ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026: गौतमबुद्धनगर में हजारों वाहनों की जाँच, जेवर एयरपोर्ट पर विशेष सुरक्षा घेरा
सारांश
मुख्य बातें
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 को निर्विघ्न और सुरक्षित रूप से संपन्न कराने के लिए पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर ने 6 सितंबर से 14 सितंबर 2026 तक व्यापक बहु-स्तरीय सुरक्षा अभियान संचालित किया, जिसमें हजारों वाहनों की सघन जाँच, साइबर कैफे निरीक्षण और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों को सुरक्षित एस्कॉर्ट शामिल रहे। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में मेट्रो स्टेशनों, प्रमुख राजमार्गों और जेवर एयरपोर्ट पर विशेष सुरक्षा तंत्र स्थापित किया गया।
मुख्य घटनाक्रम और जाँच अभियान
8 सितंबर 2026 को कमिश्नरेट क्षेत्र के 35 मेट्रो स्टेशनों और 121 टैक्सी, ऑटो एवं बस स्टैंडों पर व्यापक चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान 2,102 वाहनों की सघन जाँच की गई, जिसमें 799 वाहन चालकों का चालान काटा गया और 32 वाहन सीज किए गए। इसके साथ ही 256 व्यक्तियों के विरुद्ध धारा 292 बीएनएसएस के तहत विधिक कार्रवाई की गई।
10 और 11 सितंबर को अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया गया — इन दो दिनों में 2,551 वाहनों के चालान काटे गए और 115 वाहन सीज किए गए। विभिन्न धाराओं में 9 अभियोग दर्ज हुए तथा 958 व्यक्तियों के विरुद्ध धारा 292 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई की गई।
13 सितंबर के विशेष अभियान में 1,582 वाहनों का चालान और 65 वाहन सीज किए गए। 6 अभियोग दर्ज हुए और 529 व्यक्तियों के खिलाफ धारा 292 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई की गई।
साइबर सुरक्षा पर विशेष ध्यान
12 सितंबर को पुलिस ने 192 साइबर कैफे की विशेष जाँच की। संचालकों को निर्देश दिए गए कि वे निर्धारित अभिलेखों का रखरखाव सुनिश्चित करें, आगंतुकों का सत्यापन अनिवार्य रूप से करें और साइबर सुरक्षा दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें। यह ऐसे समय में की गई पहल है जब बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के दौरान साइबर खतरों को लेकर सुरक्षा एजेंसियां विशेष सतर्कता बरतती हैं।
जेवर एयरपोर्ट पर विशेष सुरक्षा घेरा
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान रूसी प्रतिनिधिमंडल के आगमन को देखते हुए जेवर एयरपोर्ट पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई। एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में एयरक्राफ्ट पार्क किए गए और इनकी सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों की विशेष गार्ड तैनात की गई। अतिरिक्त सुरक्षा बल के रूप में पीएसी (PAC) की भी तैनाती की गई।
एयरपोर्ट के आउटर कार्डन में बाहरी सुरक्षा घेरे को मजबूत किया गया और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे सहित सभी प्रमुख मार्गों, प्रवेश और निकास बिंदुओं पर सघन चेकिंग की गई। प्रतिनिधियों के ठहरने की व्यवस्था ग्रेटर नोएडा और दिल्ली के होटलों में की गई थी और आवागमन के लिए पुलिस एस्कॉर्ट सुनिश्चित किया गया।
गौरतलब है कि 6 सितंबर को ब्रिक्स सदस्य एवं साझेदार देशों के ब्रिक्स मुख्य न्यायाधीश मंच-2026 के मुख्य न्यायाधीशों और प्रतिनिधिमंडलों के आवागमन के दौरान भी विशेष सुरक्षा प्रबंध किए गए थे।
युगांडा के उपराष्ट्रपति की यात्रा के दौरान व्यवस्था
14 सितंबर को युगांडा के उपराष्ट्रपति की दिल्ली से आगरा भ्रमण यात्रा के दौरान नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई। अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था), सभी पुलिस उपायुक्त, अपर पुलिस उपायुक्त, एसीपी और थाना प्रभारी स्वयं क्षेत्र में भ्रमणशील रहते हुए सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते रहे।
समन्वय और परिणाम
पुलिस के अनुसार, पूरे अभियान के दौरान विभिन्न इकाइयों के बीच प्रभावी समन्वय बनाए रखा गया। संवेदनशील स्थलों और प्रमुख मार्गों पर निरंतर पुलिस उपस्थिति तथा सघन जाँच के परिणामस्वरूप ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के संपूर्ण आयोजन के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सुचारु रही। यह अभियान भविष्य में इस क्षेत्र में होने वाले बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए एक सुरक्षा मॉडल के रूप में देखा जाएगा।