भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर BKS का संतुलित रुख: किसान हित में हो तो स्वागत, वरना विरोध
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय किसान संघ (BKS) ने 17 अगस्त को भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर अपना स्पष्ट रुख रखते हुए कहा कि यदि यह समझौता किसानों के हित में है तो संघ इसका स्वागत करेगा, अन्यथा पूरी ताकत से विरोध भी करेगा। पंजाब और हरियाणा के किसान संगठनों द्वारा इस डील के खिलाफ मोर्चा खोले जाने के बीच BKS ने राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपनी नीति दोहराई।
BKS का स्पष्ट रुख
गांधीनगर से BKS के महासचिव रमेश पटेल ने कहा, 'भारतीय किसान संघ के लिए हमेशा राष्ट्रहित सर्वोपरि रहा है। कल भी था, आज भी है और आने वाले दिनों में भी रहेगा। राष्ट्रहित की चौखट पर किसान का हित — यह भारतीय किसान संघ का स्लोगन है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि जहाँ किसानों का हित है, वहाँ किसान संघ खड़ा है और जहाँ किसानों का अहित है, उसके सामने भी किसान संघ खड़ा रहता है।
आधिकारिक जानकारी के अभाव में कोई कार्यक्रम नहीं
रमेश पटेल ने बताया कि अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील के बारे में अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है। इसी कारण संगठन बिना ठोस जानकारी के कोई कार्यक्रम घोषित नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि किसान संघ जो भी कदम उठाता है, वह अपनी सुनिश्चित रीति-नीति के आधार पर उठाता है।
BKS की पूर्व चेतावनी और डील की स्थिति
रमेश पटेल ने बताया कि भारतीय किसान संघ ने पहले ही सरकार को इस मुद्दे पर आगाह किया था, जिसके बाद से ट्रेड डील पर चर्चा रुकी हुई बताई जा रही है। उन्होंने कहा, 'अगर यह डील किसानों के हित में है तो किसान संघ उसका स्वागत करेगा। अगर यह डील किसानों के विरोध में रहेगी तो भारतीय किसान संघ अपने दम-खम के आधार पर उसका विरोध करेगा।'
पंजाब-हरियाणा के संगठनों से मतभेद नहीं, लेकिन नीति अलग
पंजाब और हरियाणा के किसान संगठनों द्वारा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने के सवाल पर रमेश पटेल ने कहा, 'हर संगठन की अलग रीति-नीति होती है। उनके आधार पर वे अपनी बात रख रहे हैं, यह उनकी सोच है।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि BKS देश का वफादार स्वयंसेवक संगठन है और कोई भी निर्णय देश तथा किसान दोनों के हित को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।
आगे क्या होगा
भारत-अमेरिका ट्रेड डील की शर्तें अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई हैं, इसलिए किसान संगठनों का अंतिम रुख इन शर्तों के सामने आने के बाद ही तय होगा। BKS ने संकेत दिया है कि डील के विवरण सामने आते ही वह अपनी प्रतिक्रिया देगा। यह ऐसे समय में आया है जब कृषि क्षेत्र से जुड़े व्यापार समझौतों पर देशभर में बहस तेज हो रही है।