18 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

तिरंगे, राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत में BJP का शून्य योगदान: सुप्रिया श्रीनेत का तीखा हमला

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
तिरंगे, राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत में BJP का शून्य योगदान: सुप्रिया श्रीनेत का तीखा हमला

सारांश

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने BJP पर सीधा हमला बोला — तिरंगे से राष्ट्रगान तक, उनका योगदान शून्य। वंदे मातरम को लेकर टैगोर बनाम शाह की विचारधारा का सवाल उठाया, कुमारस्वामी की सोनिया-टिप्पणी को 'निम्न स्तर की राजनीति' बताया और कंगना रनौत को डॉक्टर से मिलने की नसीहत दी।

मुख्य बातें

सुप्रिया श्रीनेत ने 18 अगस्त 2026 को कहा कि BJP का तिरंगे, राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत में शून्य योगदान रहा है।
वंदे मातरम पर उन्होंने रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह का हवाला दिया, जिसे महात्मा गांधी , नेहरू , सुभाष चंद्र बोस और सरदार पटेल ने माना था।
राष्ट्रगीत के रूप में दो छंद 1950 में संविधान के तहत अपनाए गए थे।
केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी की सोनिया गांधी पर 'इटली के खून' वाली टिप्पणी को श्रीनेत ने 'निम्न स्तर की राजनीति' करार दिया।
BJP सांसद कंगना रनौत के बयान पर श्रीनेत ने कहा — उन्हें किसी अच्छे डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने 18 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) का इस देश के तिरंगे, राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत — किसी में भी कोई योगदान नहीं रहा है। उन्होंने वंदे मातरम विवाद, सोनिया गांधी पर की गई टिप्पणी और BJP सांसद कंगना रनौत के बयान पर एक साथ पलटवार किया।

वंदे मातरम पर दो विचारधाराओं की टकराहट

श्रीनेत ने स्पष्ट किया कि वंदे मातरम को लेकर कोई विवाद नहीं है, बल्कि दो अलग-अलग सोच है। उन्होंने कहा कि पहली सोच वह है जिसमें रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह को माना गया — जिसे महात्मा गांधी, सरदार पटेल, जवाहरलाल नेहरू, सुभाष चंद्र बोस और बाबू राजेंद्र प्रसाद जैसे राष्ट्रनायकों ने स्वीकार किया था। टैगोर ने सुझाव दिया था कि राष्ट्रगीत के रूप में दो छंद अपनाए जाएँ, और वही 1950 में संविधान के तहत राष्ट्रीय गीत बना।

दूसरी विचारधारा के बारे में श्रीनेत ने कहा कि वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की है — जो उनके अनुसार प्रदर्शनकारी छात्रों पर पैलेट गन चलवाते हैं। उन्होंने कहा, 'हमारे लिए चुनाव बहुत आसान है — हमें रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह चाहिए, न कि गृह मंत्री शाह की।'

राष्ट्रीय प्रतीकों पर BJP को घेरा

श्रीनेत ने कहा कि कोई भी राष्ट्रीय प्रतीक किसी पर थोपा नहीं जा सकता। राष्ट्रगीत लोगों को एकजुट करने के लिए था — और यही टैगोर की भावना थी। उन्होंने BJP पर आरोप लगाया कि वह जबरदस्ती का विवाद खड़ा करके राष्ट्र प्रेम का पाठ पढ़ाने की कोशिश कर रही है, जबकि तिरंगे से लेकर राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत तक — BJP का योगदान शून्य रहा है।

कंगना रनौत के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया

BJP सांसद कंगना रनौत द्वारा कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की तुलना पड़ोसी देश पाकिस्तान से किए जाने पर श्रीनेत ने कहा, 'BJP उस व्यक्ति को गंभीरता से नहीं लेती जिनका नाम आप ले रहे हैं। मैं भगवान से प्रार्थना करती हूँ कि वह स्वस्थ रहें। मैं इस मंच के माध्यम से कहना चाहती हूँ कि उन्हें किसी अच्छे डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए — उनकी तबीयत दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है।'

