16 सितंबर 2026
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बॉम्बे हाई कोर्ट ने तीन CGST आरोपियों को CBI कस्टडी में भेजा, ₹40 लाख रिश्वत कांड में बड़ा फैसला

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बॉम्बे हाई कोर्ट ने तीन CGST आरोपियों को CBI कस्टडी में भेजा, ₹40 लाख रिश्वत कांड में बड़ा फैसला

सारांश

ठाणे की स्पेशल CBI कोर्ट ने गिरफ्तारियाँ अवैध मानकर आरोपियों को छोड़ा था — बॉम्बे हाई कोर्ट ने वह आदेश पलट दिया। CGST के वरिष्ठ अधिकारियों पर ₹40 लाख रिश्वत का आरोप और एक IRS अधिकारी अभी फरार — यह मामला सीमा शुल्क तंत्र में भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों की ओर इशारा करता है।

मुख्य बातें

बॉम्बे हाई कोर्ट ने 16 सितंबर 2026 को CBI की रिविजन याचिका मंजूर कर तीनों CGST आरोपियों को दो दिन की CBI हिरासत में भेजा।
CGST सुपरिटेंडेंट राकेश कुमार सिन्हा पर शिकायतकर्ता की फर्म से ₹1.50 करोड़ (बाद में ₹40 लाख ) रिश्वत माँगने का आरोप है।
CBI ने 27 अगस्त 2026 को ट्रैप ऑपरेशन में नरिंदर राजपूत को ₹40 लाख लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा।
ठाणे स्पेशल CBI कोर्ट ने 28 अगस्त 2026 को गिरफ्तारी को अवैध ठहराकर आरोपियों को जमानत दी थी, जिसे हाई कोर्ट ने रद्द किया।
CGST एडिशनल कमिश्नर विनय कुमार कंथेटी ( IRS 2009 बैच ) अभी फरार हैं, तलाश जारी।

बॉम्बे हाई कोर्ट ने 16 सितंबर 2026 को केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) की पुनरीक्षण याचिका स्वीकार करते हुए CGST भ्रष्टाचार मामले में तीनों आरोपियों को दो दिन की CBI हिरासत में भेजने का आदेश दिया। यह आदेश ठाणे की स्पेशल CBI कोर्ट के उस फैसले को पलटते हुए आया, जिसमें गिरफ्तारियों को गैर-कानूनी ठहराकर आरोपियों को जमानत दे दी गई थी।

मामले की पृष्ठभूमि

CBI की मुंबई एंटी-करप्शन ब्रांच ने 26 अगस्त 2026 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत यह मामला दर्ज किया। शिकायत के अनुसार, रायगढ़ के खांडेश्वर में तैनात CGST सुपरिटेंडेंट राकेश कुमार सिन्हा ने शिकायतकर्ता की फर्म से जुड़ी कार्यवाही के सिलसिले में कथित तौर पर पहले ₹1.50 करोड़ की रिश्वत माँगी, जिसे बाद में घटाकर ₹40 लाख कर दिया गया।

जाल और गिरफ्तारी

CBI ने 27 अगस्त 2026 को एक ट्रैप ऑपरेशन चलाया, जिसमें निजी व्यक्ति एवं कस्टम्स हाउस एजेंट नरिंदर राजपूत को ₹40 लाख की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। आरोप है कि वह यह राशि CGST सुपरिटेंडेंट राकेश कुमार सिन्हा और CGST एडिशनल कमिश्नर विनय कुमार कंथेटी (IRS 2009 बैच) की ओर से प्राप्त कर रहा था। इसके बाद तीनों को गिरफ्तार कर ठाणे की स्पेशल CBI कोर्ट में पेश किया गया।

स्पेशल कोर्ट का विवादित आदेश

CBI ने पाँच दिन की पुलिस हिरासत की माँग की थी। परंतु स्पेशल CBI कोर्ट ने 28 अगस्त 2026 के अपने आदेश में हिरासत की माँग खारिज कर दी, गिरफ्तारियों को अवैध करार दिया और तीनों आरोपियों को जमानत पर रिहा कर दिया। यह आदेश CBI के लिए बड़ा झटका था।

