बॉम्बे हाई कोर्ट का आदेश: ईवीएम जांच ऐतिहासिक, कांग्रेस नेता नसीम खान की प्रतिक्रिया
सारांश
Key Takeaways
- ईवीएम मशीनों की जांच के आदेश को ऐतिहासिक माना गया है।
- निर्णय से चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता में सुधार होगा।
- नसीम खान ने 16-17 अप्रैल को जांच में अपने सवाल उठाने का आश्वासन दिया है।
- महाराष्ट्र चुनाव आयोग को मशीनों की जांच में पारदर्शिता बरतनी चाहिए।
- यह मामला 2024 के विधानसभा चुनावों से जुड़ा है।
मुंबई, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नसीम खान ने शुक्रवार को बॉम्बे हाई कोर्ट द्वारा चांदीवली विधानसभा क्षेत्र की ईवीएम मशीनों की जांच के आदेश को ऐतिहासिक करार दिया।
नसीम खान ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि यह फैसला पूरे देश में चुनावी प्रक्रिया पर उठे सवालों और ईवीएम की विश्वसनीयता पर लगे प्रश्नों को सुलझाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा, "हमारी याचिका में यह स्पष्ट था कि हमें ईवीएम मशीनों पर संदेह है। हमें लगता है कि इन मशीनों के साथ छेड़छाड़ की गई है और गलत प्रोग्रामिंग की गई है। हम कई प्रकार के संदेह रखते हैं। हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार 16 या 17 अप्रैल को जब जांच होगी, तो हम अपने सभी सवाल और मुद्दे सामने रखेंगे और पूरी जांच का अनुरोध करेंगे।"
नसीम खान ने कहा, "हाई कोर्ट का यह आदेश निश्चित रूप से ऐतिहासिक है। इससे पूरे देश में चुनावी प्रक्रिया पर लगे प्रश्नचिह्न, चुनाव आयोग पर उठ रहे संदेह और मशीन की कार्यप्रणाली पर जो सवाल खड़े हो रहे थे, उनका समाधान होगा। जांच पूरी होने के बाद हम संतुष्ट होंगे।"
उन्होंने चांदीवली विधानसभा क्षेत्र के संदर्भ में कहा कि मुंबई हाई कोर्ट का यह आदेश एक मिसाल कायम करेगा। उन्होंने आगे कहा, "जब 16-17 अप्रैल को यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, तो चुनाव आयोग को मशीनों को लेकर हमारे संदेहों और मांगों की गहन जांच करनी चाहिए।"
उन्होंने यह भी बताया कि ईवीएम जांच के लिए उन्होंने महाराष्ट्र चुनाव आयोग को पैसे भी दिए थे। नसीम खान ने कहा, "ईवीएम मशीन की जांच करने से पहले अगर महाराष्ट्र चुनाव आयोग ने कहीं कुछ किया है तो वे हमें बता सकते हैं। हमने ईवीएम की जांच के लिए उन्हें पैसे भी दिए थे।"
गौरतलब है कि 2024 महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में चांदीवली सीट पर शिवसेना (शिंदे गुट) के दिलीप लांडे ने कांग्रेस उम्मीदवार नसीम खान को हराया था। हार के बाद नसीम खान ने ईवीएम-वीवीपीएटी मशीनों की तकनीकी जांच की मांग करते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए जांच की अनुमति दी है।