सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामला: भाजपा नेता शॉन जॉर्ज ने ईडी को सौंपा ज्ञापन, UAE बैंक खाते की जांच की मांग
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता शॉन जॉर्ज ने 30 मई 2026 को तिरुवनंतपुरम में प्रवर्तन निदेशालय (ED) को एक ज्ञापन सौंपकर सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मासिक भुगतान मामले में कथित विदेशी वित्तीय लेनदेन की जांच की माँग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को प्राप्त धनराशि विदेशी बैंक खातों के ज़रिए स्थानांतरित की गई हो सकती है।
मुख्य आरोप क्या हैं
शॉन जॉर्ज ने ईडी को लिखे पत्र में दावा किया कि कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) से एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को मिली धनराशि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) स्थित अबू धाबी कमर्शियल बैंक के एक खाते में भेजी गई थी। उनके अनुसार, यह खाता कथित तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी वीना टी. और सुनीश एम. द्वारा संचालित किया जाता था।
जॉर्ज का यह भी दावा है कि SNC-लवलीन तथा प्राइसवाटरहाउसकूपर्स (PwC) सहित अन्य संस्थाओं से प्राप्त धनराशि भी इसी खाते में जमा की गई और बाद में उसका एक हिस्सा अमेरिका के कुछ खातों में स्थानांतरित किया गया। हालाँकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
ईडी से क्या माँगा गया
भाजपा नेता ने ईडी से आग्रह किया है कि वह अपनी जारी जांच का दायरा बढ़ाकर इन कथित विदेशी बैंक खातों और अंतरराष्ट्रीय लेनदेन को भी उसमें शामिल करे। मीडिया से बातचीत में शॉन जॉर्ज ने कहा कि उन्हें यह जानकारी एक विश्वसनीय स्रोत से मिली है और इसकी विस्तृत जांच होनी चाहिए।
गौरतलब है कि ईडी पहले से ही सीएमआरएल-एक्सालॉजिक लेनदेन मामले की जांच कर रही है, जिसमें वीना टी. का नाम पहले भी सामने आ चुका है। नए आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
शॉन जॉर्ज की राजनीतिक पृष्ठभूमि
शॉन जॉर्ज, वरिष्ठ राजनेता पी.सी. जॉर्ज के पुत्र हैं। पिता-पुत्र दोनों 2024 में भाजपा में शामिल हुए और हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में अपनी-अपनी सीटों पर चुनाव लड़ा। दोनों तीसरे स्थान पर रहे, हालाँकि उनके प्रदर्शन को मुकाबले को कड़ा बनाने वाला माना गया।
शॉन जॉर्ज पिछले एक वर्ष से इस मामले को लेकर लगातार सवाल उठाते रहे हैं और कई सार्वजनिक मंचों से पिनाराई विजयन और उनके परिवार पर निशाना साधते रहे हैं। इस दौरान सीपीआई(एम) नेतृत्व के खिलाफ आक्रामक अभियान के चलते पी.सी. जॉर्ज के खिलाफ पुलिस ने दो मामले दर्ज किए, हालाँकि उन्हें दोनों में जमानत मिल गई।
आगे क्या होगा
ईडी अब यह तय करेगी कि नए ज्ञापन में उठाए गए बिंदुओं को मौजूदा जांच में शामिल किया जाए या नहीं। यह मामला केरल की राजनीति में संवेदनशील बना हुआ है, क्योंकि इसमें पूर्व मुख्यमंत्री के परिवार से जुड़े कथित आरोप हैं। आने वाले हफ्तों में ईडी की प्रतिक्रिया इस मामले की दिशा तय करेगी।