हाई कोर्ट का हस्तक्षेप

CBI ने क्रिमिनल रिविजन एप्लीकेशन नंबर 460/2026 दाखिल कर स्पेशल कोर्ट के आदेश को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी। हाई कोर्ट ने रिकॉर्ड की विस्तृत समीक्षा के बाद पाया कि गिरफ्तारी के आधार आरोपियों को बता दिए गए थे और संबंधित परिवार के सदस्यों व वकीलों को विधिवत सूचित कर दिया गया था। इस आधार पर हाई कोर्ट ने स्पेशल कोर्ट के आदेश को रद्द कर CBI की याचिका मंजूर की।

आगे की स्थिति

हाई कोर्ट के आदेश के तुरंत बाद राकेश कुमार सिन्हा और नरिंदर राजपूत को CBI की हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। CGST एडिशनल कमिश्नर विनय कुमार कंथेटी अभी तक फरार बताए जा रहे हैं और उनकी तलाश जारी है। जाँच एजेंसी मामले के बड़े नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और हाई कोर्ट का हस्तक्षेप यह दर्शाता है कि प्रक्रियागत औपचारिकताएँ पूरी होने पर अदालतें CBI की जाँच को बाधित नहीं होने देंगी। एक IRS अधिकारी का अभी तक फरार रहना इस बात का संकेत है कि मामला और बड़े नेटवर्क की तरफ जा सकता है। असली जाँच यह है कि क्या CBI दो दिन की सीमित हिरासत में उन कड़ियों को सामने ला पाएगी जो इस भ्रष्टाचार की ऊपरी परतों तक पहुँचती हों।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CGST रिश्वत मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट का आदेश क्या है?
बॉम्बे हाई कोर्ट ने 16 सितंबर 2026 को CBI की पुनरीक्षण याचिका मंजूर करते हुए CGST सुपरिटेंडेंट राकेश कुमार सिन्हा और नरिंदर राजपूत को दो दिन की CBI हिरासत में भेजा। कोर्ट ने ठाणे स्पेशल CBI कोर्ट का वह आदेश रद्द किया जिसमें गिरफ्तारियों को अवैध ठहराया गया था।
इस मामले में कितनी रिश्वत माँगी गई थी और किस आरोपी ने माँगी?
आरोप है कि CGST सुपरिटेंडेंट राकेश कुमार सिन्हा ने शिकायतकर्ता की फर्म से जुड़ी कार्यवाही के सिलसिले में पहले ₹1.50 करोड़ की रिश्वत माँगी, जिसे बाद में घटाकर ₹40 लाख कर दिया गया।
नरिंदर राजपूत कौन हैं और उन्हें कैसे पकड़ा गया?
नरिंदर राजपूत एक निजी व्यक्ति और कस्टम्स हाउस एजेंट हैं। CBI ने 27 अगस्त 2026 को ट्रैप ऑपरेशन के दौरान उन्हें CGST अधिकारियों की ओर से ₹40 लाख की रकम लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
CGST एडिशनल कमिश्नर विनय कुमार कंथेटी की स्थिति क्या है?
IRS 2009 बैच के अधिकारी विनय कुमार कंथेटी अभी तक फरार हैं। CBI उन्हें ढूँढकर कानून के अनुसार गिरफ्तार करने की कोशिश में जुटी है और जाँच जारी है।
स्पेशल CBI कोर्ट ने गिरफ्तारी को अवैध क्यों माना था?
28 अगस्त 2026 के अपने आदेश में ठाणे की स्पेशल CBI कोर्ट ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया को अवैध ठहराया और आरोपियों को जमानत दे दी। हालाँकि, बॉम्बे हाई कोर्ट ने रिकॉर्ड की जाँच के बाद पाया कि गिरफ्तारी के आधार बताए गए थे और परिवार तथा वकीलों को सूचित कर दिया गया था, इसलिए स्पेशल कोर्ट का आदेश रद्द कर दिया गया।
राष्ट्र प्रेस
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