के जना कृष्णमूर्ति जयंती: हरियाणा, दिल्ली समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री के जना कृष्णमूर्ति की जयंती पर 24 मई 2026 को देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मदुरै, तमिलनाडु में 24 मई 1928 को जन्मे कृष्णमूर्ति ने BJP के संगठनात्मक विस्तार में ऐतिहासिक भूमिका निभाई और 2001-2002 तक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में कार्य किया।
मुख्यमंत्रियों की श्रद्धांजलि
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, संगठन के प्रति समर्पण और भारतीय विचारधारा के मूल्यों को समर्पित रहा। सांगठनिक कार्यशैली, सादगी और सिद्धांतों के प्रति आपकी अटूट निष्ठा सदैव प्रेरणा देती रहेगी।"
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपनी श्रद्धांजलि में कहा कि कृष्णमूर्ति "सार्वजनिक जीवन में शुचिता, सादगी और कर्तव्यनिष्ठा की प्रतिमूर्ति" थे और दक्षिण भारत में संगठन की नींव को मजबूत करने में उनका योगदान "अतुलनीय" रहा।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने उन्हें "प्रखर राष्ट्रवादी विचारक" और "कुशल संगठनकर्ता" बताते हुए कहा कि उनका सिद्धांतनिष्ठ नेतृत्व सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लिखा कि कृष्णमूर्ति ने "संगठन को सशक्त बनाकर राष्ट्र निर्माण में योगदान का मार्ग दिखाया।"
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि "संगठन के प्रति उनकी निष्ठा, सरल व्यक्तित्व एवं राष्ट्रहित के प्रति समर्पित जीवन हम सभी कार्यकर्ताओं के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।"
सांसदों की भावभीनी याद
BJP सांसद नीरज शेखर ने कहा कि कृष्णमूर्ति का "सादगीपूर्ण व्यक्तित्व एवं राष्ट्रहित के प्रति अटूट प्रतिबद्धता भारतीय राजनीति में सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।"
BJP सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने उनकी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से शुरू हुई सेवायात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका जीवन "त्याग, निष्ठा और कर्तव्यपरायणता का जीवंत उदाहरण है।"
के जना कृष्णमूर्ति का राजनीतिक योगदान
कृष्णमूर्ति ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से अपनी सार्वजनिक जीवन की यात्रा प्रारंभ की और BJP के विस्तार में विशेषकर दक्षिण भारत में संगठन को मजबूत करने में अग्रणी भूमिका निभाई। 2001-2002 के बीच पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने BJP को एक व्यापक जनाधार देने का कार्य किया। यह ऐसे समय में आया जब पार्टी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार का नेतृत्व कर रही थी।
राष्ट्रीय स्मरण का महत्व
गौरतलब है कि एक साथ इतने राज्यों के मुख्यमंत्रियों का किसी पूर्व पार्टी अध्यक्ष की जयंती पर एक्स पर श्रद्धांजलि देना BJP के संगठनात्मक अनुशासन और आंतरिक एकजुटता को रेखांकित करता है। कृष्णमूर्ति की विरासत आज भी पार्टी के भीतर एक आदर्श के रूप में स्मरण की जाती है।