2 अक्टूबर 2026
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विपक्ष का एजेंडा सिर्फ मोदी-विरोध: BJP सांसद नरेश बंसल का जंतर-मंतर प्रदर्शन पर पलटवार

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विपक्ष का एजेंडा सिर्फ मोदी-विरोध: BJP सांसद नरेश बंसल का जंतर-मंतर प्रदर्शन पर पलटवार

सारांश

जंतर-मंतर पर विपक्षी प्रदर्शन से अखिलेश यादव, DMK और AAP की दूरी — और खुद विपक्ष के झंडे-बैनर के वादे का टूटना — BJP सांसद नरेश बंसल के लिए विपक्षी बिखराव का सबूत बन गया। बंसल का सीधा निशाना: विरोध एजेंडा है, नीति नहीं।

मुख्य बातें

BJP राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने 2 अक्टूबर 2026 को जंतर-मंतर पर हुए विपक्षी प्रदर्शन को 'हताशा की राजनीति' करार दिया।
विपक्षी सहमति के बावजूद प्रदर्शन में अलग-अलग दलों के झंडे और बैनर दिखाई दिए, जो आपसी समझ की विफलता दर्शाता है।
अखिलेश यादव (SP) , DMK , AAP और JMM के प्रमुख नेता प्रदर्शन और बैठक दोनों से अनुपस्थित रहे।
बंसल ने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाने की कोई सत्यापित शिकायत सामने नहीं आई; SIR अभियान पात्र मतदाताओं को जोड़ने के लिए भी चलाया जा रहा है।
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के इस्तीफे को बंसल ने कांग्रेस की आंतरिक कलह का संकेत बताया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने 2 अक्टूबर 2026 को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर, नई दिल्ली पर हुए विपक्षी प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया दी। बंसल ने आरोप लगाया कि विपक्ष आंतरिक रूप से बिखरा हुआ है और उसका एकमात्र एजेंडा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करना रह गया है।

प्रदर्शन पर भाजपा का पलटवार

बंसल ने कहा कि विपक्षी दलों की आपसी बैठक में तय हुआ था कि प्रदर्शन के दौरान किसी भी पार्टी का झंडा या बैनर नहीं लगाया जाएगा, लेकिन जंतर-मंतर पर अलग-अलग दलों के झंडे खुलेआम दिखाई दिए। उन्होंने कहा, 'विपक्ष हताश और निराश है — ज्ञानेश कुमार के विरोध से शुरू होकर यह प्रदर्शन प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग तक जा पहुँचता है।' यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी खेमे में एकजुटता की कमी को लेकर खुद उनके भीतर सवाल उठ रहे हैं।

मतदाता सूची विवाद पर BJP का रुख

विपक्ष के उस आरोप पर कि बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए, बंसल ने कहा कि यदि करोड़ों नाम गलत तरीके से काटे गए होते तो बड़ी तादाद में लोग शिकायत लेकर सामने आते। उन्होंने स्पष्ट किया, 'मैं चुनाव आयोग का प्रवक्ता नहीं हूँ, लेकिन अब तक एक भी ऐसे मतदाता की शिकायत दर्ज नहीं हुई जिसने यह कहा हो कि उसका नाम अनुचित तरीके से हटाया गया।' गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत छूटे हुए पात्र मतदाताओं को सूची में जोड़ने के लिए विशेष अभियान की भी घोषणा की है, जिसमें बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर फॉर्म-6 के ज़रिए नाम दर्ज करेंगे।

विपक्षी एकता पर सवाल

बंसल ने विपक्षी गठबंधन की आंतरिक दरारों को उजागर करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव न केवल प्रदर्शन से अनुपस्थित रहे, बल्कि उन्होंने बैठक में भी हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने यह भी बताया कि द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK), आम आदमी पार्टी (AAP) और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के प्रमुख नेता भी प्रदर्शन से दूर रहे। बंसल के अनुसार, विपक्ष में केवल राहुल गांधी और ममता बनर्जी ही प्रमुख रूप से सक्रिय दिखाई देते हैं।

पायलट स्मित मच्छार और पीएम मोदी की बातचीत

भारतीय पायलट स्मित मच्छार और प्रधानमंत्री मोदी के बीच हुई बातचीत का उल्लेख करते हुए बंसल ने पायलट की वीरता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में पायलट ने असाधारण साहस का परिचय दिया और विमान में सवार यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की। बंसल के अनुसार, पायलट ने प्रधानमंत्री मोदी को अपना आदर्श बताया।

भागवत की टिप्पणी और कांग्रेस की आंतरिक कलह

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के इस बयान पर कि 'धर्म पर संकट आएगा तो देश भी संकट में होगा', बंसल ने कहा कि भागवत देश की परिस्थितियों और अपने व्यापक अनुभव के आधार पर विचार रखते हैं। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के इस्तीफे पर उन्होंने इसे कांग्रेस का आंतरिक मामला बताते हुए कहा कि पार्टी के भीतर खींचतान स्पष्ट दिख रही है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि विपक्षी दल चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी मुहिम को एकजुट रख पाते हैं या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

और बंसल ने इसे भुनाया। लेकिन मतदाता सूची विवाद पर 'कोई शिकायत नहीं आई' वाला तर्क अधूरा है — शिकायत तंत्र की पहुँच और जागरूकता खुद सवालों के घेरे में है। चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सार्वजनिक बहस ज़रूरी है, जिसे महज राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में दबाया नहीं जाना चाहिए।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नरेश बंसल ने जंतर-मंतर प्रदर्शन पर क्या कहा?
BJP राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने कहा कि विपक्ष हताश और निराश है और उसका मुख्य एजेंडा प्रधानमंत्री मोदी का विरोध करना रह गया है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदर्शन में पार्टी झंडे न लगाने की सहमति के बावजूद विभिन्न दलों के बैनर दिखे।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग क्यों हो रही है?
विपक्षी और वामपंथी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 2 अक्टूबर 2026 को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए हैं।
अखिलेश यादव जंतर-मंतर प्रदर्शन में क्यों नहीं थे?
BJP सांसद नरेश बंसल के अनुसार, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव प्रदर्शन से पहले हुई विपक्षी बैठक में भी शामिल नहीं हुए। DMK, AAP और JMM के प्रमुख नेता भी अनुपस्थित रहे, जिसे BJP ने विपक्षी एकता की विफलता का प्रमाण बताया।
SIR प्रक्रिया क्या है और चुनाव आयोग इसे क्यों चला रहा है?
विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) चुनाव आयोग की वह प्रक्रिया है जिसके तहत मतदाता सूची से डुप्लीकेट और अयोग्य नाम हटाए जाते हैं और छूटे हुए पात्र मतदाताओं को जोड़ा जाता है। बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर फॉर्म-6 के ज़रिए नए नाम दर्ज करते हैं।
पंजाब कांग्रेस में क्या हो रहा है?
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया है। BJP सांसद नरेश बंसल ने इसे कांग्रेस का आंतरिक मामला बताते हुए कहा कि पार्टी के भीतर खींचतान साफ दिख रही है।
राष्ट्र प्रेस
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