18 अगस्त 2026
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बुलंदशहर मंदिर चोरी गैंग का आरोपी हिमांशु मुठभेड़ में गिरफ्तार, पुलिस की जवाबी गोली से पैर घायल

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बुलंदशहर मंदिर चोरी गैंग का आरोपी हिमांशु मुठभेड़ में गिरफ्तार, पुलिस की जवाबी गोली से पैर घायल

सारांश

बुलंदशहर में मंदिर चोरी गिरोह के शातिर आरोपी हिमांशु को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। पैर में गोली लगने के बाद उसे अस्पताल भेजा गया। 25 से अधिक आपराधिक मामलों वाले इस आरोपी के दो साथी पहले ही जेल जा चुके हैं।

मुख्य बातें

हिमांशु पुत्र प्रहलाद को 19 मई 2026 को जहांगीराबाद, बुलंदशहर में पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया।
मुठभेड़ में पुलिस की जवाबी गोली से आरोपी के पैर में गोली लगी; अस्पताल में इलाज जारी।
आरोपी पर पहले से 25 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
बरामदगी में 400 ग्राम चांदी , एक चोरी की बाइक और एक अवैध असलहा शामिल।
गिरोह के दो अन्य सदस्य — अंकित और रसिक — पहले ही गिरफ्तार होकर जेल भेजे जा चुके हैं।
पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी के सामान के ठिकाने की तलाश में जुटी है।

बुलंदशहर के जहांगीराबाद थाना क्षेत्र में मंदिरों में चोरी करने वाले गिरोह के सक्रिय सदस्य हिमांशु को 19 मई 2026 को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया। मुठभेड़ के दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी और उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी पर पहले से 25 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।

मुठभेड़ की पूरी घटना

घटना जसर बम्बे पुलिया के पास हुई, जब पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि मंदिर चोरी गिरोह का सदस्य हिमांशु इलाके में सक्रिय है। चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस टीम ने एक संदिग्ध बाइक सवार को रोकने का संकेत दिया, तो आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी गोली चलाई, जिससे आरोपी के पैर में गोली लगी और वह घायल होकर गिर गया।

आरोपी की पहचान और आपराधिक पृष्ठभूमि

गिरफ्तार आरोपी की पहचान हिमांशु पुत्र प्रहलाद के रूप में हुई है, जो आहार थाना क्षेत्र के गांव सियाली नगर का निवासी है। पुलिस के अनुसार हिमांशु एक शातिर अपराधी है और उस पर पहले से 25 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके कब्जे से 400 ग्राम चांदी, एक चोरी की बाइक और एक अवैध असलहा बरामद किया गया है।

मंदिर चोरी गिरोह पर पुलिस की कार्रवाई

बुलंदशहर देहात के पुलिस अधीक्षक अंतरिक्ष जैन ने बताया, 'कुछ दिनों पहले जहांगीराबाद क्षेत्र में दो मंदिरों में चोरी हुई थी। चांदी का छत्र, चांदी का मुकुट, इनवर्टर बैटरी और नकदी चोरी हुई थी।' उन्होंने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सर्विलांस की मदद से गिरोह के दो अन्य सदस्यों — अंकित पुत्र सतपाल सिंह और रसिक पुत्र कमल सिंह — को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था।

एसपी जैन ने आगे बताया कि पूछताछ में दोनों ने हिमांशु के साथ कई अन्य चोरियों में शामिल होने की बात स्वीकार की, जिसके बाद हिमांशु की तलाश तेज की गई। यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में धार्मिक स्थलों पर चोरी की घटनाओं को लेकर पुलिस पर दबाव बढ़ा हुआ है।

बरामदगी और आगे की जांच

पुलिस ने इस मुठभेड़ को मंदिर चोरों के खिलाफ बड़ी सफलता बताया है। हिमांशु के दोनों साथी पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं। अब पुलिस इस गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और चोरी के सामान के ठिकाने का पता लगाने में जुटी है। गौरतलब है कि इस गिरोह की गतिविधियाँ एक से अधिक थाना क्षेत्रों में फैली हुई थीं, जो इसकी संगठित प्रकृति को दर्शाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सवाल यह है कि 25 से अधिक मामलों वाला यह आरोपी इतने लंबे समय तक सक्रिय कैसे रहा — यह पुलिस की पूर्व निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाता है। मंदिरों में बार-बार होती चोरियाँ और गिरोह की बहु-थाना क्षेत्रीय पहुँच यह संकेत देती है कि केवल गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं — गिरोह के नेटवर्क और चोरी के माल की खपत के रास्तों की जाँच भी उतनी ही ज़रूरी है।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बुलंदशहर में मंदिर चोरी गिरोह का आरोपी हिमांशु कौन है?
हिमांशु पुत्र प्रहलाद, आहार थाना क्षेत्र के गांव सियाली नगर का निवासी है और मंदिर चोरी गिरोह का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार उस पर पहले से 25 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
बुलंदशहर पुलिस मुठभेड़ में क्या हुआ?
19 मई 2026 को जसर बम्बे पुलिया के पास चेकिंग के दौरान आरोपी हिमांशु ने पुलिस पर फायरिंग की। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मंदिर चोरी गिरोह से क्या-क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 400 ग्राम चांदी, एक चोरी की बाइक और एक अवैध असलहा बरामद किया। इससे पहले जहांगीराबाद क्षेत्र के दो मंदिरों से चांदी का छत्र, मुकुट, इनवर्टर बैटरी और नकदी चोरी की गई थी।
इस गिरोह के अन्य सदस्यों का क्या हुआ?
गिरोह के दो अन्य सदस्य अंकित पुत्र सतपाल सिंह और रसिक पुत्र कमल सिंह को सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सर्विलांस की मदद से पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था और वे जेल भेजे जा चुके हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों की तलाश कर रही है।
बुलंदशहर में मंदिरों में चोरी की घटनाएँ क्यों बढ़ रही हैं?
पुलिस के अनुसार यह गिरोह संगठित तरीके से एक से अधिक थाना क्षेत्रों में सक्रिय था और धार्मिक स्थलों को जानबूझकर निशाना बनाता था। पुलिस अधीक्षक अंतरिक्ष जैन ने बताया कि तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर नेटवर्क की मदद से गिरोह को तोड़ा गया है।
राष्ट्र प्रेस
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