भारत-अमेरिका ट्रेड डील से किसान सुरक्षित, कृषि उत्पाद बाहर रहेंगे: पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों
सारांश
मुख्य बातें
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर किसानों में फैली आशंकाओं के बीच पंजाब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने मंगलवार, 21 जुलाई को चंडीगढ़ में स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं यह आश्वासन दिया है कि किसानों और पशुपालकों के हितों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा कि धान, गेहूं, दलहन, दूध और अन्य प्रमुख कृषि उत्पादों को प्रस्तावित व्यापार समझौते के दायरे से पूरी तरह बाहर रखा जाएगा।
मुख्य घटनाक्रम
ढिल्लों ने यह भी रेखांकित किया कि अभी तक कोई समझौता अंतिम रूप नहीं ले चुका है और फिलहाल केवल बातचीत का दौर जारी है। उनके अनुसार, केंद्र सरकार इस मुद्दे पर कई बार अपना रुख स्पष्ट कर चुकी है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अफवाहों और भ्रामक प्रचार से सतर्क रहें।
इसी दिन पंजाब से हजारों किसान भारत-अमेरिका प्रस्तावित व्यापार समझौते के विरोध में दिल्ली की ओर कूच के लिए निकले। हालाँकि, उन्हें शंभू, कुंडली और खनौरी बॉर्डर पर पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। किसानों ने स्पष्ट किया कि वे शांतिपूर्वक अपनी माँगें सरकार तक पहुँचाना चाहते हैं और किसी भी बैरिकेड को तोड़ने का उनका इरादा नहीं है।
विपक्ष पर निशाना
ढिल्लों ने आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर आरोप लगाया कि इन दलों ने हमेशा किसानों के नाम पर राजनीति की है और झूठा प्रचार फैलाया है। उन्होंने दावा किया कि इसके विपरीत भाजपा सदैव किसानों के साथ मजबूती से खड़ी रही है।
यह ऐसे समय में आया है जब कृषि संगठन प्रस्तावित व्यापार समझौते में डेयरी और अनाज क्षेत्र पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को लेकर लंबे समय से सरकार पर दबाव बना रहे हैं। गौरतलब है कि 2020-21 के किसान आंदोलन के बाद से पंजाब में केंद्र और किसान संगठनों के बीच संवाद की स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।
किसान नेता का बयान
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के नेता सरवन सिंह पंढेर ने पत्रकारों को बताया कि हरियाणा के एक मंत्री की ओर से यह आश्वासन मिला है कि आगामी दिनों में उनकी बातचीत केंद्रीय कृषि मंत्री से कराई जाएगी। पंढेर के अनुसार, 8 से 10 दिन के भीतर इस संबंध में एक पत्र सौंपा जाएगा, जिसके बाद संवाद का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने कहा कि आगामी बातचीत में यह तय किया जाएगा कि आगे क्या कदम उठाने होंगे।
सरकार का रुख और आगे की राह
ढिल्लों ने कहा कि यदि किसी किसान संगठन को कोई शंका या चिंता है, तो वह सरकार के साथ सीधे संवाद कर सकता है। उन्होंने दोहराया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार किसानों से हर मुद्दे पर बातचीत के लिए तैयार है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी का एकमात्र उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और उन्हें आर्थिक रूप से समृद्ध बनाना है — क्योंकि जब किसान समृद्ध होगा, तभी पंजाब और भारत वास्तव में समृद्ध होगा। अब सभी की निगाहें केंद्रीय कृषि मंत्री के साथ प्रस्तावित बैठक पर टिकी हैं।