शाहदरा एएटीएस का बड़ा ऑपरेशन: अंतरराज्यीय वाहन चोर सदाब गिरफ्तार, 4 लग्जरी कारें बरामद
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के शाहदरा जिले की वाहन चोरी निरोधक दस्ता (एएटीएस) ने 6 मई 2025 को एक सुनियोजित ऑपरेशन में अंतरराज्यीय वाहन चोरी गिरोह का पर्दाफाश किया। कड़कड़ी मोड़ फ्लाईओवर के पास नाकेबंदी कर पुलिस ने आरोपी सदाब (35 वर्ष), निवासी मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश, को रंगे हाथों पकड़ा। उसकी निशानदेही पर 4 चोरी की लग्जरी कारें बरामद की गईं और दिल्ली, उत्तर प्रदेश व तेलंगाना में फैले एक सक्रिय वाहन चोरी नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ।
ऑपरेशन का घटनाक्रम
6 मई को एएटीएस शाहदरा को खुफिया सूचना मिली कि एक कुख्यात वाहन चोर चोरी की मारुति ब्रेजा लेकर हसनपुर डिपो मार्ग से शाहदरा की ओर आ रहा है। इंस्पेक्टर प्रतीक सक्सेना के नेतृत्व में टीम ने तत्काल नाकेबंदी की और सदाब को उसी चोरी की गाड़ी के साथ गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में सदाब ने कई वाहन चोरियों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने कुल 4 चोरी की कारें बरामद कीं — तीन मारुति ब्रेजा (दो सफेद, एक लाल) और एक मारुति बलेनो। इस ऑपरेशन से दिल्ली के दक्षिण-पूर्व, पूर्वी और शाहदरा जिलों के 4 वाहन चोरी के मामले सुलझ गए।
आरोपी का आपराधिक इतिहास
सदाब कोई साधारण अपराधी नहीं है। उसके विरुद्ध दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में कुल 16 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें अकेले दिल्ली के 7 मामले शामिल हैं। वह वाहन चोरी, आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास और गैंगस्टर एक्ट जैसे गंभीर अपराधों में पहले भी जेल जा चुका है।
गौरतलब है कि सदाब इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सहायता से कारों को चुराता था, नंबर प्लेट बदलकर उनकी पहचान छुपाता था और फिर इन्हें अन्य राज्यों में बेच देता था।
अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश
जाँच में सामने आया कि सदाब चोरी की गाड़ियाँ उत्तर प्रदेश और तेलंगाना के खरीदारों को सप्लाई करता था। पुलिस के अनुसार, इस नेटवर्क में डॉ. वाहिद (हापुड़), शमीम उर्फ पिल्ला (मेरठ) और वसीम कुरैशी (हैदराबाद) शामिल थे। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में वाहन चोरी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और अंतरराज्यीय गिरोह पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं।
पुलिस टीम और वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका
इस पूरे अभियान का नेतृत्व इंस्पेक्टर प्रतीक सक्सेना ने किया। टीम में हेड कांस्टेबल निशांत, नीरज, रोहित, अनुज, योगेंद्र और कांस्टेबल शुभम शामिल रहे। अभियान की निगरानी एसीपी मोहिंदर सिंह और डीसीपी शाहदरा ने की।
आगे की कार्रवाई
शाहदरा जिले के पुलिस उपायुक्त राजेंद्र प्रसाद मीणा (आईपीएस) ने कहा कि वाहन चोरी के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा तथा अंतरराज्यीय नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त करने के प्रयास जारी हैं। नेटवर्क के शेष सदस्यों की तलाश में दिल्ली पुलिस उत्तर प्रदेश और तेलंगाना पुलिस के साथ समन्वय कर रही है।