैं। यह छोटा सा शहर अपने प्रसिद्ध अद्वितीय शिल्प कौशल के लिए जाना जाता है, जिसमें केवल मिट्टी का उपयोग किया जाता है।
बिष्णुपुर शहर की अनोखी विशेषता यह है कि यहां कई प्राचीन मंदिर बने हुए हैं, जो न केवल ऐतिहासिक महत्व के हैं, बल्कि पर्यटकों को भी आकर्षित करते हैं। इस कला को देखने के लिए लोग न केवल भारत के विभिन्न राज्यों से बल्कि विदेशों से भी आते हैं। यहां सभी मंदिरों का निर्माण केवल मिट्टी से किया गया है, जिसमें सीमेंट और पत्थर का प्रयोग नहीं किया गया है। मंदिरों का निर्माण बंगाल की समृद्ध विरासत की कहानी बयान करता है।
इन मंदिरों की दीवारों पर महाभारत और रामायण काल की कहानियों को प्रतिमाओं के माध्यम से उकेरा गया है। इसीलिए यहां की मिट्टी की प्रतिमाओं में आस्था के साथ-साथ कला की छटा भी बिखरी हुई है। इन मंदिरों पर की गई जटिल मिट्टी की नक्काशी धार्मिक और सांस्कृतिक कहानियों का एक समृद्ध ताना-बाना बुनती है, जो इन्हें भारत की स्थापत्य और ऐतिहासिक विरासत का अभिन्न अंग बनाती है।
यूनेस्को द्वारा इन मंदिरों को बेहतरीन नमूनों की अस्थायी सूची में शामिल किया गया है और हर साल लाखों श्रद्धालु इन मंदिरों का दर्शन करने आते हैं। यहां आपको रासमंच मंदिर, जोड़ बांग्ला मंदिर, मदान मोहन मंदिर, रघुनाथ जीऊ मंदिर, नूतन महल, और विष्णुपुर हवा महल जैसे कई अद्भुत मंदिर देखने को मिलेंगे, जो मुख्य रूप से वैष्णव धर्म का प्रतिनिधित्व करते हैं।
यहां घूमने का उचित समय सितंबर से दिसंबर और फरवरी-मार्च का होता है। इस अवधि में मौसम का तापमान अनुकूल रहता है, जो घूमने के लिए उपयुक्त है। इस समय सबसे अधिक संख्या में पर्यटक बिष्णुपुर शहर की यात्रा करते हैं।