एसआईआर विवाद: ब्रजेश पाठक बोले — हार के डर से सपा-कांग्रेस उठा रहे सवाल, 2027 में जनता देगी जवाब
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने 7 नवंबर 2026 को लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों दल विशेष सारांश पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पर इसलिए सवाल उठा रहे हैं क्योंकि उन्हें विधानसभा चुनाव 2027 में संभावित हार का भय सता रहा है।
एसआईआर पर विपक्ष के सवाल और पाठक का पलटवार
सपा प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा मतदाता सूची के विशेष सारांश पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर उठाई गई आपत्तियों के जवाब में पाठक ने कहा, 'विपक्षी दल चुनाव हारने के डर से पहले से ही तरह-तरह की तैयारियाँ कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी का आधार खत्म हो चुका है।' उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला भारत निर्वाचन आयोग (ECI) से जुड़ा है और आयोग का बयान सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है।
मतदाताओं से पाठक की सीधी अपील
पाठक ने उत्तर प्रदेश की जनता से आग्रह किया कि जिन मतदाताओं के नाम सूची से छूट गए हैं, वे आगे आकर अपना नाम दर्ज कराएँ। उन्होंने स्वीकार किया, 'अगर कोई मतदाता छूट गया है, तो उनकी चिंता जायज है।' साथ ही उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अखिलेश यादव को चुनौती देते हुए कहा कि वे केवल बयानबाजी करने के बजाय ऐसे मतदाताओं को सामने लाएँ जिनके नाम वास्तव में काटे गए हों।
अयोध्या दीपोत्सव पर उत्साह
डिप्टी सीएम पाठक ने अयोध्या धाम में आयोजित होने वाले दीपोत्सव को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि 2017 से अयोध्या लगातार विश्व मानचित्र पर चमक रही है और इस वर्ष का आयोजन पिछले वर्ष से भी भव्य होगा। उन्होंने बताया कि उपराष्ट्रपति भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे। पाठक ने प्रदेशवासियों को दीपोत्सव, दिवाली, भाई दूज और गोवर्धन पूजा की शुभकामनाएँ दीं।
बाराबंकी सड़क हादसे पर दुख जताया
बाराबंकी के नयागांव, मसौली में हुई एक सड़क दुर्घटना — जिसमें लखनऊ से आ रहा एक टैंकर और गोंडा की ओर से आ रही एक गाड़ी आपस में टकरा गई — को लेकर पाठक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि सभी घायलों को जिला अस्पताल बाराबंकी भेज दिया गया है और उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) बाराबंकी को समुचित उपचार और निरंतर निगरानी के निर्देश दिए हैं।
आगे क्या
एसआईआर प्रक्रिया पर सपा और कांग्रेस की आपत्तियाँ उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राजनीतिक तनाव का संकेत देती हैं। भारत निर्वाचन आयोग का रुख और मतदाता सूची की अंतिम स्थिति आने वाले हफ्तों में इस विवाद की दिशा तय करेगी।