कुमारस्वामी की सोनिया गांधी पर टिप्पणी का जवाब

केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी की उस टिप्पणी पर — जिसमें उन्होंने कहा था कि सोनिया गांधी में 'इटली का खून है' — श्रीनेत ने कड़ा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि BJP सबसे निम्न स्तर की राजनीति करती है। उनके अनुसार, 'सोनिया गांधी में जितनी भारतीयता मैंने देखी है, उतनी किसी और महिला में नहीं देखी। उन्होंने अपनी संतान राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को देशभक्ति के साथ पाला है।'

राजनीतिक संदर्भ

यह बयान ऐसे समय में आया है जब स्वतंत्रता दिवस के बाद राष्ट्रीय प्रतीकों और राष्ट्रवाद की परिभाषा को लेकर सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच वाकयुद्ध तेज हो गया है। गौरतलब है कि वंदे मातरम को लेकर बहस नई नहीं है — यह प्रश्न स्वतंत्रता आंदोलन के दौर से ही विचार-विमर्श का हिस्सा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों पक्षों की प्रतिक्रियाएँ और तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर कंगना रनौत पर 'डॉक्टर' वाली टिप्पणी उनके तर्क की धार को कमज़ोर करती है। असली सवाल यह है कि क्या राष्ट्रीय प्रतीकों पर यह बहस जनता की वास्तविक चिंताओं से जुड़ती है, या यह महज़ चुनावी मौसम की बयानबाज़ी है।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुप्रिया श्रीनेत ने BJP पर क्या आरोप लगाया?
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि BJP का तिरंगे, राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत — किसी में भी कोई योगदान नहीं रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि BJP जबरदस्ती का विवाद खड़ा करके राष्ट्र प्रेम का पाठ पढ़ाने की कोशिश कर रही है।
वंदे मातरम विवाद पर सुप्रिया श्रीनेत का क्या कहना है?
श्रीनेत ने कहा कि वंदे मातरम को लेकर कोई विवाद नहीं है, बल्कि दो अलग-अलग विचारधाराएँ हैं। उन्होंने रवींद्रनाथ टैगोर की उस सलाह का समर्थन किया जिसके तहत 1950 में दो छंद राष्ट्रगीत के रूप में संविधान के अंतर्गत अपनाए गए थे।
एचडी कुमारस्वामी ने सोनिया गांधी पर क्या कहा था और श्रीनेत ने क्या जवाब दिया?
केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने कथित तौर पर कहा था कि सोनिया गांधी में 'इटली का खून है।' श्रीनेत ने इसे 'निम्न स्तर की राजनीति' बताते हुए कहा कि सोनिया गांधी में जितनी भारतीयता उन्होंने देखी है, उतनी किसी और में नहीं।
कंगना रनौत के बयान पर कांग्रेस की क्या प्रतिक्रिया रही?
BJP सांसद कंगना रनौत द्वारा कांग्रेस नेताओं की तुलना पाकिस्तान से किए जाने पर श्रीनेत ने कहा कि BJP खुद उन्हें गंभीरता से नहीं लेती। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि कंगना रनौत को किसी अच्छे डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
राष्ट्रगीत को लेकर टैगोर की सलाह क्या थी?
रवींद्रनाथ टैगोर ने सुझाव दिया था कि वंदे मातरम के केवल दो छंद राष्ट्रगीत के रूप में अपनाए जाएँ। इस सलाह को महात्मा गांधी, सरदार पटेल, जवाहरलाल नेहरू, सुभाष चंद्र बोस और बाबू राजेंद्र प्रसाद सहित प्रमुख नेताओं ने स्वीकार किया और 1950 में यह संविधान के तहत राष्ट्रीय गीत बना।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 घंटे पहले
  2. 5 घंटे पहले
  3. 23 घंटे पहले
  4. कल
  5. कल
  6. कल
  7. 1 महीना पहले
  8. 8 महीने पहले