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क्या बिहार के बक्सर में जमीनी विवाद ने हिंसा का रूप ले लिया?

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क्या बिहार के बक्सर में जमीनी विवाद ने हिंसा का रूप ले लिया?

सारांश

बिहार के बक्सर जिले में एक पुराना भूमि विवाद हिंसक संघर्ष में बदल गया, जिसमें एक व्यक्ति की जान चली गई और कई लोग घायल हुए। यह घटना गांव में तनाव और भय का माहौल बना रही है। क्या कानून व्यवस्था इस संकट को संभाल पाएगी?

मुख्य बातें

भूमि विवाद ने एक व्यक्ति की जान ली।
छह लोग घायल हुए हैं।
पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।
स्थानीय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप।
घटना ने गांव में भय और तनाव का माहौल बना दिया।

पटना, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के बक्सर जिले के सिकरौल पुलिस थाना क्षेत्र के भाखवा गांव में बुधवार को दशकों पुराने भूमि विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। इस विवाद में एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।

इस घटना ने एक बार फिर गांव में भय और तनाव का माहौल पैदा कर दिया है।

पुलिस के अनुसार, सशस्त्र हमलावरों ने दिनदहाड़े संजय चौबे पर हमला किया, गोलियां चलाईं, और लाठियोंडंडों से ग्रामीणों पर हमला किया।

संजय चौबे की मौके पर ही गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि हमले में आधा दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

घायलों को बक्सर के सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

यह विवाद छह एकड़ जमीन को लेकर है, जो तीन दशकों से अधिक समय से दो गुटों के बीच संघर्ष का कारण बना है।

मृतक के पिता काशी नाथ चौबे का कन्हैया चौबे और गणेश चौबे के साथ लंबे समय से भूमि विवाद चल रहा था।

1991 में इसी विवाद के सिलसिले में काशी नाथ चौबे की हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद दोनों आरोपियों को अदालत ने दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

हाल ही में, कन्हैया चौबे और गणेश चौबे को पटना हाईकोर्ट ने जमानत पर रिहा कर दिया था और वे गांव लौट आए थे।

सूत्रों के अनुसार, अदालत से अपने पक्ष में फैसला मिलने के बाद वो बुधवार को विवादित जमीन पर खेती करने गए थे।

उसी दौरान आरोपी कथित तौर पर 20-25 समर्थकों के साथ एक स्कॉर्पियो गाड़ी में मौके पर पहुंचे और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।

गोलीबारी के बाद हमलावरों ने लाठियों और डंडों से ग्रामीणों पर हमला किया, जिससे कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।

सदर अस्पताल में मृतक के भाई धनंजय चौबे ने स्थानीय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि यही तो सुशासन का तथाकथित नियम है। दर्जनों बार फोन करने के बावजूद पुलिस समय पर घटनास्थल पर नहीं पहुंची। अगर पुलिस पहले पहुंच जाती तो मेरे भाई की जान बच सकती थी और दिनदहाड़े ऐसी घटना न घटित होती।

सूचना मिलते ही पुलिसकर्मी गांव पहुंचे और घटना की जांच शुरू की।

मौजूदा तनाव के बीच कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

बक्सर पुलिस ने एक आधिकारिक बयान में पुष्टि की कि भाखवा गांव के निवासी चार आरोपियों, कन्हैया चौबे, गणेश चौबे, जगबली चौबे और वशिष्ठ चौबे को घटना के चार घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तब तक समाज में तनाव और हिंसा का माहौल बना रहेगा। हमें चाहिए कि हम सामूहिक रूप से इस समस्या का समाधान निकालें और न्याय के लिए संघर्ष करें।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस घटना में कितने लोग घायल हुए?
इस घटना में छह लोग घायल हुए हैं।
क्या पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया?
हाँ, पुलिस ने चार आरोपियों को घटना के चार घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया।
भूमि विवाद का कारण क्या है?
यह विवाद छह एकड़ जमीन को लेकर है जो तीन दशकों से दो गुटों के बीच संघर्ष का कारण बना है।
क्या मृतक के परिवार ने प्रशासन पर आरोप लगाया?
हाँ, मृतक के भाई ने स्थानीय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
क्या यह घटना कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है?
हाँ, यह घटना कानून व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती है और इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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