27 अक्टूबर 2026
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बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे का सख्त आदेश: निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण न हुआ तो डेवलपर्स पर कार्रवाई

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बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे का सख्त आदेश: निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण न हुआ तो डेवलपर्स पर कार्रवाई

सारांश

दिवाली से पहले BMC आयुक्त अश्विनी भिडे ने मुंबई में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर कड़ा रुख अपनाया — निर्माण स्थलों पर धूल फैलाने वाले डेवलपर्स, बंद सेंसर और पटाखा प्रतिबंध के उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई के आदेश। हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन की जिम्मेदारी सीधे वार्ड अधिकारियों पर।

मुख्य बातें

BMC आयुक्त अश्विनी भिडे ने 27 अक्टूबर 2026 को निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण की जिम्मेदारी सीधे डेवलपर्स और निर्माण व्यवसायियों पर डाली।
28 बिंदुओं वाली वायु प्रदूषण नियंत्रण गाइडलाइन का जमीनी स्तर पर कड़ा पालन अनिवार्य; उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई।
वायु गुणवत्ता सेंसर या मापन प्रणाली बंद पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों पर भी कठोर कदम उठाए जाएंगे।
मुंबई उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार सार्वजनिक स्थलों और साइलेंस ज़ोन में पटाखों पर पाबंदी; सभी वार्डों में अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश।
नागरिकों में जागरूकता के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सरकारी-निजी स्कूलों में जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्देश।

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) आयुक्त अश्विनी भिडे ने 27 अक्टूबर 2026 को स्पष्ट निर्देश जारी किए कि मुंबई के निर्माण स्थलों और आसपास की सड़कों पर धूल नियंत्रण की संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित डेवलपर्स और निर्माण व्यवसायियों की होगी। लापरवाही पाए जाने पर तत्काल और कठोर कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश ऐसे समय में आया है जब मुंबई उच्च न्यायालय ने शहर में वायु एवं ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण को लेकर कड़े निर्देश दिए हैं।

मुख्य निर्देश और गाइडलाइन

भिडे ने BMC द्वारा वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए जारी 28 बिंदुओं वाली गाइडलाइन का जमीनी स्तर पर पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह गाइडलाइन केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि प्रत्येक निर्माण स्थल पर इसका दृश्यमान अनुपालन होना चाहिए। वायु गुणवत्ता मापन केंद्र, सेंसर और संबंधित प्रणालियाँ यदि बंद पाई गईं, तो संबंधितों पर भी कठोर कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।

डेवलपर्स के लिए निर्माण परिसर को साफ रखना, धूल न फैले इसके लिए एहतियाती उपाय करना और आधुनिक संयंत्रों के उपयोग से सड़कों की सफाई कराना अनिवार्य कर दिया गया है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

मुंबई हाई कोर्ट के निर्देशों का अनुपालन

मुंबई उच्च न्यायालय ने सार्वजनिक सड़कों, गलियों और फुटपाथों पर पटाखे फोड़ने पर पाबंदी लगाई है। इसके अलावा स्कूल, अस्पताल, सरकारी कार्यालय और न्यायालय जैसे साइलेंस ज़ोन में भी पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध है। भिडे ने निर्देश दिया कि इन आदेशों का सभी वार्ड स्तर पर कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने नागरिकों से ग्रीन पटाखों के उपयोग की भी अपील की।

जनजागरूकता अभियान

ध्वनि प्रदूषण और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में नागरिकों में जागरूकता फैलाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से संदेश पहुँचाने के निर्देश दिए गए। सभी सरकारी और निजी स्कूलों में भी जनजागरूकता अभियान चलाने का आदेश दिया गया है, ताकि युवा पीढ़ी इस संदेश की वाहक बने।

बैठक में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी

इस महत्वपूर्ण बैठक में अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त डॉ. अविनाश ढाकणे, उप आयुक्त प्रशांत गायकवाड, उप आयुक्त अविनाश काटे के साथ-साथ सभी परिमंडलीय सह आयुक्त, उप आयुक्त, सहायक आयुक्त और संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। गौरतलब है कि यह बैठक दिवाली के ठीक पहले आयोजित की गई, जब शहर में पटाखों का उपयोग अपने चरम पर होता है।

आगे क्या होगा

BMC का यह कदम शहर की वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में सुधार की दिशा में एक ठोस प्रशासनिक हस्तक्षेप माना जा रहा है। आने वाले हफ्तों में वार्ड-स्तरीय अधिकारियों द्वारा निर्माण स्थलों का औचक निरीक्षण और उल्लंघनकर्ताओं पर जुर्माने की कार्रवाई अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो प्रशासनिक दृष्टि से समयोचित है, लेकिन असली सवाल क्रियान्वयन का है — मुंबई में निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण को लेकर इससे पहले भी दिशानिर्देश जारी होते रहे हैं, जिनका जमीनी असर सीमित रहा। 28 बिंदुओं वाली गाइडलाइन तब तक कागजी दस्तावेज बनी रहेगी जब तक वार्ड-स्तर पर औचक निरीक्षण और वास्तविक जुर्माने की प्रणाली नहीं बनती। ध्यान देने वाली बात यह है कि AQI मापन सेंसर बंद रहने की शिकायतें पुरानी हैं — इस पर कार्रवाई का वादा नई जवाबदेही की शुरुआत हो सकती है, बशर्ते इसे सार्वजनिक रूप से मॉनिटर किया जाए।
RashtraPress
27 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीएमसी ने निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण को लेकर क्या आदेश दिए हैं?
BMC आयुक्त अश्विनी भिडे ने 27 अक्टूबर 2026 को आदेश दिया कि निर्माण स्थलों और आसपास की सड़कों पर धूल नियंत्रण की पूरी जिम्मेदारी संबंधित डेवलपर्स की होगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बीएमसी की 28 बिंदुओं वाली गाइडलाइन क्या है?
BMC ने मुंबई में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए 28 बिंदुओं वाली एक विस्तृत गाइडलाइन जारी की है, जिसमें निर्माण स्थलों की सफाई, धूल प्रबंधन, वायु गुणवत्ता सेंसर का सक्रिय रहना और आधुनिक संयंत्रों द्वारा सड़क सफाई शामिल है। आयुक्त ने इसका जमीनी स्तर पर पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
मुंबई में पटाखों पर क्या प्रतिबंध है?
मुंबई उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार सार्वजनिक सड़कों, गलियों और फुटपाथों पर पटाखे फोड़ना प्रतिबंधित है। स्कूल, अस्पताल, सरकारी कार्यालय और न्यायालय जैसे साइलेंस ज़ोन में भी पटाखे नहीं फोड़े जा सकते।
वायु गुणवत्ता सेंसर बंद पाए जाने पर क्या होगा?
आयुक्त भिडे ने स्पष्ट किया है कि वायु गुणवत्ता मापन केंद्र, सेंसर या संबंधित प्रणाली बंद पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार पक्षों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। इन प्रणालियों का नियमित रूप से कार्यरत रहना अनिवार्य किया गया है।
बीएमसी पटाखों के बारे में जागरूकता कैसे फैलाएगी?
BMC ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से नागरिकों तक संदेश पहुँचाने और सभी सरकारी व निजी स्कूलों में जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया है। नागरिकों से ग्रीन पटाखों के उपयोग की भी अपील की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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